"यूनियन कार्बाइड" के अवतरणों में अंतर

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[[Image:BHOPAL (231583728).jpg|thumb|यूनियन कार्बाइड के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग]]
भोपाल गैस त्रासदी एक [[औद्योगिक दुर्घटना]] थी जो भारत के राज्य मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में यूनियन कार्बाइड, के एक कीटनाशक संयंत्र में घटी थी। 3 दिसंबर 1984, की आधी रात को कम्पनी के संयंत्र से अकस्मात हुए विषाक्त मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस और अन्य रसायनो के रिसाव की चपेट में संयंत्र के आसपास के इलाकों में रहने वाले लगभग 500000 लोग आये थे। पहली आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार तत्काल मरने वालों की संख्या 2259 थी। मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार कुल 3787 व्यक्तियों की मृत्यु गैस के रिसाव के परिणामस्वरूप हुई थी।<ref>http://www.mp.gov.in/bgtrrdmp/relief.htm</ref> गैर सरकारी अनुमानो के अनुसार 8,000-10,000 व्यक्तियों की मौत गैस रिसाव के 72 घंटे के भीतर हो गई थी, और लगभग 25,000 व्यक्ति अब तक गैस से संबंधित बीमारियों से मर चुके हैं। 40,000 से अधिक स्थायी रूप से विकलांग, अंधे और अन्य गैस व्याधियों से ग्रसित हुए थे, सब मिला कर 521.000 लोग गैस से प्रभावित हुए।<ref name="Eckerman2001">Eckerman (2001).</ref><ref name="Eckerman2004">Eckerman (2004).</ref><ref>[http://www.sscnet.ucla.edu/southasia/History/Current_Affairs/Bhopal_indepindia.html Vinay Lal, ''Bhopal and the Crime of Union Carbide''. ucla.edu.]</ref>
 
== हॉक्स नेस्ट सुरंग आपदा ==
हॉक्स नेस्ट सुरंग आपदा सन 1927 और 1932 के बीच [[पश्चिम वर्जीनिया]] [[सुरंग]] [[परियोजना]] में घटी थी, जिसे यूनियन कार्बाइड के नेतृत्व में बनाया जा रहा था। सुरंग के निर्माण के दौरान श्रमिकों को [[सिलिका]] [[खनिज]] मिला और उन्हें उसका खनन करने का आदेश मिला। इस सिलिका का प्रयोग [[इस्पात]] के वैद्युतप्रसंस्करण में होना था। [[खनिक|खनिकों]] को [[खनन]] के दौरान सुरक्षा उपकरण जैसे कि नकाब (मास्क) या श्वसन यंत्र नहीं प्रदान किए गये। सिलिका की धूल के संपर्क में आने से कई खनिकों को एक कमजोर फेफड़ों की बीमारी [[सिलिकोसिस]] हो गयी। निर्माण स्थल के एक ऐतिहासिक संदेश पट्टिका के अनुसार, सिलिकोसिस 109 मौतों के लिए जिम्मेदार थी। एक कॉंग्रेशनल सुनवाई के अनुसार मरने वालों की संख्या 476 थी।
 
== संदर्भ ==

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