"भक्ति": अवतरणों में अंतर

नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
85 बाइट्स जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
{{मूल शोध}} जोड़े और {{स्रोतहीन}} जोड़े (ट्विंकल)
छो (2405:205:A026:EFED:C4A5:64BD:3FE5:B1A7 (Talk) के संपादनों को हटाकर 2405:205:A00A:4660:4DD4:1D97:71EA:55F के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: वापस लिया
({{मूल शोध}} जोड़े और {{स्रोतहीन}} जोड़े (ट्विंकल))
{{मूल शोध|date=मई 2019}}
{{स्रोतहीन|date=मई 2019}}
{{लहजा|date=फ़रवरी 2015}}
'''भक्ति''' भजन है। किसका भजन? ब्रह्म का, महान का। महान वह है जो चेतना के स्तरों में मूर्धन्य है, यज्ञियों में यज्ञिय है, पूजनीयों में पूजनीय है, सात्वतों, सत्वसंपन्नों में शिरोमणि है और एक होता हुआ भी अनेक का शासक, कर्मफलप्रदाता तथा भक्तों की आवश्यकताओं को पूर्ण करनेवाला है।
193

सम्पादन

नेविगेशन मेन्यू