शान्तनु मोइत्रा
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शान्तनु मोइत्रा Shantanu Moitra | |
|---|---|
| पृष्ठभूमि | |
| जन्म | 22 जनवरी 1968 (संवत् २०२४ पौष शुक्ल सप्तमी)[1] लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत |
| पेशा | पियानोवादक, संगीतकार |
| वाद्ययंत्र | पियानो, गिटार, बास, लीड्स, कीबोर्ड, स्वर |
| सक्रियता वर्ष | १९९५ ई॰ (संवत् २०५२) से वर्तमान तक |
| वेबसाइट | www |
शान्तनु मोइत्रा (जन्म २२ जनवरी १९६८ ई॰ / संवत् २०२४ पौष शुक्ल सप्तमी) एक भारतीय पियानोवादक, संगीतकार और संगीतज्ञ हैं। उन्होंने हिन्दी फ़िल्म उद्योग के लिए अनेक गीतों की रचना की है। वे विशेष रूप से फ़िल्मों परिणीता (२००५ ई॰ / संवत् २०६२), हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी (२००५ ई॰ / संवत् २०६२), लगे रहो मुन्नाभाई (२००६ ई॰ / संवत् २०६३) और थ्री इडियट्स (२००९ ई॰ / संवत् २०६६) के संगीत के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके अतिरिक्त उनके निजी संगीत-एल्बम मन के मंजीरे और अब के सावन (गायिका शुभा मुद्गल द्वारा गाए गए) भी चर्चित रहे। सन् २०१४ ई॰ (संवत् २०७१) में उन्हें ना बंगारु तल्लि फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ।[2]
प्रारम्भिक जीवन और शिक्षा
[संपादित करें]शान्तनु का जन्म लखनऊ में हुआ। उनके पिता एक बंगाली ब्राह्मण संगीत परिवार से थे। वे बाल्यावस्था में ही अपने परिवार के साथ दिल्ली आ गए। प्रारम्भ में वे पश्चिमी दिल्ली के पटेल नगर में रहे और वहाँ स्प्रिंगडेल्स विद्यालय, पूसा रोड में अध्ययन किया। विद्यालय में वे एक बैंड के गायक और नेता थे। सन् १९८२ ई॰ (संवत् २०३९) में उनके बैंड ने विद्यालय का पहला रॉक शो प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा था — "सबसे अच्छा अनुभव तब हुआ जब विद्यालय ने मुझे संगीत में योगदान के लिए पुरस्कार दिया, जबकि उस समय हमारे विद्यालय में संगीत के लिए पुरस्कार देना सामान्य नहीं था। आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि उस पुरस्कार ने मेरे भीतर गहरा आत्मविश्वास जगाया।"[3]
उन्हें शहरी-लोक गायक सुष्मित बोस से भी प्रशिक्षण मिला, जो स्प्रिंगडेल्स के पूर्व छात्र थे और समय-समय पर आकर उन्हें सिखाते थे। बाद में वे दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में रहने लगे।[4][5]
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबन्धु महाविद्यालय, कालकाजी से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।[6]
कार्यजीवन
[संपादित करें]मोइत्रा ने अपने करियर की शुरुआत एक विज्ञापन संस्था में ग्राहक सेवा कार्यकारी के रूप में की, जबकि संगीत उनका शौक था। संयोगवश उन्हें एक विज्ञापन जिंगल बनाने का अवसर मिला, जब उस संस्था के क्रिएटिव प्रमुख प्रदीप सरकार ने अंतिम क्षण में उनसे जिंगल बनाने को कहा। यह जिंगल था — "बोले मेरे लिप्स, आई लव अंकल चिप्स" — जो तत्काल लोकप्रिय हो गया। इसके बाद उन्होंने अनेक विज्ञापन जिंगल बनाए।[7][8]
इसके पश्चात उन्होंने इंडी-पॉप एल्बमों के लिए संगीत रचना की, जिनमें अब के सावन, मन के मंजीरे (महिलाओं के सपनों पर आधारित एल्बम) और सपना देखा है मैंने (२००३ ई॰ / संवत् २०६०) सम्मिलित हैं।
सन् २००२ ई॰ (संवत् २०५९) में वे मुम्बई चले गए और सुधीर मिश्रा की फ़िल्म हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी के लिए संगीत रचना की, जो उनकी पहली फ़िल्म थी।[9] इसके बाद उन्होंने गीतकार स्वानन्द किरकिरे के साथ टीम बनाई और बावरा मन जैसे गीत दिए। परिणीता (२००५ ई॰ / संवत् २०६२) उनका पहला बड़ा बॉलीवुड प्रोजेक्ट था, जिसके निर्माता विधु विनोद चोपड़ा और निर्देशक प्रदीप सरकार थे।[10][11][12]
परिणीता के संगीत ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई। इसके लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार हेतु नामांकन मिला और उसी वर्ष उन्हें फ़िल्मफ़ेयर आर॰डी॰ बर्मन पुरस्कार भी मिला। सन् २००९ ई॰ (संवत् २०६६) में उन्होंने अपनी पहली बांग्ला फ़िल्म अन्तहीन का संगीत दिया।[13]
वह सा रे गा मा पा बांग्ला के दो सत्रों में निर्णायक भी रहे।[उद्धरण चाहिए] उन्होंने बांग्ला में फ़ेरारी मोन – मेमोरीज़ नामक पुस्तक भी लिखी।[उद्धरण चाहिए]
सन् २०१६ ई॰ (संवत् २०७३) में उन्होंने धृतिमान मुखर्जी के साथ हिमालय की १००-दिवसीय यात्रा की, जिसे १०० डेज़ इन हिमालयाज़ शीर्षक से यूट्यूब पर प्रस्तुत किया गया।[14]
प्रमुख कृतियाँ (चयनित)
[संपादित करें]संगीत निर्देशक के रूप में
[संपादित करें]| वर्ष | फ़िल्म | टिप्पणी |
|---|---|---|
| २००२ | प्यार की धुन | |
| २००२ | लीला | |
| २००५ | हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी | |
| २००५ | परिणीता | फ़िल्मफ़ेयर आर॰डी॰ बर्मन पुरस्कार (नवीन संगीत प्रतिभा) |
| २००५ | यहाँ | |
| २००५ | साढ़े सात फेरे | |
| २००५ | कल: यस्टरडे ऐंड टुमारो | |
| २००६ | लगे रहो मुन्नाभाई | |
| २००७ | खोया खोया चाँद | |
| २००७ | एकलव्य: द रॉयल गार्ड | |
| २००७ | लागा चुनरी में दाग | |
| २००८ | वेलकम टू सज्जनपुर | |
| २००९ | अन्तहीन | बांग्ला फ़िल्म |
| २००९ | फिर कभी | |
| २००९ | थ्री इडियट्स | |
| २०१० | वेल डन अब्बा | |
| २०१० | राजनीति | एक गीत – "इश्क़ बरसे" |
| २०१२ | कोक स्टूडियो २ | सत्र २, प्रकरण ७ |
| २०१२ | चक्रव्यूह | |
| २०१२ | कृष्ण और कंस | |
| २०१२ | शूबाइट | |
| २०१२ | पाँच अध्याय | बांग्ला फ़िल्म |
| २०१२ | अपराजिता तुमि | बांग्ला फ़िल्म |
| २०१३ | इनकार | |
| २०१३ | मद्रास कैफ़े | |
| २०१३ | ना बंगारु तल्लि | द्विभाषी (तेलुगु और मलयालम) |
| २०१४ | बुनो हाँश | बांग्ला फ़िल्म |
| २०१४ | बॉबी जासूस | |
| २०१४ | पीके | |
| २०१६ | वज़ीर | |
| २०१६ | पिंक | |
| २०१६ | गुलज़ार इन कन्वर्सेशन विद टैगोर | हिन्दी संगीत एल्बम |
| २०१८ | अक्टूबर | |
| २०१९ | आधार | |
| २०२० | गुलाबो सिताबो | एक गीत – "कंजूस" |
| २०२१ | कादन | त्रिभाषी (हिन्दी, तमिल, तेलुगु) |
| २०२१ | सरदार उधम | |
| २०२२ | शेरदिल | सभी गीत |
| २०२३ | लॉस्ट | |
| २०२३ | १२वीं फ़ेल | |
| २०२३ | कड़क सिंह | |
| २०२३ | प्रधान | बांग्ला फ़िल्म |
| २०२६ | केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात † | सभी गीत |
पार्श्वगायक के रूप में
[संपादित करें]| वर्ष | फ़िल्म | गीत | संगीतकार | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|
| २००९ | थ्री इडियट्स | "बहती हवा सा था वो" | शान्तनु मोइत्रा | |
| २०१३ | इनकार | "मौला तू मालिक है" | शान्तनु मोइत्रा |
पृष्ठभूमि संगीतकार के रूप में
[संपादित करें]| वर्ष | फ़िल्म | टिप्पणी |
|---|---|---|
| २००९ | थ्री इडियट्स | संजय वांडरकर और अतुल राणिंगा के साथ; सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत हेतु आई॰आई॰एफ॰ए॰ पुरस्कार |
| २०१३ | एंटे | मलयालम फ़िल्म |
| २०१३ | ना बंगारु तल्लि | सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत हेतु राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार |
| २०१८ | अक्टूबर | |
| २०२० | गुलाबो सिताबो | |
| २०२१ | सरदार उधम | |
| २०२३ | लॉस्ट | |
| २०२३ | १२वीं फ़ेल |
पुरस्कार
[संपादित करें]- राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत निर्देशन (ना बंगारु तल्लि, २०१३ ई॰ / संवत् २०७०)
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार — आर॰डी॰ बर्मन पुरस्कार (परिणीता, २००६ ई॰ / संवत् २०६३)
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत (सरदार उधम, २०२२ ई॰ / संवत् २०७९)
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार बांग्ला — सर्वश्रेष्ठ संगीतकार (प्रजापति बिस्कुट, २०१८; प्रेम टेम, २०२२)
- मिर्ची संगीत पुरस्कार — वर्ष का पृष्ठभूमि संगीत (मद्रास कैफ़े, २०१३)
- अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी पुरस्कार — वर्ष का पृष्ठभूमि संगीत (थ्री इडियट्स, २००९)
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Hindustan Times, Brunch, 5 August 2012, p. 22.
- ↑ "Naa Bangaru Talli" wins three national awards – Telugu Movie News
- ↑ "A musical high". मूल से से 6 March 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 17 January 2013.
- ↑ Sharing Notes: Musician Shantanu Moitra can claim credit for having popularised rock in his school[मृत कड़ियाँ] Indian Express, 10 July 2004.
- ↑ Shantanu Moitra, before Parineeta Rediff.com, 3 September 2007.
- ↑ Thank an ad crisis for Parineeta's music Rediff.com, 9 June 2005.
- ↑ Thank an ad crisis for Parineeta's music Rediff.com, 9 June 2005.
- ↑ Shantanu Moitra on remixes Archived 19 अक्टूबर 2007 at आर्काइव डॉट टुडे IndiaFM, 10 August 2006.
- ↑ Melody: Tracing the history of Hindi film music from 1931[मृत कड़ियाँ] Screen, 2005.
- ↑ Bohemian Rhapsody: Parineeta's success hasn't changed music composer Shantanu Moitra's pace or lifestyle Indian Express, 7 August 2005.
- ↑ The man and his music: Shantanu Moitra talks about composing music for the upcoming film, “Laga Chunari Mein Daag” The Hindu, 5 October 2007.
- ↑ ...But for everything I had to impress Vidhu Vinod Chopra first... Archived 27 मार्च 2008 at the वेबैक मशीन musicindiaonline.com.
- ↑ It's a dream debut: Shantanu Moitra: The Parineeta composer talks about his first Bengali film Archived 26 फ़रवरी 2009 at the वेबैक मशीन Buzz18, 12 January 2009.
- ↑ "In Photos: The Second Dispatch From Project #100DaysInHimalayas". Your Site NAME Goes HERE. अभिगमन तिथि: 2020-05-20.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- शान्तनु मोइत्रा, आधिकारिक जालस्थल
- इंटरनेट मूवी डेटाबेस पर शान्तनु मोइत्रा
- शान्तनु मोइत्रा समाचार लेख
साँचा:Shantanu Moitraसाँचा:National Film Award Best Music Direction
- साँचे के कॉल्स में नकली तर्कों का उपयोग करने वाले पृष्ठ
- लेख जिनमें February 2023 से मृत कड़ियाँ हैं
- वेबआर्काइव टेम्पलेट आर्काइवइस कड़ियाँ
- लेख जिनमें November 2024 से मृत कड़ियाँ हैं
- लेख जिनमें April 2018 से स्रोतहीन कथन हैं
- हिन्दी फ़िल्म संगीतकार
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता
- बंगाली संगीतकार
- जीवित लोग
- 1968 में जन्मे लोग