"मीणा": अवतरणों में अंतर

नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
623 बाइट्स जोड़े गए ,  6 माह पहले
छो
1.39.192.16 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव को 2409:4042:2E87:49D9:B81B:4BFF:FE51:460B के बदलाव से पूर्ववत किया
No edit summary
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
छो (1.39.192.16 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव को 2409:4042:2E87:49D9:B81B:4BFF:FE51:460B के बदलाव से पूर्ववत किया)
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना SWViewer [1.4]
 
== मीणाओं का आरम्भिक परिचय ==
मीणा मुख्यतया भारत के राजस्थान राज्य में निवास करने वाला एक आदिवासीदलित समुदाय है। मीणा जाति भारतवर्ष की प्राचीनतम जातियों में से मानी जाती है । वेद पुराणों के अनुसार मीणा जाति मत्स्य और मीन मीणा जनजातिशूद्रजाति का गण चिन्ह है। इस दिन को मीना समाज जहां एक ओर मत्स्य जयन्ती के रूप में मनाया जाता है वहीं दूसरी ओर इसी दिन संम्पूर्ण राजस्थान में गणगौर का त्योहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। मीणा जाति का गणचिह्न मीन (मछली) था। मछली को संस्कृत में मत्स्य कहा जाता है। प्राचीनकाल में मीना जाति के राजाओं के हाथ में वज्र तथा ध्वजाओं में मत्स्य का चिह्न अंकित होता था, इसी कारण से प्राचीनकाल में मीणा जाति को मत्स्य माना गया।
 
प्राचीन ग्रंथों में मत्स्य जनपद का स्पष्ट उल्लेख है जिसकी राजधानी विराट नगर थी,जो अब जयपुर वैराठ है। इस मस्त्य जनपद में अलवर,भरतपुर एवं जयपुर के आस-पास का क्षेत्र शामिल था। आज भी मीना लोग इसी क्षेत्र में बहुत अधिक संख्या में रहते हैं।
 
आक्रमण के वर्षों के दौरान,और 1868 के भयंकर अकाल में, तबाह के तनाव के तहत कई समुह बने। एक परिणाम के रूप मे भूखे परिवारों को जाति और ईमानदारी का संदेह का परित्याग करने के लिए पशु चोरी और उन्हें खाने के लिए मजबूर होना पड़ा ।
 
विषय सूची
 
1 वर्ग
 
2 मीणा जाति के प्रमुख राज्य निम्नलिखित थे
 
3 मीणा राजाओं द्वारा निर्मित प्रमुख किले
 
4 मीणा राजाओं द्वारा निर्मित प्रमुख बावड़ियां
 
5 मीणा राजाओं द्वारा निर्मित प्रमुख मंदिर:
 
6 मीणा समुदाय में उल्‍लेखनीय व्‍यक्ति
 
== मीणा समाज की शाखाएँ ==
43

सम्पादन

नेविगेशन मेन्यू