"विकिपीडिया:पुनरीक्षक पद हेतु निवेदन" के अवतरणों में अंतर

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# एक सदस्य जो समुदाय की चर्चाओं को सर्वदा अनिर्णय की अवस्था में पहुंचा कर कलह को जन्म देता है, वो स्वयं पक्षपाती हो कर एक पक्ष को नष्ट करने का प्रयास करता है, वो सामने वाले को संस्कृतीकरण करने वाला कहता है। परन्तु उसके पूर्व किसी ने देवनागरी अङ्को से अरबी अङ्क कर दिये, तो तब वो कुछ नहीं बोलेगा। [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A5%A8%E0%A5%A6%E0%A5%A7%E0%A5%AD_%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5_%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3&type=revision&diff=3554683&oldid=3548234 इस सम्पादन] के विषय में बोलने से जो व्यक्ति भागता है, वो अन्य बातों में तो आक्रमक हो कर निर्णय लेने को कहता है, ऐसे की बात समुदाय क्यों सुने?
# इनके पक्षपात् का उदाहरण इस चर्चा में ही उपस्थित है, '''जो आपने अपनी बात कहा, एक प्रबंधक ने अनावश्यक आपका संपादन पूर्ववत किया तो आप उनसे कारण पूछ सकते हैं बजाय खुद अनावश्यक घोषित करने के।''' इस वाक्य से ये दूसरो को अनुचित घोषित करने का प्रयास करे, वो कुछ नहीं? क्या वो पूछ नहीं सकते थे कि मैंने ऐसा क्यों किया? क्यों उन्होंने मेरे सम्पादन को स्वयं ही अनावश्यक और अनुचित घोषित कर दिया? वो पूछते तो बिना विवाद ये बात समाप्त हो जाती। क्योंकि इस घटना में एक ही त्रुटि है, मशीनी अनुवाद श्रेणी को दूर करने का नामाङ्कन, मुझे विलय करने के लिये कहना चाहिये था, मशीनी अनुवाद नामक लेख भी यान्त्रिक अनुवाद को अनुप्रेषित हुआ है। आन्तर्विकि कड़ी का परिष्कार भी मैंने नहीं किया था। ये चर्चा पूर्ण होगी, तब मैं आन्तर्विकि का दोष दूर कर दूंगा और विलय के लिये नामाङ्कन भी करूंगा। अस्तु। <b><span style="text-shadow:6px 6px 8px gray">[[u:NehalDaveND|<span style="color:#FF9933">ॐNehalDaveND</span>]]<sup>•[[सदस्य वार्ता:NehalDaveND|<font color="blue">✉</font>]]•[[विशेष:योगदान/NehalDaveND|<font color="green">✎</font>]]</sup></span></b> 03:23, 18 सितंबर 2018 (UTC)
 
* '''सादर अधिकार बनाए रखें''' :- और इसके साथ हिन्दी विकि समुदाय यह भी समझ ले कि यह प्रस्ताव उस सदस्य को रास्ते से हटाने के लिए है जो हिन्दी विकी के फ़ाऱस़ीक़ऱण़ का विरोधी रहा है। मिया एस एम ७ आरम्भ से ही परोक्ष या प्रत्यक्ष हिन्दी और देवनागरी के विरुद्ध कार्य करते रहे हैं। मैं दसों उदाहरण दे सकता हूँ। सुनते हैं जयचन्द ने एक आक्रन्ता को चिट्ठी लिखी थी और भारत पर आक्रमण के लिए बुलाया था। यदि मेरी स्मृति ठीक है तो कुछ दिन पहले जनाब ने भी इस तरह की चिट्ठी लिखकर सबको चकित कर दिया था। इसलिए यदि इसी तरह की कोई कार्वाई करनी है तो इसके वास्तविक ह़क़द़ार ये ज़ऩाब ही हैं। --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 04:31, 18 सितंबर 2018 (UTC)
 
* '''जारी रखा जाय''' या

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