"ग्रह" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
31 बैट्स् नीकाले गए ,  4 वर्ष पहले
छो
70.39.186.190 (Talk) के संपादनों को हटाकर Siddhartha Ghai के आखिरी अवतरण को पूर्ववत...
(Nothing)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (70.39.186.190 (Talk) के संपादनों को हटाकर Siddhartha Ghai के आखिरी अवतरण को पूर्ववत...)
[[चित्र:Planets are us.png|thumb|right|350px|हमारे सौरमण्डल के ग्रह - दायें से बाएं - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, युरेनस और नेप्चून]]
[[चित्र:Star-sizes.jpg|thumb|200px|सौर मंडल के ग्रहों, सूर्य और अन्य पिंडों के तुलनात्मक चित्र]]
[[सूर्य]] या किसी अन्य [[तारा|तारे]] के चारों ओर परिक्रमा करने वाले [[खगोल पिण्डों]] को '''ग्रह''' कहते हैं। [[अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ]] के अनुसार हमारे [[सौर मंडल]] में आठ ग्रह हैं - [[बुध]], [[शुक्र]], [[पृथ्वी]], [[मंगल ग्रह|मंगल]], [[बृहस्पति]], [[शनि]], [[युरेनस]] और [[नेप्चून]]। इनके अतिरिक्त तीन [[बौना ग्रह|बौने ग्रह]] और हैं - [[सीरीस (बौना ग्रह)|सीरीस]], [[प्लूटो ग्रह|प्लूटो]] और [[एरीस]]। प्राचीन खगोलशास्त्रियों ने तारों और ग्रहों के बीच में अन्तर इस तरह किया- रात में आकाश में चमकने वाले अधिकतर पिण्ड हमेशा पूरब की दिशा से उठते हैं, एक निश्चित गति प्राप्त करते हैं और पश्चिम की दिशा में अस्त होते हैं। इन पिण्डों का आपस में एक दूसरे के सापेक्ष भी कोई परिवर्तन नहीं होता है। इन पिण्डों को [[तारा]] कहा गया। पर कुछ ऐसे भी पिण्ड हैं जो बाकी पिण्डों के सापेक्ष में कभी आगे जाते थे और कभी पीछे - यानी कि वे घुमक्कड़ थे। Planet एक लैटिन का शब्द है, जिसका अर्थ होता है इधर-उधर घूमने वाला। इसलिये इन पिण्डों का नाम Planet और हिन्दी में ग्रह रख दिया गया। शनि के परे के ग्रह दूरबीन के बिना नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए प्राचीन वैज्ञाञानिकोंवैज्ञानिकों को केवल पाँच ग्रहों का ज्ञान था, पृथपृथ्वी को उस समय ग्रह नहीं माना जाता था।
 
[[ज्योतिष]] के अनुसार ग्रह की परिभाषा अलग है। [[भारतीय ज्योतिष]] और [[पौराणिक]] कथाओं में नौ ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, [[चन्द्रमा]], बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, [[राहु]] और [[केतु]]।k
 
 
Plz explain it with comparable
 
== ग्रहों से सम्बंधित आंकड़े ==

दिक्चालन सूची