"ऑटो एक्सपो" के अवतरणों में अंतर

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==महोत्सव==
यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा ऑटो एक्सपो रहा। २००६ के ऑटो एक्सपो के मुकाबले इसमें कई चीजों में दोगुनी बढ़ोतरी दिखाई दी थी। जैसे, २००६ के मेले में १,१०० कंपनियों ने हिस्सा लिया था और २००८ में इनकी संख्या करीब २,२०० रही। इसी प्रकार २००६ में मेला ६५ हजार वर्ग मीटर में लगा था, और २००८ में इसकी जगह करीब १ लाख २० हजार वर्ग मीटर है। मेले में 25२५ से 30३० नई कारें लॉन्च की गईं। यह मेला एशिया के सबसे बड़े ऑटो मेले शंघाई ऑटो शो को भी कई मामलों में टक्कर दे रहा था।<ref>{{ cite news | url = http://www.rttnews.com/sp/breakingnews.asp?item=37 | title = India's Auto Expo Kicks Off With World's Cheapest Car, 25 New Launches | date = 2008-01-10 | accessdate = 2008-01-10 | publisher = RTT News }}</ref> इस में 27२७ देशों के कारोबारी प्रतिनिधि और 28२८ देशों की कंपनियाँ यहां सम्मिलित हुई थीं। इसमें जर्मनी और चीन की भागीदारी खास थीं।
 
==मुख्य आकर्षण==
इस मेले में ही [[टाटा मोटर्स]] की बहुचर्चित [[टाटा नैनो | लखटकिया कार]] को भी पेश किया गया था। [[मारुति]] की नई उतारी जानी वाली [[सुजुकी]]-[[ए-स्टार]] भी इसका खास आकर्षण रही। मेले के आयोजकों में [[ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन]] (एक्मा) और [[भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता संघ]] (सियाम) शामिल थे। ऑटोमोटिव मिशन प्लान 2016 के तहत भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग वर्तमान 45 अरब डॉलर से बढ़कर 145 अरब डॉलर पर पहुँच जाएगा और भारत की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान मौजूदा पाँच प्रतिशत की तुलना में बढ़कर दोगुना करने का लक्ष्य था।
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