"युग वर्णन": अवतरणों में अंतर

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*[[पाप]] - १५
*पुण्य - ५
*अवतार – [[कल्कि]] (निषादवंशि[[ब्राह्मण]] विष्णु यश के घर)।
*कारण – मनुष्य जाति के उद्धार अधर्मियों का विनाश एंव धर्म कि रक्षा के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[लोहा]]

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