विश्व की स्तनधारी प्रजातियाँ
| संपादक | डॉन ई. विल्सन और डीएन एम. रीडर |
|---|---|
| विषय | प्राणी विज्ञान, स्तनधारी विज्ञान, वर्गिकी |
| शैली | वैज्ञानिक संदर्भ ग्रंथ |
| प्रकाशक | जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी प्रेस |
| प्रकाशन तिथि | 2005 (तीसरा संस्करण) |
| पृष्ठ | 2,142 (दो खंडों में) |
विश्व की स्तनधारी प्रजातियाँ (अंग्रेज़ी: Mammal Species of the World), जिसे संक्षेप में MSW कहा जाता है, प्राणी विज्ञान के क्षेत्र में एक अत्यंत प्रतिष्ठित और मानक संदर्भ ग्रंथ है। यह ग्रंथ दुनिया भर में पाई जाने वाली सभी ज्ञात स्तनधारी प्रजातियों के वर्गीकरण, नामकरण और भौगोलिक वितरण का सबसे व्यापक और आधिकारिक दस्तावेज़ है। वैश्विक स्तर पर जीवविज्ञानियों, संरक्षणवादियों और शोधकर्ताओं द्वारा इसका उपयोग स्तनधारियों के वैज्ञानिक नामों और उनकी वर्गिकी को प्रमाणित करने के लिए किया जाता है।[1]
प्रकाशन का इतिहास और संस्करण
[संपादित करें]स्तनधारियों के वर्गीकरण में एकरूपता लाने के उद्देश्य से इस ग्रंथ के अब तक तीन प्रमुख संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं:
- पहला संस्करण (1982): इसका संपादन जे. एच. होनकी और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया था। यह पहली बार था जब दुनिया भर की स्तनधारी प्रजातियों की एक व्यापक सूची एक ही स्थान पर संकलित की गई थी।[2]
- दूसरा संस्करण (1993): इसे डॉन ई. विल्सन और डीएन एम. रीडर द्वारा संपादित किया गया, जिसमें नई खोजी गई प्रजातियों और आनुवंशिक शोधों के आधार पर वर्गीकरण में कई सुधार किए गए।
- तीसरा संस्करण: यह सबसे प्रसिद्ध और वर्तमान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला संस्करण है। दो विशाल खंडों में प्रकाशित इस संस्करण में 136 स्तनधारी परिवारों और 5,416 से अधिक प्रजातियों का विस्तृत विवरण दर्ज़ है।
संरचना और विषयवस्तु
[संपादित करें]'मैमल स्पीशीज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' को मुख्य रूप से स्तनधारियों के वैज्ञानिक वर्गीकरण के पदानुक्रम - गण, कुल, वंश, और अंत में प्रजाति - के अनुसार व्यवस्थित किया गया है। पुस्तक में सूचीबद्ध प्रत्येक प्रजाति के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई है:
- वैज्ञानिक नाम और लेखक: प्रजाति का वर्तमान स्वीकृत लैटिन नाम और उस वैज्ञानिक का नाम जिसने सबसे पहले इसका वर्णन किया था।
- प्रारूप स्थान: वह सटीक भौगोलिक स्थान जहाँ से इस प्रजाति का पहला प्रामाणिक नमूना खोजा गया था।
- भौगोलिक वितरण: दुनिया के किन देशों या क्षेत्रों में यह प्रजाति प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।
- समानार्थी शब्द: वर्गीकरण के इतिहास में इस प्रजाति को दिए गए अन्य सभी पुराने या अमान्य नाम।[3]
वैश्विक मान्यता और डिजिटल उपलब्धता
[संपादित करें]इस ग्रंथ की वैज्ञानिक प्रामाणिकता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ अपनी प्रसिद्ध 'लाल सूची' तैयार करते समय स्तनधारियों के नामकरण के लिए मुख्य रूप से इसी ग्रंथ को आधार मानता है। इसके अतिरिक्त, (वन्यजीवों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन) जैसी वैश्विक संस्थाएँ भी इसी के वर्गीकरण का पालन करती हैं।[4]
शोधकर्ताओं और छात्रों की सुविधा के लिए, तीसरे संस्करण (2005) का पूरा डेटाबेस अमेरिका के बकनेल विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन होस्ट किया गया है, जहाँ इसे मुफ्त में खोजा और पढ़ा जा सकता है। वर्तमान में इस ग्रंथ के चौथे संस्करण पर कार्य चल रहा है, जिसमें डीएनए अनुक्रमण के कारण खोजी गई नई प्रजातियों को शामिल किया जाएगा।[5]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Wilson, Don E.; Reeder, DeeAnn M. (2005). Mammal Species of the World: A Taxonomic and Geographic Reference (3rd ed.). Johns Hopkins University Press. pp. Preface (xxi-xxv). ISBN 978-0801882210.
- ↑ Honacki, James H. (1982). Mammal Species of the World: A Taxonomic and Geographic Reference. Allen Press and Association of Systematics Collections. pp. 1-5. ISBN 978-0942924008.
- ↑ "Mammal Species of the World (Online Database)". Bucknell University.
- ↑ "Taxonomic Sources and Standard References". IUCN Red List of Threatened Species. अभिगमन तिथि: 21 जून 2026.
- ↑ Schlitter, Duane A. (2006). "Review of Mammal Species of the World: A Taxonomic and Geographic Reference". Journal of Mammalogy. 87 (1): 149–151.