शिव निवास पैलेस

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शिव निवास पैलेस उदयपुर के महाराणा का पूर्व निवास है। अत्यंत ही खुबसुरत दिखने वाला यह महल पिछोला झील के तट पर बसा है।

यह सिटी पैलेस, उदयपुर के दक्षिण में बसा हुआ एवं इसपर काम की शुरुआत महाराणा सज्जन शम्भू सिंह (१८८७-१८८४) के द्वारा की गयी थी। जिसका समापन उनके उत्तराधिकारी महाराणा फतेह सिंह के २०वी सदी के आरम्भ में किया गया।

अपने अतिथिशाला के दिनों में इसकी भव्यता देखते बनती थी एवं इसने कई पार्टिया आयोजित होती थी। इन शाही दावतों में विश्व के महत्वपूर्ण व्यक्ति सम्मिलत होते थे, जिसमे यूनाइटेड किंगडम के जॉर्ज व् एवं प्रिंस ऑफ़ वेल्स एडवर्ड्स भी थे।

१९५५ में जब भागवत सिंह मेवाड़ के राजा बने, तब उस समय इसको भव्यता को बनाये रखना शाही परिवार के लिए ये काफी मुश्किल सिद्ध हो रहा था। शाही परिवार के स्वामित्व में उस समय कई महल थे एवं उन सबकी भी भव्यता को कायम रखने में काफी परेशानी हो रही थी। उसी दौरान उन्होंने लेक पैलेस को उन्होंने होटल में परिवर्तित किया था जो अच्छी आय का माध्यम बन रहा था। इसको देखते हुए उन्होंने शिव निवास एवं फ़तेह प्रकाश पैलेस को विलासिता (लक्ज़री) होटल में बदलने का निर्णय लिया १९८२ में ४ वर्षों के लम्बी मेहनत के बाद शिव निवास पैलेस को होटल के तौर पर परिवर्तित कर दिया गया। शुरू से ही इसकी भव्यता लोगों को आकर्षित करती थी इसलिए जब इसे होटल के तौर पर खोला गया तब इसकी लोकप्रियता बढ़ने में ज्यादा दिन नहीं लगे। यहाँ पर रुकना एक राजसी अहसास के जैसा हैं और इतिहास के उन पलो में लौटना है। जब यहाँ राजा या रानी रहा करते थे, यही बात व्यक्ति को यहाँ वापस लौटने के लिए मजबूर करती है। इन सबके बाद पिछोला झील के तट पर बसा होना इसकी खूबसुरती में चार चाँद लगाता हैं।[1]

अवस्थिति[संपादित करें]

इस महल तक पहुंचे के यातायात के कई साधन उपलब्ध हैं एयरपोर्ट से इसकी दूरी २६ किलोमीटर की है। रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी ४ किलोमीटर हैं, एवं मुख्या बस अड्डे से इसकी दूरी १ किलोमीटर की है।[2]

होटल[संपादित करें]

इस होटल की वास्तुकला प्राचीन राजपूत शैली की हैं जो अपने वृहद महलों के लिए हमेशा से विख्यात रहा है। इसकी आतंरिक साज साज में हाथी दांत, मोतियों, गिलास मोसैक्स एवं फ्रेस्कोस पेंटिंग्स का प्रयोग किया है। इनमे से ज्यादातर खाजा उस्ताद एवं कुंदन लाल की कलाकृति हैं जिसे तत्कालीन महाराजा ने खास तौर इन चीज़ों को सीखने के लिए लंदन भेजा था। लंदन से उन्होंने गिलास-मोज़ेक डिज़ाइन एवं फ्रेस्को पेंटिंग सीखकर उन्होंने यहाँ उसका प्रयोग किया।[3]

Udaipur.in Shiv Niwas Palace - panoramio - SINHA (1).jpg

आरंभिक दिनों में इस होटल में ९ सुइट्स थे जो सभी भूमि तल पर ही थे। लेकिन होटल में जब इसे परिवर्तित किया जाने लगा तब इसके दुसरे माले में ८ अपार्टमेंट और जोड़े गए। वर्तमान में इस होटल में ३६ गेस्ट रूम हैं जो इस प्रकार है।

  • 19 डीलक्स रूम्स
  • 8 टेरेस सुइट्स
  • 6 रॉयल सुइट्स
  • 3 इम्पीरियल सुइट्स

जब से इसे होटल में परिवर्तित किया गया तब से यह कई मेहमानों की आगवानी हैं जिसमे संमिलित हैं महारानी एलिज़ाबेथ I, नेपाल नरेश, ईरान के शाह एवं जैकलिन कैनेडी एवं अन्य कई प्रसिद्ध व्यक्ति।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "शिव निवास पैलेस ,उदयपुर". http://www.hrhhotels.com. अभिगमन तिथि: २०१६-०२-१०. 
  2. "शिव निवास पैलेस उदयपुर स्थान". क्लिरट्रिप.कॉम. http://www.cleartrip.com/hotels/info/shiv-niwas-palace-52765. अभिगमन तिथि: २०१६-०२-१०. 
  3. क्रुम्प, विवियन; तोह, इरेने (१९९६). राजस्थान. लंदन: एवेरयमान गाइड्स. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ १-८५७१५-८८७-३.