"मास्लो पिरामिड" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
3 बैट्स् नीकाले गए ,  3 माह पहले
सम्पादन सारांश रहित
छो (2401:4900:463F:3C39:A45A:BF12:72B:926A (Talk) के संपादनों को हटाकर 2401:4900:4453:4CFF:4F1F:7352:90F6:5E04 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
 
{{आधार}}
[[चित्र:Maslow's hierarchy of needs.svg|right|thumb|300px|मास्लो द्वारा प्रतिपादित आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धान्त या मांग-पूर्ति सिद्धान्त]]
'''मास्लो पिरामिड''' या '''मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम''' (hierarchy of needs) [[अब्राहम मास्लो]] द्वारा प्रतिपादित एक मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त है जो उन्होने 'ए थिअरी ऑफ ह्यूमन मोटिवेशन' नामक अपने ग्रन्थ में १९५४ (1954)में प्रस्तुत किया था। मैसलो वह प्रथम ममनोवैज्ञानिकमनोवैज्ञानिक है, जिसने "आत्मसिद्धि" प्रत्यय का अध्ययन किया। सिद्धान्त न केवल मनोविज्ञान के क्षेत्र में, बल्कि विज्ञापन के क्षेत्र में भी प्रसिद्ध हुआ। मनुष्य की आवश्यकताएं असीमित हैं अपने इस सिद्धान्त में मास्लो ने मानव आवश्यकताओं के कई स्तर बताये जो ये हैं-
1 व्यक्तिगत आवश्यकता:-A दैहिक आवश्यकता , B सुरक्षा आवश्यकता ।
2 सामाजिक आवश्यकता:-A समबद्धता एवं स्नेह की आवश्यकता, B सम्मान की आवश्यकता ।
बेनामी उपयोगकर्ता

दिक्चालन सूची