"राष्ट्रपाल" के अवतरणों में अंतर

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[[चित्र:राष्ट्रपाल डी़ इंगले.jpg|अंगूठाकार|राष्ट्रपाल डी़ इंगले.jpg]]
 
राष्ट्रपाल डी. इंगले ये एक सामान्य व्यक्तीत्व है.जो ऊनका जन्म महाराष्ट्र के अकोला जिल्हे के निपाणा गाव। मे एक मध्यम वर्ग मे १९८११०जून१९८१ मे हुवा.
आंतरजातीय विवाह विकास संस्था, युवा राष्ट्रक्रांती संघ और अपने पत्रकारीता एवं काव्यराष्ट्र के माध्यम से भारत मे पनपती हुई जातीयता एंव सांप्रदयीकता को जड से खत्म करवाने के लिये कार्याकार्य कर रहे है.
भारत एक विशाल खंडप्राय युवा राष्ट्र होकर आज २१ वि सदी मे कदम रखने के बाद आज भी भारत के कुछ मनुवादी विचारधारा के लोगो ने जातीयता एंव छुआ- छुत को अपने सिनेसे लगाकर रखा है आज भी हर तरफ छुआ-छुत की परछाई दिखाई दे रही है.आज भी भारत मी आंतर जातीय विवाह करने वालो को संम्मानता से नही रखा जाता आंतर जातीय विवाह करने वालो पर आज भि अन्याय-अत्याचार होते है ऊनके खिलाफ आवाज ऊठाने के लिए और आंतरजातीय विवाह करने वाले युवा एंवम युवती को संवैधानिक रूपसे ऊनके अधिकार दिलाने के लिए और ऊनके ऊत्थान के लिए वे कार्य करते है.भारतीय संविधान संहिता १७ के अनुसार भारत से छुआछुत समाप्त कर दि गयी है,पर आज भी हमे जातीयता जैसे नीच बातो से गुजराना पड रहा है. है।
आज भी हर तरफ छुआ-छुत की परछाई दिखाई दे रही है.आज भी भारत मे आंतरजातीय विवाह करने वालो को समानता से नही देखा जाता। आंतरजातीय विवाह करने वालो पर आज भि अन्याय-अत्याचार होते है ऊनके खिलाफ आवाज ऊठाने के लिए और उन्हे न्याय दिलाने हेतू आंतरजातीय विवाह करने वाले युवा एंवम युवती को संवैधानिक रूपसे ऊनके अधिकार दिलाने के लिए और ऊनके ऊत्थान के लिए वे कार्य करते है.भारतीय संविधान संहिता १७ के अनुसार भारत से छुआछुत समाप्त कर दि गयी है,पर फिर भी आज हमे जातीयता जैसे नीच परंपरा के नाम से गुजराना पड रहा है.
 
भारत मे उनकी काव्यराष्ट्र एवं युवा राष्ट्र संघ के माध्यम से समाज के प्रति सदभावना स्थापित करणे हेतू संघटन का निर्माण करके युवाओ को जोडने का कार्य कर रहे है।
'''युवा राष्ट्रक्रांति संघ की स्थापना
'''
महाराष्ट्र मे 14 अप्रेल1914 मे'''युवा राष्ट्रक्रांती संघ''' एक
गैरराजनीतीक संघटन का निर्माण करके युवाओ को एक कर रहे है। डॉ बाबासाहब आंबेडकर तथा छत्रपती शिवाजी महाराज के विचारोसे प्रेरणा से जुडकर यह कार्य कर रहे हैं। भारत को स्वतंत्रता मिलके आज 70 साल पुरे हुवे है फिर भी भारत के सच्चे मुलनिवासी का उत्थान नहीं हुवा हैं आज भी देश के SC,ST, NT, VJNT और OBC विकास से कोसो दूर है।
गैरराजनीतीक संघटन का निर्माण करके युवाओ को एक कर रहे है।
देश मे स्वतंत्रता के पहले गांधीवाद और आंबेडकरवाद ही दोनो वैचारिक शत्रू थे पर आज गांधीवाद, आंबेडकरवाद तथा कट्टर हिंदुवाद ने भी जनम लिया है
1925 मे डॉ हेगडेवार साहब ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS नाम का जहाल हिंदुत्ववादी संघटन का निर्माण किया था जो आज देश पर हुकूमत कर रहे है। भारत देश की आबादि आज दुनिया की सबसे बडी आबादि वाले दुसरे देश मे गीना जाता है। आज के तारीख मे देश की आबादि 138 करोड 55लाख 21 हजार से जादा हुई है। जहाँ SC-16.6 ST-8.6 दोनो मिलाकर  25.2 होती है जहाँ कुल SC-ST की 34 करोड से जादा होती है वही OBC की आबादी 45-से52 % है जो 69 करोड के आस-पास जाती है जहाँ SC, ST, OBC मिलकर103 करोड होकर भी फिर भी देश इन मूल निवासी बहुसंख्याक आबादी के हाथ नहीं है।
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