वेंकट माधव

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धर्म के साथ प्रकृति का गहरा संबंध रहा है। और ये सिद्ध होता है मेरा मानना ये है बहुत गहरा। मेरा मत किसी धर्म को मान्यता नही देता की वो पूर्ण है। इंसान की प्रवर्ति रही है प्रगति और प्रगति के साथ धर्म ने प्रगति नही की वो जटिल हो रहा है। मेरी जिज्ञाषा ही मेरा मार्ग है। और प्रकृति इस की अनुमति देती है। में सिद्धान्त की बात करुगा और सिद्धान्त सिर्फ अध्यन से बनता है। हिन्दू धर्म विलय हो रहा है हिंसक हो रहा है इस में प्रगति रुक चुकी है। धर्म योगी कम भोगी ज्यादा है।