"श्रीकृष्णभट्ट कविकलानिधि" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
पेज नं. के साथ कुछ और सन्दर्भ जोड़े हैं, पूर्व सन्दर्भों में भी पेज नं. दिए हैं और बाहरी स्रोत भी जोड़े हैं.
(QueerEcofeminist (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 4727825 को पूर्ववत किया)
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
(पेज नं. के साथ कुछ और सन्दर्भ जोड़े हैं, पूर्व सन्दर्भों में भी पेज नं. दिए हैं और बाहरी स्रोत भी जोड़े हैं.)
'ईश्वरविलास' महाकाव्य इनका कविता-शैली में [[जयपुर]] के बारे में लिखा इतिहासग्रंथ ही है। इसकी [[पाण्डुलिपि|पांडुलिपि]] सिटी पैलेस (चन्द्रमहल) के पोथीखाना में है। कई साल पहले इसे '[[राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान|प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान]]' जोधपुर ने [[भट्ट मथुरानाथ शास्त्री]] की भूमिका सहित प्रकाशित किया था।
कविकलानिधि द्वारा ब्रज भाषा में रचे गए ज्ञात ग्रंथों में कुछ ही प्रकाशित हो पाए हैं। ये ग्रंथ जयपुर के पोथीखाने में सुरक्षित हैं। वंशवृक्ष<ref name="उपरोक्त"/> में श्रीकृष्ण भट्ट द्वारा रचित साहित्य की सूची, गोविंदराम चरौरा द्वारा संपादित ‘रामगीतम’ की भूमिका <ref>'रामगीतम', सं. गोविन्दराम चरौरा, राजस्थानी ग्रंथागार, 1992</ref>, तथा ईश्वरविलास महाकाव्य <ref>'ईश्वरविलास महाकाव्य', सं. भट्ट मथुरानाथ शास्त्री, जगदीश संस्कृत पुस्तकालय, जयपुर, 2006, पेज ९१-९२</ref> में दी गयी इनके ब्रजभाषा तथा संस्कृत ग्रंथों की सूचियों के अध्ययन से भट्टजी के निम्नलिखित ग्रन्थ ज्ञात हुए हैं -
 
{| class="wikitable"
उक्त ग्रंथों में शृंगार रसमाधुरी तथा अलंकार कलानिधि नामक ग्रंथ काव्यशास्त्र विषयक हैं। ब्रजभाषा में लिखा ग्रन्थ अलंकार कलानिधि मम्मट के ‘काव्यप्रकाश’ से काफ़ी हद तक प्रभावित लगता है। डॉ नगेंद्र द्वारा संपादित "हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास भाग 6"<ref>हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास, षष्ठ भाग, रीतिकाल, रीतिबद्ध काव्य (संवत 1700 - 1900), संपादक डॉ नगेंद्र, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी, संवत 2030 वि.</ref> में कवि कलानिधि को ‘शृंगार रस निरूपक आचार्य’ कहा गया है। शृंगार रसमाधुरी नामक अपने ग्रंथ में श्रीकृष्ण भट्ट ने शृंगार रस को मूर्धन्य रस मानकर सारे रसों का विस्तृत वर्णन किया है।
 
शृंगार रसमाधुरी 16 आस्वादों (अध्यायों) में विभाजित है।<ref> हिंदी साहित्य का इतिहास, भाग२, डॉ. संजय गुप्ता, ओम साईँ टैक बुक, दिल्ली, २०१९, पेज ३२-३४</ref> इस ग्रंथ की रचना बूंदी नरेश रावराजा बुधसिंह की आज्ञा से की गई थी। इस ग्रंथ में प्रधान रूप से शृंगार रस और उसके बाद शृंगारेतर रसों एवं काव्यदोषों का वर्णन अत्यंत माधुर्य और लालित्य के साथ किया गया है। ग्रन्थ के प्रारंभिक अध्याय में गणेश वंदना, बूंदी राज्य का वर्णन, बूंदी नरेश बुधसिंह की आज्ञा और शृंगार रस का वर्णन है। उसके बाद आगे के अध्यायों में क्रमशः आलंबन, नायिका रूप निरूपण, राग के हेतु स्वप्न व चित्र में दर्शन आदि, नायक नायिकाओं की चेष्टाएँ, रति प्रसंग तथा मिलन, भाव विवेचन तथा हेला, लीला, ललित आदि हावों का वर्णन, परंपरागत आठ प्रकार की नायिकाएं, विप्रलम्भ शृंगार तथा पूर्व राग, मान और उसके भेद, नायक द्वारा प्रयुक्त मान मोचन के उपाय, विप्रलम्भ के तीसरे अंग - प्रवास तथा चौथे अंग - करुण का विवेचन, करुण विप्रलंभ और प्रवास-जनित विरह को मिटाने के लिए सखाजनों द्वारा किए गए मिलन के उपाय, सखियों के कर्मों का वर्णन, शृंगारेतर रसों – हास्य, करुण, वीर आदि का वर्णन, काव्यवृत्ति विवेचन तथा रस प्रत्यनीक अथवा रस-विरोध का विवेचन है।
 
देवर्षि श्रीकृष्ण भट्ट रचित दूसरा महत्वपूर्ण काव्यशास्त्रीय ग्रंथ ’अलंकार कलानिधि’ है <ref> मध्य भारती शोध पत्रिका, सागर विश्वविद्यालय, वोल.२८-३३, १९८५, पेज ८२-८४</ref>, जिसकी रचना आमेर नरेश जयसिंह की आज्ञा से की गई थी जैसा स्वयं श्रीकृष्ण भट्ट ने कहा है -
 
"तिन कवि लाल कलानिधि सों सनेह करि
कियौ जब कछुक हुकुम रसभीनो है।
तब तिन भाष में अशेष कवि रीति आन
अलंकार कलानिधि नाम ग्रंथ कीनो है।।"<ref>'ईश्वरविलास महाकाव्य', सं. भट्ट मथुरानाथ शास्त्री, जगदीश संस्कृत पुस्तकालय, जयपुर, 2006, पेज ९०</ref>
 
अलंकार कलानिधि ग्रन्थ 14 निदेशों अर्थात अध्यायों में विभक्त है।<ref> हिंदी साहित्य का इतिहास, भाग२, डॉ. संजय गुप्ता, ओम साईँ टैक बुक, दिल्ली, २०१९, पेज ३२-३४</ref> ये इन निदेशों में क्रमशः अर्थव्यंजकता, रस लक्षण, रस भेद, ध्वनि विवेचन, गुणीभूत व्यंग्य तथा उसके भेद, अधम काव्य के प्रकार, शब्द चित्र, अर्थ चित्रों का वर्णन, काव्य गुणों का विवेचन, प्राचीन और नवीन आचार्यों के अनुसार गुणों के स्वरूप एवं भेदों का विवेचन, शब्दालंकार, अर्थालंकार, अलंकार दोष एवं नायिका भेद आदि विविध काव्यांगों का विवेचन किया गया है।
 
 
 
[http://books.google.com/books/about/%C4%AA%C5%9Bvaravil%C4%81samah%C4%81k%C4%81vyam_of_Kavikalan.html?id=zddLAQAAIAAJ]
 
[https://books.google.co.in/books?id=vG10AAAAIAAJ&q=%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF+%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF+%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjT79fmrtjpAhXR63MBHQNQDnAQ6AEIRjAD] अभिगमन तिथि २९ मई २०२०.
 
[https://books.google.co.in/books?id=Ye0vAAAAIAAJ&q=%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF+%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF+%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjT79fmrtjpAhXR63MBHQNQDnAQ6AEIaDAH] अभिगमन तिथि २९ मई २०२०.
 
[[श्रेणी:महाकवि]]
167

सम्पादन

दिक्चालन सूची