"कोथ": अवतरणों में अंतर

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बॉट से अल्पविराम (,) की स्थिति ठीक की।
छो (बॉट से अल्पविराम (,) की स्थिति ठीक की।)
== कारण ==
 
*'''आघात''' : अत्यधिक आघात से उत्पन्न व्रण, पिच्चित व्रण , शय्याज व्रण , अवगाढ कुशा से उत्पन्न व्रण तथा विकत पोषण वाले रोगियो के आघातज व्रण ईत्त्यादि अवस्थाओ मे उक्तियो मे विघटन अर्थात कोथ उत्पन्न होती ह ।
 
* '''रक्तवाहिनियो की व्यधियाँ''' : रक्तवाहिनियो मे अनेक रोग हो सकते ह जैसे बरजर क रोग, रेनाड का रोग , एवम सिराओ कि विकतिया आदि।
 
(क) '''बरजर का रोग''' (burger's disease)
'''सार्वदेहिक'''
 
१) कोथ से प्रभावित अग के क्रियाशिल होने पर , उक्तियो मे oxygen कि न्युन्ता हो जाती ह , इससे पेशियो मे एन्ठन आती ह तथा तीव्र वेदना होने लगती ह्।
 
२)रक्त सन्चार मे मन्द्ता आ जाने से प्रभावित अग मे विश्राम काल भि वेदना रेहती ह ।
== चिकित्सा ==
 
कोथ की चिकित्सा इसके उत्पादक कारणॉ तथा इसकी अवस्थाओ पर निर्भर करती ह , जैसे-
 
१) मधुमेह
 
== सन्दर्भ ग्रन्थ ==
* सुश्रुत सन्हिता ,
* शल्य प्रदिपिका - डॉ स्वरूप शर्मा
* शल्य समन्वय- वैद्य अनन्त राम शर्मा, क्लिनिकल शल्यतन्त्र

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