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== जीवन परिचय ==
विक्रम संवत् 1961 आषाढ़ 11 शुक्रवार (28 जुलाई, 1905) को जन्मे विद्यावाचस्पति प्रा. शास्त्री का 102 वर्ष में भी एक युवा की भांति अत्यंत चपलता से, चुस्ती से अपना सारा दिन कामकाज में व्यतीत करते थे। सामान्यतया कोई भी व्यक्ति 75-80 की आयु में अपनी शारीरिक मर्यादाओं के कारण कामकाज से निवृत्त होकर घर में समय व्यतीत करता है, लेकिन शास्त्री जी से जब यह पूछा गया था कि आपकी 101 वर्ष की आयु में भी इतनी स्फूर्ति का रहस्य क्या है, तो उन्होंने कहा था -"कम खा और गम खा यानी कम खाना और कोई भला-बुरा कहे तो मैं हंस देता हूं। कोई भी बुरी बात या घटना मैं अपने मन पर हावी नहीं होने देता और शिष्ट तथा समयबद्ध जीवन-यही मेरे स्वास्थ्य का रहस्य है।"
 
श्री शास्त्री सुबह पांच-साढ़े पांच बजे उठकर नित्य क्रिया समाप्त कर सुबह पौने आठ बजे अपने घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर [[वल्लभाचार्य]] जी के मन्दिर दर्शन करने जाते थे। यहां पर एक घंटे तक भजन-कीर्तन करते थे। घर आकर स्नान-भोजन कर बारह बजे लिखना, पढ़ना-संशोधन का कार्य पूरा करते थे, जो शाम पांच बजे तक जारी रहता था।

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