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'''फ़िन''' एक ऐसे पंख को बोलते हैं जिसके ज़रिये हवा, पानी या किसी और द्रव या गैस में कोई जीव या मशीन अपने आप को धकेल सके या अधिक आसानी से बह सके. यह शब्द पहले मछलियों के पंखों के लिए ही इस्तेमाल होता था लेकिन अब दुसरे जानवरों और मशीनों में ऐसे पंखों के लिए भी प्रयोग होता है. फ़िन कई जगहों पर देखे जाते हैं -
'''फ़िन''' एक ऐसे पंख को बोलते हैं जिसके ज़रिये हवा, पानी या किसी और द्रव या गैस में कोई जीव या मशीन अपने आप को धकेल सके या अधिक आसानी से बह सके. यह शब्द पहले मछलियों के पंखों के लिए ही इस्तेमाल होता था लेकिन अब दुसरे जानवरों और मशीनों में ऐसे पंखों के लिए भी प्रयोग होता है. फ़िन कई जगहों पर देखे जाते हैं -
*मछलियों के शरीरों पर फ़िन होते हैं जिनके इस्तेमाल से मछलियाँ किसी भी दिशा में तैरती हैं
* मछलियों के शरीरों पर फ़िन होते हैं जिनके इस्तेमाल से मछलियाँ किसी भी दिशा में तैरती हैं
*तीरों के पीछे लगे हुए तीरपंख एक प्रकार के फ़िन ही होते हैं जो उड़ते हुए तीर का संतुलन ठीक रखते हैं ताकि वह मुड़कर ऊपर-नीचे या दाएँ-बाएँ किसी ग़लत दिशा में न चले जाएँ
* तीरों के पीछे लगे हुए तीरपंख एक प्रकार के फ़िन ही होते हैं जो उड़ते हुए तीर का संतुलन ठीक रखते हैं ताकि वह मुड़कर ऊपर-नीचे या दाएँ-बाएँ किसी ग़लत दिशा में न चले जाएँ
*[[ग़ोताख़ोरी]] में ग़ोताख़ोर अपने पाऊँ पर [[तैरने के फ़िन]] पहनते हैं ताकि ज़्यादा आसानी से तैर सकें
* [[ग़ोताख़ोरी]] में ग़ोताख़ोर अपने पाऊँ पर [[तैरने के फ़िन]] पहनते हैं ताकि ज़्यादा आसानी से तैर सकें
*[[पनडुब्बियों]] में फ़िन लगे होते हैं जिस से उनके चलते हुए पानी का प्रतिरोध कम हो जाता है और वह संतुलित रहतीं हैं
* [[पनडुब्बियों]] में फ़िन लगे होते हैं जिस से उनके चलते हुए पानी का प्रतिरोध कम हो जाता है और वह संतुलित रहतीं हैं




[[श्रेणी:तैराकी]]
[[श्रेणी:तैराकी]]

16:14, 15 फ़रवरी 2013 का अवतरण

तीरों के पीछे लगे हुए तीरपंख एक तरह के फ़िन होते हैं

फ़िन एक ऐसे पंख को बोलते हैं जिसके ज़रिये हवा, पानी या किसी और द्रव या गैस में कोई जीव या मशीन अपने आप को धकेल सके या अधिक आसानी से बह सके. यह शब्द पहले मछलियों के पंखों के लिए ही इस्तेमाल होता था लेकिन अब दुसरे जानवरों और मशीनों में ऐसे पंखों के लिए भी प्रयोग होता है. फ़िन कई जगहों पर देखे जाते हैं -

  • मछलियों के शरीरों पर फ़िन होते हैं जिनके इस्तेमाल से मछलियाँ किसी भी दिशा में तैरती हैं
  • तीरों के पीछे लगे हुए तीरपंख एक प्रकार के फ़िन ही होते हैं जो उड़ते हुए तीर का संतुलन ठीक रखते हैं ताकि वह मुड़कर ऊपर-नीचे या दाएँ-बाएँ किसी ग़लत दिशा में न चले जाएँ
  • ग़ोताख़ोरी में ग़ोताख़ोर अपने पाऊँ पर तैरने के फ़िन पहनते हैं ताकि ज़्यादा आसानी से तैर सकें
  • पनडुब्बियों में फ़िन लगे होते हैं जिस से उनके चलते हुए पानी का प्रतिरोध कम हो जाता है और वह संतुलित रहतीं हैं