व्यवहारवादी नीतिशास्त्र

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व्यवहारवादी नीतिशास्त्र की चर्चा जॉन डूई (चित्रित) ने की थी

व्यवहारवादी नीतिशास्त्र मानदण्डक दार्शनिक नीतिशास्त्र का एक सिद्धान्त हैं। नीतिशास्त्रीय व्यवहारवादी, जैसे कि जॉन डूई मानते हैं कि, कुछ समाज ने उसी तरह नैतिक रूप से प्रगति की हैं, जैसे उन्होंने विज्ञान में प्रगति प्राप्त की हैं।

मानदण्डक नीतिशास्त्र के विपरीत[संपादित करें]

व्यवहारवाद से सम्बन्ध[संपादित करें]

आलोचनाएँ[संपादित करें]

नैतिक इकोलॉजी[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]