"विन्सटन चर्चिल" के अवतरणों में अंतर

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वर्ल्ड वार 2 हीरो ब्रिटेन नही था. रूस की स्टालिन सेना ने जर्मनियो के हौसले नेस्तनाबूत किये थे.
छो (चर्चिल सम्राज्यवादी सोच का शख्श था. वो भारत को कभी आजाद नही करने के पक्ष मे था. उसे भारतीयो से वैसी घृणा थी जैसे रसूखदार निम्मजातियो से करते हैा)
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छो (वर्ल्ड वार 2 हीरो ब्रिटेन नही था. रूस की स्टालिन सेना ने जर्मनियो के हौसले नेस्तनाबूत किये थे.)
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== बाहरी कडीयाँ ==
{{साहित्य में नोबेल पुरस्कार}}
{{authority control}}हालाकि यह बड़बोला सच है कि ब्रिटेन विश्वयुद्ध का नायक बना. सच यह है कि हिटलर की हार सही मायने मे उसके गलत निर्णय था जिसमे उसने रूस पर आक्रमण किया. वहॉ का मौसम बेहिन्तहा बिगड़ चुका था जिसे जर्मन सेना सहन न कर सकी और यहॉ स्टालिन को मौका मिल गया अपनी सैन्य ताकत झोंक देने का. उस खराब मौसम की मार ने हिटलर की सेना को खदेड़ दिया और उसे नेस्तनाबूत कर दिया. इसी लिए इस विश्वयुद्ध मे रूस, स्टालिन के नेतृत्तव मे विश्वशक्ति बन कर उभरा था और लंदन आर्थिक रूप से इतना खोखला हो चुका था कि वो अपनी सम्राज्यवादी हिंसक लुटेरी नीतियो को और आगे एशियाई देशो मे चला पाने मे लगभग असमर्थ हो चुका था. नतीजतन इन्होने भारत जैसे बड़े राष्ट्रो को अपने सत्ता प्रभाव से मुक्त करना खुद के लिए ठीक समझा.
{{authority control}}
 
[[श्रेणी:नोबेल पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:ब्रिटेन के नेता]]
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