"बंडाय" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
3 बैट्स् नीकाले गए ,  3 वर्ष पहले
छो
बॉट: वर्तनी एकरूपता।
छो (बॉट: अनुभाग एकरूपता।)
छो (बॉट: वर्तनी एकरूपता।)
{{आधार}}
{{Infobox किताब
| नाम = बंडाय
| मुखपृष्ठ =
| मुखपृष्ठ_आकार =
| मुखपृष्ठ_शीर्षक = '' बंडाय ''
| रचयिता = [[व्यासराय बल्लाल]]
| मूल_शीर्षक =
| अनुवादक =
| टिप्पणियाँ = [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]], [[1986]]
}}
''' बंडाय ''' [[कन्नड़ भाषा]] के विख्यात साहित्यकार [[व्यासराय बल्लाल]] द्वारा रचित एक [[उपन्यास]] है जिसके लिये उन्हें सन् 1986 में कन्नड़ भाषा के लिए [[साहित्य अकादमी]] पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
 
== सन्दर्भ ==

दिक्चालन सूची