"वसीम रिजवी": अवतरणों में अंतर

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जब उनके सामाजिक संबंध अच्छे होने लगे तो उन्होंने नगर निगम का चुनाव लड़ने का फैसला किया। यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरूआत हुई। इसके बाद वो वक्फ बोर्ड के सदस्य बने और उसके बाद चेयरमैन के पद तक पहुंचे। वो लगभग दस सालों तक बोर्ड में रहे।<ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/amp/delhi-ncr/who-is-waseem-rizvi-know-about-uttar-pradesh-shia-waqf-chief-waseem-rizvi|title=कौन हैं वसीम रिजवी, जिन्होंने बार-बार की अयोध्या में राम मंदिर बनाने की वकालत|publisher=[[अमर उजाला]]|access-date=9 जनवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190110015325/https://www.amarujala.com/amp/delhi-ncr/who-is-waseem-rizvi-know-about-uttar-pradesh-shia-waqf-chief-waseem-rizvi|archive-date=10 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
 
अपने बयानों और कार्यशैली की वजह से जितेंद्र हमेशा विवादों में रहे। इनके खिलाफ कई मुकदमे भी लखनऊ में दर्ज हैं। जितेंद्र के भाई पहले ही उनसे रिश्ता तोड़ चुके हैं। जितेंद्र ने दो शादियां की हैं। दोनों पत्नियां अलग रहती हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटा पढ़ाई कर रहा है। हाल में ही जितेंद्र के चालक की पत्नी ने उनपर दुष्कर्म, धमकी और अश्लील वीडियो बनाकर शारीरिक शोषण की एफआईआर भी दर्ज कराई थी।है।<ref>{{Cite web|url=https://janjwar.com/national/wasim-rizvi-alias-jitendra-tyagi-difficulties-increased-shia-waqf-board-ki-sadasyata-khatre-mein-uttar-pradesh-latest-news-791861|title=वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी की बढ़ी मुश्किलें, शिया वक्फ बोर्ड की सदस्यता खतरे में|last=Desk|first=Janjwar|date=2021-12-11|website=janjwar.com|language=en|access-date=2021-12-13}}</ref>
 
==राजनीतिक कैरियर==
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