"विनोबा भावे": अवतरणों में अंतर

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→‎भूदान आन्दोलन: मैंने पुराने लेखन में कोई परिवर्तन नहीं किया है बल्कि कुछ शुरुआत से लिखा है जबकि इस बारे में कुछ नहीं लिखा हुआ था पहले से किसीने को टिप्पणी नहीं कि थी तो मैने कुछ अच्छा लिखा है शायद इसको पड़ने वाले छात्र कुछ अच्छा महसूस करे नमस्कार 🙏
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== भूदान आन्दोलन ==
{{मुख्य|भूदान आन्दोलन}}
(सचिन कुमार s.k.)के अनुसार भूदान आंदोलन संत बिनोवा भावे ने किया था जोकि महात्मा गांधी के विचारों से बहुत प्रभावित थे और गांधी जी से प्रेरणा लेकर उन्होंने ऐसा किया। मुख्य कड़ी
भूदान आन्दोलन सन्त विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया स्वैच्छिक भूमि सुधार आन्दोलन था। विनोबा की कोशिश थी कि भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिए नहीं हो, बल्कि एक आंदोलन के माध्यम से इसकी सफल कोशिश की जाए। 20वीं सदी के पचासवें दशक में भूदान आंदोलन को सफल बनाने के लिए विनोबा ने गांधीवादी विचारों पर चलते हुए रचनात्मक कार्यों और ट्रस्टीशिप जैसे विचारों को प्रयोग में लाया। उन्होंने सर्वोदय समाज की स्थापना की। यह रचनात्मक कार्यकर्ताओं का अखिल भारतीय संघ था। इसका उद्देश्य अहिंसात्मक तरीके से देश में सामाजिक परिवर्तन लाना था।
 
== विनोबा और मार्क्स ==
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