वृद्धावस्था

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Portrait of an Old Man Northern India

वृद्धावस्था या बुढापा जीवन की उस अवस्था को कहते हैं जिसमें उम्र मानव जीवन की औसत काल के समीप या उससे अधिक हो जाती है। वृद्ध लोगों को रोग लगने की अधिक सम्भावना होती है। उनकी समस्याएं भी अलग होती हैं। वृद्धावस्था एक धीरे-धीरे आने वाली अवस्था है जो कि स्वभाविक व प्राकृतिक घटना है। वृद्ध का शाब्दिक अर्थ है बढ़ा हुआ, पका हुआ, परिपक्व। जीवन के साधारण पैसठ वर्ष से मृत्यु तक (65 वर्षे ते मृत्यू) यह कालखंड रहता है। शरीर की अन्य अवस्था अनुसार वृद्धावस्था की शुरुआत होने की आयु स्थल, काल व सामाजिक परीस्थिती इनके अनुसार बदलती है।

इस काल में त्वचा पर झुर्रियां पडती है। शरीर की विविध संस्था ठीक ढंग से काम नही करती है। शरीर रोग व बिमार पडने री संभावना ज्यादा होती है। इस अवस्था के बाद, व्यक्ति की मृत्यु आती है।

समस्या वृद्धावस्था में लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पडता है। शरीर के अनेक अवयव कमजोर हो जाते हैं। इसी के साथ कुटुंब के अनेक व्यक्तियों की खरी खोटी सुननी पडती है। अंधत्व, दाँत गिरना, सुनाई कमी देना, व्यक्ती को पहचानने में मी मुश्किल अाना ऐसी अनेक समस्यांओ का सामना करना पडता है।

वृद्धावस्था में सावधानी जगभर में वृद्धों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है।उनकी अनेक समस्याएँ है। इस पर उत्तर खोजने के लिए अनेक संस्था भारत में कार्य कर रही हैं। Tata Institute of social Sciences इस संस्था ने Geriatric Care Provider के लिए अच्छा प्रशिक्षण शुरू किया है। औरंगाबाद में डॉ.हेडगेवार रुग्णालय में आस्था फौंडेशन ने यह प्रशिक्षण शुरू किया है। अब तक ३५ विद्यार्थी यह प्रशिक्षण लेकर काम कर रहे हैं।


== सन्दर्भ == वृद्धावस्था में प्रत्येक मनुष्य की ऊँचाई 2 से 5 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

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