शतपथ ब्राह्मण

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शतपथ ब्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद का ब्राह्मणग्रन्थ है। ब्राह्मण ग्रन्थों में इसे सर्वाधिक प्रमाणिक माना जाता है। इसे याज्ञवल्क्य ने लिखा है |

रचना[संपादित करें]

भाषाई रूप से, शतपथ ब्राह्मण वैदिक संस्कृत की ब्राह्मण काल के बाद के हिस्से से संबंधित है (यानी लगभग 8 वीं से 6 वीं शताब्दी ईसा पूर्व, आयरन एज इंडिया)।

शतपथ ब्राह्मण में गणित[संपादित करें]

शुल्बसूत्रों की तरह शतपथ ब्राह्मण में भी यज्ञ की वेदियाँ तथा अन्य ज्यामितीय रचनाएँ बनाने की विधियाँ दी गयीं हैं।और यह समाज मे

सन्दर्भ[संपादित करें]

सथपथ ब्राह्मण में शुक्ल यजर्वेद की बहुत सारी बातें बताई गई है जिसमें से यज्ञ हवन विधि , ज्ञानवर्धक बातें , पूजा विधि और जीवन जीने के भी उपाय बताए गए हैं।मनुष्य के जीवन में बहुत सारी समस्याओं का समाधान इस ग्रंथ में बताई गई है जिसको एक साधारण मनुष्य भी अपनाकर अपनी जीवन शैली बदलकर केवल इस भवसागर से मुक्ति पा ही सकता है साथ ही साथ मोक्ष का भी उत्तराधिकरी बन सकता है।

बाह्य संदर्भ[संपादित करें]