"भगवान": अवतरणों में अंतर

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वा=वास
न=नित्य, जिसे हमेस ध्यान करने का मन करता है
भगवान की परिभाषा एक और है जो की समस्त प्रजाति पर लागू होती है भगवान शब्द पांच तत्वों से मिलकर बना होता है और हमारा शरीर में पांच तत्वों से होना होता है जो एक जैसे हैं भगवान का अर्थ होता है जो हमेशा देता है और लेता नहीं उसे भगवान कहते हैं भगवान सबके हर अक्षर का एक अलग मतलब होता है।
जैसे -
भ-भूमि
ग-गगन
व-बायु
अ-अग्नि
न -नीर (पानी)
 
== संज्ञा ==
गुमनाम सदस्य

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