"कोथ": अवतरणों में अंतर

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Caption = मधुमेहजनित [[अल्सर]] जिसमें केन्द्रीय शुष्क कोथ और अंगूठे की ओर आर्द्र कोथ है |
DiseasesDB = 19273 |
ICD10 = {{ICD10|R|02||r|00}}, {{ICD10|I|70|2|i|70}}, {{ICD10|E|10|2|e|10}}, {{ICD10|I|73|9|i|70}} |
ICD9 = {{ICD9|040.0}}, {{ICD9|785.4}} |
ICDO = |
== कारण ==
 
*'''आघात''' : अत्यधिक आघात से उत्पन्न व्रण, पिच्चित व्रण, शय्याज व्रण, अवगाढ कुशा से उत्पन्न व्रण तथा विकत पोषण वाले रोगियो के आघातज व्रण ईत्त्यादि अवस्थाओ मे उक्तियो मे विघटन अर्थात कोथ उत्पन्न होती ह।
 
* '''रक्तवाहिनियो की व्यधियाँ''' : रक्तवाहिनियो मे अनेक रोग हो सकते ह जैसे बरजर क रोग, रेनाड का रोग, एवम सिराओ कि विकतिया आदि।
 
(क) '''बरजर का रोग''' (burger's disease)
 
यह व्याधि अधिक्तर पुरुषो मे पायी जाती ह। धुम्रपान से, अधिक उम्र मे calcium के जमा होने से तथा ह्र्द्यान्त्रावरण शोफ् से उत्पन्न अन्तः शल्यता आदि कारणॉ से धमनियो मे शोफ तथा एन्ठन उत्पन्न हो जाती ह्। इससे धमनियो मे सन्कोच होकर धमनियो का विवर कम हो जाता ह। इस रोग से प्रभवित स्थान पर रक्त कि न्युनता होकर कोथ उत्पन्न होती ह्।
 
(ख) ''' रेनाड का रोग''' (raynaud's disease)
'''सार्वदेहिक'''
 
१) कोथ से प्रभावित अग के क्रियाशिल होने पर, उक्तियो मे oxygen कि न्युन्ता हो जाती ह, इससे पेशियो मे एन्ठन आती ह तथा तीव्र वेदना होने लगती ह्।
 
२) रक्त सन्चार मे मन्द्ता आ जाने से प्रभावित अग मे विश्राम काल भि वेदना रेहती ह।
== चिकित्सा ==
 
कोथ की चिकित्सा इसके उत्पादक कारणॉ तथा इसकी अवस्थाओ पर निर्भर करती ह, जैसे-
 
१) मधुमेह

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