"असोला-फतेहपुर बेरी" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
पाठ में सुधार (छोटा)
छो (106.210.47.26 (Talk) के संपादनों को हटाकर Jaswant Singh4 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
(पाठ में सुधार (छोटा))
टैग: 2017 स्रोत संपादन
'''असोला फतेहपुर बेरी''' [[दिल्ली]] के पुराने गांवगाँवों में से एक है। इस गाँव की यह अनोखी बात है कि इस गाँव का हर लड़का एक ही सपना देखता है, [[पहलवानी|पहलवान]] बनना और देश के लिए कुछ करना ! समाज में देशभक्ति की भावना जगाना , खेल के मैदान में देश को आगे ले जाना।
 
इस गाँव में पहलवानी की शुरुआत लेखराज गुरूजी , लाला पहलवान , जय प्रकाश पहलवान , विजय पहलवान एवं कुछ अन्य पहलवानपहलवानों से हुआहुई, जो अभी गांवगाँव के खेल स्थरके स्तर को आगे बढ़ाने मैंमें लगे हुए हैं ! । हैं। गांवगाँव में कई युवा लड़कों को पहलवान बनने के लिए एक प्रेरणा बन गए। इसका कारण यह है कि गांवगाँव के लड़कों को खेल और कुश्ती के रूप में शारीरिक गतिविधियों में शिक्षाविदों से अधिक रुचि रखते हैं और कई अनपढ़ पहलवानों जो सेना में शामिल करने में असमर्थ थे, वे अन्य पहलवानो की सफलता से प्रेरित थे।
 
इस गाँव के पहलवानोपहलवान पब, बार और राष्ट्रीय राजधानी के नाइट क्लबों पर काम करते हैं और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों कोके [[अंगरक्षक]] के रूप में काम करते हैं,हैं। इसके अलावा याये निजी कॉलेजों, अस्पतालों और महंगेमहँगे होटलहोटलों में भी काम करते हैं। वे जिम और स्वस्थ भोजन मेंकी मदद लंबासे, कठिन सत्र के साथ उनकीअपनी मांसपेशियोंमाँसपेशियों में विकास को बनाए रखते है।हैं।
इस गांवगाँव में एक जिम है। इस जिम एकमें 3000 वर्ग / फुट का सीमेंट निर्माण हैं जहांजहाँ मशीनों, रैक और वजन बेंच उपमब्धउपलब्ध हैं और वहांयहाँ केपर पहलवान व्यायाम करते हैं। और यह जिम सुबह ४ बजे खुलता हैं और रात १० बजे तक खुला रहता हैं। हर [[पहलवानी|पहलवान]] के व्यायाम अवधि दो या तीन घंटे केलंबी समयहोती लंबाहै। होताये हैं। बसपहलवान व्यायाम ही नहीं परंतुकरते अपितु यह लोग [[कुश्ति]] केका अभ्यास और योगासन भी करते हैं जो इन्हे धैर्य, नियंत्रण, शांत रहने में मदद करता हैंहै एवं मानसिक शक्ति को बढाताबढ़ाता हैं।है।
 
इन पहलवानों के परिवारों खुश औरपरिवार अपने सदस्यों के पहलवानोंपहलवान होने केसे साथखुश एवं संतुष्ट हैं। वे समझते हैं कि इनयह लड़कोंलड़के को अवैध रूप से पैसा नहीं कमा रहे हैं और किसीकिन्हीं भी सामाजिकसमाज विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं रहे हैं और वे गरिमा के साथ काम करते हैं और यहइस यहबात बातसे उनके परिवार के लोगों को गर्व करताहोता है। इन पहलवानों ने भारत में [[संस्कृति]] केमें लिएभी योगदान दिएदिया है।
 
[[श्रेणी:दिल्ली के गाँव]]

दिक्चालन सूची