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== इतिहास ==
[[चित्र:Vellorefort.jpg|thumb|200px|वेल्लोर फोर्ट]]
ब्रिटिश शासन के खिलाफ आज़ादी की पहली लड़ाई यहीं लड़ी गई थी।वेल्लोरथी। वेल्लोर अपने समृद्ध विरासत एवं संस्कृति के मिश्रण के साथ प्राचीन [[द्रविड़]] सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है। यह [[पल्लव]], [[चोल]],[[नायक]],[[मराठा]], [[अर्कट नवाब]] एवं [[बीजापुर सुल्तान]] साम्राज्यों का गढ़ रहा है। वेल्लोर सन 1606-1672 के दौरान शक्तिशाली [[विजयनगर साम्राज्य]] की राजधानी रहा था। वेल्लोर स्थित किले को 17वीं शताब्दी<ref>http://en.wikipedia.org/wiki/Vellore_Fort</ref> में हुए [[कर्नाटक युद्ध]] का सबसे बेहतरीन और मज़बूत किला कहा गया था। ज़िले में पाए गए स्मारक इस शहर के सदियों से हो रहे विकास की जीती-जागती तस्वीर प्रस्तुत करती है।
 
इस क्षेत्र में, लगभग पिछले 200 वर्षों से, साम्राज्यों एवं उनकी राजधानियों के निर्माण को लेकर अनगिनत परिवर्तन हुए हैं। अर्कोट के 'उत्तरी' एवं 'दक्षिणी' हिस्से सन् 1810 में आखिरी [[मुग़ल]] शासक के समय राजनैतिक नक़्शे पर आये. बाद में 1908 में, ये दोनों ज़िले उत्तर एवं दक्षिण अर्कोट के नाम से अस्तित्व में आये. उत्तर अर्कोट ज़िले की पहली राजधानी चित्तौड़ (अब आंध्र प्रदेश में स्थित है) थी। उसके बाद से, यह ब्रिटिश सेना का प्रमुख गढ़ बना रहा. 1911 में, वेल्लोर उत्तर अर्कोट ज़िले का मुख्यालय बना, जिसमें वेल्लोर और [[थिरुवन्नमलाई]][http://www.vellorediocese.org/common/history_graphicalfeatures.php ] शामिल थे।
 
=== वेल्लोर सिपाही विद्रोह ===
यहां बोली जाने वाली राजभाषा [[तमिल]] है। भाषाई अल्पसंख्यकों द्वारा बोली जाने वाली अन्य भाषाओं में [[तेलुगु]], [[उर्दू]], [[मलयालम]] तथा [[कन्नड़]] शामिल हैं। वेल्लोर के अधिकांश लोग [[अंग्रेज़ी]] एवं [[हिंदी]] में वार्तालाप कर सकते हैं।
 
यहां के ज़्यादातर लोग [[हिन्दू धर्म]]-सिद्धांतों के अनुयायी हैं। इस शहर में महत्वपूर्ण संख्या में मुस्लिम आबादी बसती है, खासकर [[मेल्विशरम]], कस्पा, आर.एन.पलयम, सैदपट, हज़रत मक्कन, बकियाथ स्ट्रीट, सर्बनमेदु आदि में, जो राज्य के औसत से कहीं अधिक है। तमिलनाडु के उत्तरी जिलों में स्थित बहुत से गिरजाघर वेल्लोर धर्मप्रदेश के अंतर्गत पड़ते हैं-जिनमें एक बिशप के क्षेत्राधिकार में पड़ने वाले कैथोलिक एवं CSI दोनों शामिल हैं।
 
वेल्लोर [[भारत]] के उन शहरों में से एक है, जो अपने कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सबसे कम चर्चा का विषय बनते हैं। इसके अलावा, यह शहर अपने [[धार्मिक]] एवं [[भाषाई]] [[सौहार्द]] के लिए भी पारंपरिक रूप से ख्यात है।
 
=== चमड़ा उद्योग ===
वेल्लोर एवं उसके आस-पास [[रानीपेट]],[[अम्बुर]] एवं [[वानियमबाडी]] आदि जैसे शहरों के चारों ओर सैकड़ों [[चमड़ा]] एवं [[चर्म-शोधन]] उद्योग स्थित हैं। यह ज़िला पूरे भारत में [[चमड़े]] की तैयार वस्तुओं का शीर्ष निर्यातक है। चमड़ा एवं उससे संबंधित वस्तुओं, जैसे - तैयार चमड़े, जूते, कपड़े, दस्ताने इत्यादि के निर्यात में वेल्लोर का चमड़ा भारत के कुल निर्यात का 37% है।
 
=== रसायन और अन्य उद्योग ===
[[रानीपत]]-[[SIPCOT]] में स्थित अनगिनत [[रसायन]] उद्योग आय के मुख्य स्रोत हैं। [[BHEL]](भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड - देश में सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों में गिने जाने वाले नवरत्नों में से एक), [[EID पैरी]] (सैनेटरीवेयर उत्पाद विनिर्माण कम्पनी, जिसके पास [[बाथरूम]] के [[सामानों]] की श्रेणी में दुनिया के बाज़ार-शेयर का 38% है), तिरुमलाई केमिकल्स ऐंड ग्रीव्स आदि उन अनेकों अंतर्राष्ट्रीय ब्रैंडों में से हैं, जो यहां पर स्थित हैं। वेल्लोर के पास स्थित शहर [[अराकोनम]] [[MRF]] जैसी प्रमुख कंपनियों का घर है, जबकि [[TVS लुकास]] की प्रमुख निर्माण सुविधाएं शोलीनगर (वेल्लोर से 40किमी. पर स्थित) में हैं।
 
एशिया की सबसे बड़ी विस्फोटक निर्माण कंपनी [[TEL]] (तमिलनाडु एक्सप्लोसिव लिमिटेड) वेल्लोर के [[कत्पदी]] में अवस्थित है।
 
यह शहर [[चिकित्सा-पर्यटन]] के लिए भी बहुत मशहूर है। शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित [[CMC हॉस्पिटल]] शहर का सबसे बड़ा निजी नियोक्ता है। यह भारी संख्या में अस्थायी आबादी का निर्माण करता है, जिनमें से ज़्यादातर देश के दूसरे राज्यों एवं विदेशों से आये होते हैं। शहर के केन्द्रीय हिस्से में आवास, आतिथ्य एवं संबद्ध व्यवसाय आय के मुख्य स्रोत हैं। अपोलो KH हॉस्पिटल, मेल्विशरम एवं श्री नारायणी मेडिकल रिसर्च सेंटर, अरियुर आदि अस्पतालों तथा CMC, [[VIT]] जैसे कॉलेजों एवं अन्यान्य इंजीनियरिंग एवं साइंस कॉलेजों के आगमन से आतिथ्य-उद्योग तेज़ी से शहर में अपने पांव पसार रहा है।
 
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका कृषि पर नहीं बल्कि बुनाई, बीड़ी बनाने एवं माचिस की तीलियां बनाने जैसे घरेलू उद्योगों पर निर्भर है। दिलचस्प बात यह भी है कि भारतीय सेना में [[वेल्लोर ज़िले]] के लोग भारी तादाद में हैं। नतीजतन, यह इस क्षेत्र के लिए आय के प्रमुख स्रोतों में से एक है।[http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/msid-1527280,prtpage-1.cms ]
| 2
| आदिपराशक्ति कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग
| कलावई, वेल्लोर - 632506
|-
| 3
# मुथुरंगम गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज.
# [[वूरहिस कॉलेज]] (स्थापित -1898) - यह वेल्लोर ज़िले का सबसे पुराना कॉलेज है। यह एक ऐसे संस्थान के रूप में ख्यात है, जहां भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ॰एस.राधाकृष्णन ने शिक्षा ग्रहण की थी। हाल ही में, कॉलेज के शतवार्षिकी के सम्मान में भारत सरकार द्वारा एक डाक टिकट जारी किया गया था।
# जोति"स कॉलेज ऑफ आर्ट्स ऐंड साइंस, 113, वल्लिमलाई रोड, कट्पडी, वेल्लोर-7
 
=== वेल्लोर में अरबी कॉलेज ===
 
=== कंप्यूटर शिक्षा ===
तमिलनाडु सरकार के निःशुल्क कोर्स, जैसे-VB.NET, 3D एनिमेशन, हार्डवेयर ऐंड नेटवर्किंग, टैली 9,DTP एवं MS-ऑफिस इत्यादि.
अधिकृत केंद्र:
# जयराम इन्फोटेक - BST सॉफ्टवेयर, वेल्लोर
# BST वेबसोल्युशन-वेल्लोर की वेबडिजाईनिंग एवं होस्टिंग कंपनी
# BST सॉफ्टवेयर - वेल्लोर में विकसित सॉफ्टवेयर विकास.
# पता: 142, अर्कोट रोड, होटल आवन्ना इन के समीप, निचला तल, वेल्लोर.
(CMC के विपरीत) संपर्क: 0416 4204417, 9787725471, 9940800416.
 
 
=== पुलिस रंगरूट स्कूल ===
पुलिस रंगरूट स्कूल वेल्लोर किले के अंदर स्थित है। हवलदारों की भर्ती के लिए अप्रैल 1908 को वेल्लोर में एक प्रशिक्षण स्कूल खोला गया। आज की तारीख में यह तमिलनाडु राज्य के दो स्थाई पुलिस भर्ती स्कूलों में से एक है (दूसरा [[कोयम्बटूर]] में स्थित है). सरकार को 25 अगस्त, 1897 को लिखे गए अपने पत्र में (सुझावों के साथ) पुलिस महानिरीक्षक ने वेल्लोर में उन पुलिस इंस्पेक्टरों एवं स्टेशन हाउस ऑफिसरों के लिए एक संयुक्त प्रशिक्षण स्कूल खुलवाने की मांग की, जिन्हें छह महीनों का कोर्स करना था। 1909 में, एक पुलिस संग्रहालय को वेल्लोर स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया, जो 1901 से पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय में हुआ करता था। सीधे भर्ती हुए उप-आरक्षी का 1973-74 बैच वेल्लोर में प्रशिक्षण लेने वाला आखिरी बैच था। 1976 में पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज को चेन्नई के अशोक नगर में P.T.C के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया।स्थानान्तरणगया। स्थानान्तरण के बाद से PTC ट्रेनिंग स्कूल को पुलिस रिक्रुइट स्कूल (PRS) बुलाया जाने लगा. 1990 के बाद LTTE को पुलिस रिक्रुइट स्कूल के हैदर महल में गिरफ्तार किया गया। पिछले 12 सालों से वहां कोई प्रशिक्षण नहीं होता. 2002 से प्रशिक्षण आगे के लिए भी शुरू किया जायेगा.
 
=== वार्डर प्रशिक्षण केन्द्र ===
== वेल्लोर केन्द्रीय कारागार ==
=== कारागार ===
1830 ई. में स्थापित वेल्लोर केन्द्रीय कारागार एक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण चिन्ह है, चूंकि यहां राजाजी, सी.एन.अन्नादुराई, कामराज जैसी कई प्रसिद्ध हस्तियां एवं स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पूर्व राष्ट्रपति वि.वि.गिरी, आर. वेंकटरमण एवं वाइको सरीखे राजनैतिक नेताओं ने अपनी जेल की सज़ा काटी है।इसहै। इस कारागार का निर्माण वर्ष 1867 के दौरान किया गया था। इस कारागार का कुल क्षेत्रफल {{convert|153|acre|km2}} है। अधिकृत आवास की संख्या 2130 है। इस कारागार की वास्तुकला-रूपरेखा टॉवर के साथ अर्धव्यास ब्लॉक है।
वेल्लोर स्थित महिलाओं के लिए विशेष कारागार
यह कारागार 15.04.1836 से प्रारम्भ हुआ। महिलाओं के कल्याण के लिए खोला गया यह देश का अग्रणी संस्थान है। इस कारागार को सर्वप्रथम प्रेसिडेंसी जेल फॉर वुमन प्रिजनर्स नाम दिया गया था। इस कारागार का अधिकृत क्षेत्रफल {{convert|13.62|acre|m2}} है। अधिकृत आवास की संख्या 412 है। इस कारागार का प्रबंधन महिला अधिकारी एवं कर्मचारी संभालती हैं। इस कारागार के भीतर कैदियों के साथ रह रहे उनके बच्चों के कल्याण के लिए एक नर्सरी एवं क्रेश भी उपलब्ध है।
{{Main|Vellore Fort}} [http://static.panoramio.com/photos/original/2611816.jpg वेल्लोर किले] का एक चित्र
 
किलेबंदी में गोल टावरों एवं आयताकार प्रक्षेपणों के कारण अनियमित रूप से भग्न एक मुख्य प्राचीर है। मुख्य दीवार विशाल ग्रेनाईट पत्थरों से निर्मित हैं, जो सूर्यगुंटा टैंक से निकलने वाले भूमिगत नालों के पानी से भरी गहरी खाइयों से घिरे हुए हैं। किले के भीतर किले जितना ही पुराना जलकंटेश्वर मंदिर स्थित है। यह किला दक्षिण भारत की वास्तुकला के उत्कृष्टतम नमूनों में से एक है। इस किले की दिलचस्प बात यह है कि इसकी प्राचीर के भीतर एक [[हिन्दू]] [[मंदिर]], [[ईसाई]] [[गिरजाघर]] एवं [[मुस्लिम]] [[मस्जिद]] मौजूद हैं। इस किले के अन्दर 'टीपू महल' भी है। माना जाता है कि अंग्रेजों से युद्ध के दौरान टीपू सुलतान ने अपने परिवार के साथ यहां दिन बिताए थे। टीपू के पुत्रों के कब्र वेल्लोर में हैं। यह किला भारतीय पुरातत्व संरक्षण के नियंत्रणाधीन है। वेल्लोर किले को "राष्ट्रीय महत्व का स्मारक' घोषित किया गया है। वेल्लोर आनेवाले पर्यटकों के लिए यह किला आज एक दर्शनीय स्थान बन चुका है।
 
=== राज्य सरकार संग्रहालय ===
राज्य सरकार का यह संग्रहालय किले के भीतर स्थित है एवं इसे [http://www.wikimapia.org/#lat=12.91945&amp;lon=79.129876&amp;z=18&amp;l=0&amp;m=a&amp;v=2 नक़्शे पर] भी देखा जा सकता है। जनता के लिए यह संग्रहालय 1985 में खोला गया। इसमें कला, पुरातत्व, प्रागैतिहास, शस्त्र, मूर्ति, कांस्य, काष्ठ नक्काशी, हस्तशिल्प, सिक्का-विज्ञान, डाक-टिकट संग्रह, वनस्पति विज्ञान, भूविज्ञान एवं प्राणिविज्ञान से संबंधित वस्तुएं संग्रहित किये गए हैं। इसमें मानवविज्ञान, कला और पुरातत्व, वनस्पति विज्ञान, भूविज्ञान, सिक्का-विज्ञान, प्रागैतिहास, प्राणिविज्ञान आदि विषयों से संबंधित प्राचीन काल से लेकर आज तक की अनोखी कलात्मक वस्तुएं संजो कर रखी गयी है।इसकेहै। इसके गलियारे में पूर्व संयुक्त उत्तरी अर्कोट जिले के ऐतिहासिक स्मारक बड़ी खूबसूरती से प्रदर्शित किये गए हैं। 400 ई.पू. वेल्लोर तालुक के कांस्य के दोहरे एंटेना वाले तलवार, विगत पल्लव से लेकर विजयनगर दौर तक की पत्थर की मूर्तियां, श्रीलंका के अंतिम कंडियन शहंशाह विक्रम राजा सिंह द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले हाथी-दांत से बने शतरंज एवं सिक्के इसके मुख्य आकर्षण हैं। इस संग्रहालय की शैक्षणिक गतिविधियों में स्कूली बच्चों के लिए कला शिविर, कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए शिलालेखों एवं प्रस्तरचिन्हों (संकेतों) का अध्ययन आदि शामिल हैं।
 
=== कावलोर वेधशाला ===
 
कावलोर वेधशाला ([[वेणु बाप्पू वेधशाला]] [http://www.iiap.res.in/centers/vbo The Vainu Bappu Observatory]) वेल्लोर जिले के अलंगयम में जावाडी पहाड़ियों ([[पूर्वी घाट]] का एक हिस्सा) के कावलोर में अवस्थित है। यह वेधशाला समुद्र स्तर से 725 मी. ऊपर स्थित है (78°49.6'E देशांतर ; 12°34.6'N अक्षांश) शहरी चकाचौंध एवं औद्योगिक इलाकों से काफी दूर स्थित होने के अलावा, इसके लिए भूमध्य रेखा के नजदीकी स्थान का चुनाव यह सोच कर किया गया था ताकि उत्तरी एवं दक्षिणी, दोनों गोलार्द्धों को समान आसानी से कवर किया जा सके. इसके अतिरिक्त, इसकी देशान्तरीय अवस्थिति ऐसी है कि यह दक्षिणी पिंडों के अवलोकन के लिए ऑस्ट्रेलिया एवं दक्षिण अफ्रीका के बीच एकमात्र प्रमुख खगोलीय सुविधा है।2है। 2.3M व्यास वाला [http://www.iiap.res.in/vbo_vbt एशिया का सबसे बड़ा टेलिस्कोप] यहीं स्थित है।
 
=== येलागिरी ===
छोटी छुट्टियों के लिए [[येलागिरी]] पहाड़ियां एक सुखद स्थान हैं। यहां हरी-भरी पहाड़ियां एवं चित्रमान दृश्यावली आपका स्वागत करती हैं। यह एक विलक्षण पहाड़ी स्थल है एवं तमिलनाडु के पहाड़ी स्थलों में से सबसे प्राचीन एवं प्रदूषणरहित है। येलागिरी पहाड़ियों का इलाक़ा पिछड़ा हुआ है, जिसमें कॉटेज एवं फ़ार्म हॉउस जैसी दिखने योग्य कुछ गिनेचुने विकास ही हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद इसने अपने ऊपर 'दूरस्थ' का ठप्पा लगा रखा है।
 
=== क्लॉक टॉवर ===
 
=== विल्लापक्कम ===
विल्लापक्कम का पहाड़ी इलाक़ा, जिसे स्थानीय रूप से पञ्चपांडव मलाई नाम से जाना जाता है, प्रारम्भिक मध्ययुग के दौरान एक समृद्ध जैन केंद्र था।पहाड़ोंथा। पहाड़ों को काटकर बनाए गए गुफानुमा मंदिर, जैन आकृतियों एवं शिलालेखों वाले प्राकृतिक गुफाओं से यही ज्ञात होता है। विशाल पहाड़ी के पूर्वी किनारे पर पहाड़ों को काटकर बनाया गया यह गुफानुमा मंदिर एक बड़ी खुदाई है।
 
== मंदिर ==
लोकप्रिय थिरु मुरुगा किरुपनंधा वरियार, जिन्हें आदरपूर्वक वरियार स्वामिगल भी पुकारा जाता है, का जन्म पलार नदी के उत्तरी किनारे पर बसे एक छोटे से गांव कांगेयनल्लुर में हुआ। यह गांव वेल्लोर जिले में वेल्लोर तथा कट्पडी के बीच 5 किमी की दूरी पर स्थित है। इस प्रांत को संगम साहित्य में थोंदाई नाडु के रूप में संदर्भित किया गया है।
 
उनका जन्म 25 अगस्त 1906 को हुआ था। भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वह शनिवार का दिन, सुबह 4.37 का समय, शुक्ल पक्ष, शशि तिथि, स्वाति नक्षत्र, सुब्रनम योगम, गोलावा करनम, तुला राशि और कर्क लग्न था।
 
=== वल्लिमलाई ===
वेल्लोर में शहरी बस सेवायें उपलब्ध हैं, जो शहर, उपनगरों एवं वेल्लोर के घेरे में 30 किमी तक स्थित स्थानों को आपस में जोड़ती हैं।
 
केन्द्रीय बस टर्मिनल तब तक शहर के ठीक बीचों-बीच किले के विपरीत स्थित था जब तक उसे पलार नदी के तट पर चेल्लियामन मंदिर के समीप नए स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। किले के समीप पुराना बस टर्मिनस अब भी शहर और उपनगरों के बीच चलने वाली सभी बसों के नोडल केन्द्रों के रूप में कार्य कर रहा है। शहर सेवाओं के अन्यान्य बस टर्मिनल चित्तौड़ बस अड्डे, बगयम एवं कट्पडी में स्थित है।
 
कृपया मार्ग एवं किराए के विवरणों के लिए तमिलनाडु सरकार के वेबसाईट की मदद लें : Government Transport Website: [http://www.tn.gov.in/transport/routes/routes_velloretw.htm ]
वेल्लोर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल तथा कर्नाटक के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। दक्षिण भारत के [[चेन्नई]], [[बैंगलोर]], [[तिरुपति]], [[सलेम]],[[इरोड]], [[मैसूर]],[[चित्तोड़]],[[कुरनूल]],[[त्रिची]],[[थिरुवन्नामलाई]],[[तिन्दिवानम]], [[विल्लुपुरम]], [[कन्याकुमारी]],[[अरानी]], [[कांचीपुरम]], [[कलपक्कम]], [[गुडियथम]] एवं अन्य प्रमुख कस्बों एवं शहरों में सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
 
वेल्लोर NH46 पर अवस्थित है, जो [[बैंगलोर]] एवं [[चेन्नई]] (रानीपत से चेन्नई तक NH 4) एवं [[कुड्डालोर]]-[[चित्तोड़]] राजमार्ग को जोड़ता है।इसीहै। इसी वजह से यह यात्रियों के लिए आवागमन का एक प्रमुख बिंदु बन चुका है। [[गोल्डेन क्वाड्रीलैटरल]] ([[भारत]] का सबसे बड़ा [[राजमार्ग]] परियोजना) ने इस शहर के लिए बैंगलोर एवं चेन्नई दोनों शहरों तक पहुंचना बेहद सुलभ बना दिया है (औसतन,[[चेन्नई]] से 2 घंटे एवं [[बैंगलोर]] से 3 घंटे का सफ़र).
 
वेल्लोर एवं अन्य प्रमुख कस्बों तथा शहरों के बीच दूरी:

दिक्चालन सूची