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सन् 1998 के पूर्व, मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं के जो आँकड़े मिलते थे, उनमें हिन्दी को तीसरा स्थान दिया जाता था। सन् 1997 में 'सैन्सस ऑफ़ इंडिया' का भारतीय भाषाओं के विश्लेषण का ग्रन्थ प्रकाशित होने तथा संसार की भाषाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए [[यूनेस्को]] द्वारा सन् 1998 में भेजी गई यूनेस्को प्रश्नावली के आधार पर उन्हें भारत सरकार के [[केन्द्रीय हिन्दी संस्थान]] के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर महावीर सरन जैन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद अब विश्व स्तर पर यह स्वीकृत है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से संसार की भाषाओं में [[चीनी भाषा]] के बाद हिन्दी का दूसरा स्थान है। चीनी भाषा के बोलने वालों की संख्या हिन्दी भाषा से अधिक है किन्तु चीनी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा सीमित है। अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा अधिक है किन्तु मातृभाषियों की संख्या अंग्रेजी भाषियों से अधिक है।
 
विश्वभाषा बनने के सभी गुण हिन्दी में विद्यमान हैं।<ref>[http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm हिन्दी का वैश्विक परिदृश्य] (डा. करुणाशंकर उपाध्याय)</ref> बीसवीं शती के अंतिम दो दशकों में हिन्दी का अनतरराष्ट्रीय विकास बहुत तेजी से हुआ है।<ref>[https://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation विश्व स्तर पर प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है हिन्दी]</ref> हिंदी एशिया के व्यापारिक जगत् में धीरे-धीरे अपना स्वरूप बिंबित कर भविष्य की अग्रणी भाषा के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।<ref>{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|title=Hindi Ki Vishwavyapti|first=Ganga Prasad|last=Vimal|date=1 मार्च 2018|publisher=Prabhat Prakashan|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books}}</ref> [[वेब]], [[विज्ञापन]], [[संगीत]], [[सिनेमा]] और बाजार के क्षेत्र में हिन्दी की मांग जिस तेजी से बढ़ी है वैसी किसी और भाषा में नहीं। विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों तथा सैकड़ों छोटे-बड़े केंद्रों में विश्वविद्यालय स्तर से लेकर शोध स्तर तक हिन्दी के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था हुई है। विदेशों में 25 से अधिक पत्र-पत्रिकाएं लगभग नियमित रूप से हिन्दी में प्रकाशित हो रही हैं। यूएई के 'हम एफ-एम' सहित अनेक देश हिन्दी कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें [[बीबीसी]], [[जर्मनी]] के [[डॉयचे वेले]], [[जापान]] के एनएचके वर्ल्ड और [[चीन]] के [[चाइना रेडियो इंटरनेशनल]] की हिन्दी सेवा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
 
दिसम्बर २०१६ में [[विश्व आर्थिक मंच]] ने १० सर्वाधिक शक्तिशाली भाषाओं की जो सूची जारी की है उसमें हिन्दी भी एक है।<ref name="auto"/> इसी प्रकार 'कोर लैंग्वेजेज' नामक साइट ने 'दस सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषाओं'<ref>[http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ Top Ten Most Important Languages</ref> में हिन्दी को स्थान दिया था। के-इण्टरनेशनल ने वर्ष २०१७ के लिये सीखने योग्य सर्वाधिक उपयुक्त नौ भाषाओं<ref>{{Cite web|url=https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/|title=The Top Languages to Learn in 2018|first=Alison|last=Kroulek|date=14 दिस॰ 2017|accessdate=1 मार्च 2019}}</ref> में हिन्दी को स्थान दिया है।

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