शहीदी जोड़ मेला

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शहीदी जोड़ मेला सिख्खों के ऐतिहासिक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब, पंजाब पर हर साल आयोजित किया जाने वाला एक समागम है जो गुरु गोबिंद सिंह के छोटे बेटों ,जिनको सिख इतिहास में छोटे साहिबजादे कहा जाता है, की शहीदी दिवस की याद में आयोजित किया जाता है।यह समागम हर साल 26 से 28 दिसंबर को किया जाता है।

पृष्ठभूमि[संपादित करें]

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह उस समय सरहिंद के गवर्नर वजीर खान ने कैद कर लिए थे और उनको ज़बरदस्ती इस्लाम कबूल करने का दबाव डाला जाने लगा था। परन्तु उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था जिससे नाराज़ हो कर उन्हें 26 दिसंबर 1705 को जिंदा दीवारों में चिन दिया गया था। [1] इस घटना की याद में अब वहां एक गुरुद्वारा बना हुआ है। [2]

चित्रावली[संपादित करें]

शहीदी जोड़ मेले पर जाने वाली संगतों के लिए गाँव गाँव लगाए जाने वाले लंगरों की तस्वीरें (26 दिसंबर 2016)

संधर्भ[संपादित करें]