"लौहविद्युत" के अवतरणों में अंतर

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'''लौहविद्युत''' (Ferroelectricity) कुछ पदार्थों के ख़ुद ही स्वयं में विद्युत ध्रुवों (इलेक्ट्रिक पोल) को बना लेने के स्वभाव को कहते हैं। मसलन बेरियम टाइटैनेट (barium titanate, [[रासायनिक सूत्र]]: BaTiO<sub>3</sub>) में ख़ुद ही [[ऋणात्मक]] (निगेटिव) और घनात्मक (पोज़िटिव) विद्युत ध्रुव बन जाते हैं जिनसें उस पदार्थ में स्थाई रूप से [[विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण]] (electric dipole moment) आ जाता है। लौहविद्युत पदार्थ पर बाहरी [[विद्युत क्षेत्र]] (इलेक्ट्रिक फ़ील्ड) लगाने से यह ध्रुविकरण हटाया जा सकता है।<ref>A. S. Sidorkin (2006). Domain Structure in Ferroelectrics and Related Materials. Cambridge University Press. ISBN 1-904602-14-2.</ref>
 
== नामोत्पत्ति ==

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