वेणु बाप्पु
दिखावट
| वेणु बाप्पु | |
|---|---|
| जन्म |
10 अगस्त 1927 चेन्नई |
| मौत |
19 अगस्त 1982 म्यूनिख |
| नागरिकता |
भारत, ब्रिटिश राज, भारतीय अधिराज्य |
| शिक्षा |
हार्वर्ड विश्वविद्यालय |
| पेशा |
खगोल विज्ञानी |
| पुरस्कार |
शांति स्वरूप भटनागर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विज्ञान व अभियांत्रिकी में पद्म भूषण |
वेणु बाप्पु (Manali Kallat Vainu Bappu ; 10 अगस्त 1927 – 19 अगस्त 1982) भारत के खगोलविद थे। वे अनतरराष्ट्रीय खगोल संघ के अध्यक्ष रहे। उन्होने भारत में अनेकों खगोलीय संस्थानों की स्थापना में मदद की जिनमें वेणु बाप्पु वेधशाला, तथा भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान आदि प्रमुख हैं। 1957 में उन्होने एक परिघटना की खोज की जिसे विल्सन-बाप्पु प्रभाव' कहते हैं।
उन्हें आधिनिक भारतीय खगोलविद्या का जनक माना जाता है।
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| यह लेख एक आधार है। जानकारी जोड़कर इसे बढ़ाने में विकिपीडिया की मदद करें। |