"मौर्य राजवंश" के अवतरणों में अंतर

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मौर्य प्राचीन क्षत्रिय कबीले के हिस्से रहे है। ब्राह्मण साहित्य, विशाखदत्त कृत व यूनानी स्रोतों के अनुसार मौर्य क्षत्रिय चंद्रवंशी राजवंश है।
 
;मौर्य के क्षत्रियनाई होने के प्रमाण-
 
1.बौद्ध धर्म ग्रंथ
3.हिन्दू धर्म ग्रंथ
 
4.सम्राट अशोक के शिलालेख में लिखा है "मैं उसी जाति में पैदा हुआ हूं जिसमें स्वंय बुद्ध पैदा हुए। बुद्ध की जाति की प्रामाणिकता हो चुकी है कि वो क्षत्रियनाई कुल में पैदा हुए थे ।
 
5.सम्राट बिंदुसार के इतिहास की जानकारी जिस दिव्यवदान पुस्तक में लिखा है वो क्षत्रियनाई कुल में पैदा हुए है ।
 
6.सबसे सीधा और सरल प्रमाण यह है कि स्वंय चाणक्य कट्टरवादी ब्राह्मण थे वो कभी भी किसी शूद्र को न अपना शिष्य बनाते और न ही चन्द्रगुप्त को राजा बनने में मदद करते।
 
7.हिन्दू ग्रन्थ विष्णु पुराण और स्कन्द पुराण के अनुसार शाक्य सूर्यवंशचन्द्रवंस से सम्बंधित क्षत्रियनाई है और चन्द्रगुप्त के पूर्वज इसी वंश से सम्बंधित थे और इसीलिए वो भी क्षत्रियनाई है।
 
8.चन्द्रगुप्त को शूद्र केवल एक ही प्राचीन साहित्य मुद्राराक्षस में लिखा है जो की एक नाटक है और ये गुप्तकाल में विशाखदत्त द्वारा लिखी गयी है।
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