"प्रभासाक्षी": अवतरणों में अंतर

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==सन्दर्भ==
सन् 2000 तक भारत में बहुत-सी समाचार वेबसाइटें आ चुकी थीं लेकिन इनमें अधिकांशतः अंग्रेजी की ही थीं। प्रसिद्ध उद्योगपति श्री गौतम मोरारका ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को देखते हुए हिन्दी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी की संकल्पना की और इसे साकार रूप प्रदान किया। प्रभासाक्षी.कॉम का शुभारम्भ 26 अक्तूबर, 2001 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने किया था।
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हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम पिछले 17 वर्षों से देश और विदेशों के कोने-कोने में हिंदी पाठकों का चहेता बना हुआ है। इस पोर्टल पर प्रकाशित सामग्री रुचिकर और पठनीय होने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता से परिपूर्ण होती है। देश के अनेक जाने-माने पत्रकार, लेखक, साहित्यकार, व्यंग्यचित्रकार आदि प्रभासाक्षी के साथ जुड़े रहे हैं। प्रभासाक्षी पर अब तक देश के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं, साहित्यकारों, खेल और सिनेमा जगत की हस्तियों के साक्षात्कार प्रकाशित होने के साथ-साथ देश की ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर विश्लेषण प्रकाशित हो चुके हैं। चुनाव कोई भी हो, पाठकों की चाहत प्रभासाक्षी पर चुनावों से संबंधित तेज खबरों, विश्लेषणों और सबसे तेज नतीजों पर रहती है।
 
'''सफर की शुरुआत'''
 
26 अक्तूबर, 2001 को प्रभासाक्षी.कॉम का शुभारम्भ उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने किया था। इन 17 वर्षों के दौरान प्रभासाक्षी ने अपनी पाठ्य सामग्री की गुणवत्ता और गहनता के चलते मीडिया जगत में अपनी एक अलग प्रतिष्ठा कायम की है। 17 वर्षों के इस सफर में हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी ने नए प्रतिमान कायम किए, विशेषकर हिंदी भाषा में मौजूद प्रारंभिक सीमाओं तथा तकनीकी कठिनाइयों के बावजूद गांव-कस्बों में रहने वाले नागरिकों के लिए उनकी अपनी भाषा में समाचार और विश्लेषण प्राप्त करना आसान बनाया।
 
'''हमारे स्तंभ हैं यह स्तंभकार'''
 
प्रभासाक्षी की शुरुआत के समय से ही देश के जानेमाने स्तंभकार इससे जुड़े रहे हैं। पूर्व में स्व. खुशवंत सिंह जी, स्व. दीनानाथ मिश्र जी, स्व. अरुण नेहरू जी, स्व. कुलदीप नायर जी और श्री राजनाथ सिंह सूर्य का लंबे समय तक प्रभासाक्षी के साथ जुड़ाव रहा। वर्तमान में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के अलावा देश के जानेमाने वरिष्ठ पत्रकार यथा- श्री तरुण विजय जी, श्री राहुल देव जी, श्री वेदप्रताप वैदिक जी और श्री आशुतोष जी का प्रभासाक्षी के साथ जुड़ाव बना हुआ है। इसके अलावा देश भर से 200 से भी ज्यादा स्वतंत्र लेखक हमारे लिये नियमित तौर पर राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, मनोरंजन और खेल संबंधी विषयों पर लेखन कार्य करते हैं।{{टिप्पणीसूची}}
 
==बाहरी कड़ियाँ==
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