शिवानन्दलहरी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

शिवानन्दलहरी आदि शंकराचार्य द्वारा विरचित शिव-स्तोत्र है। इसमें विभिन्न छन्दों के सौ श्लोक हैं। इसकी रचना आदि शंकर ने तब की थी जब वे श्रीशैलम में निवास कर रहे थे। यह मल्लिकार्जुन और भ्रमराम्बिका की स्तुति से आरम्भ होता है जो श्रीशैलम के अराध्य देवता हैं।