"जमदग्नि ऋषि" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
4 बैट्स् जोड़े गए ,  8 वर्ष पहले
छो
Bot: अंगराग परिवर्तन
छो (r2.7.1) (Robot: Adding de:Jamadagni)
छो (Bot: अंगराग परिवर्तन)
'''जमदग्नि ऋषि''' एक [[ऋषि]] थे, जो [[भृगु संहिता|भृगुवंशी]] [[ऋचीक]] के पुत्र थे तथा जिनकी गणना [[सप्तऋषि|सप्तऋषियों]] में होती है।<ref>[http://pustak.org:4300/bs/home.php?mean=31803 पुस्तक.ऑर्ग] पर शब्दकोष में</ref> पुराणों के अनुसार इनकी पत्नी [[रेणुका]] थीं, व इनका आश्रम [[सरस्वती नदी]] के तट पर था। [[वैशाख]] शुक्ल [[तृतीया]] इनके पांचवें प्रसिद्ध पुत्र प्रदोषकाल में जन्मे थे जिन्हें [[परशुराम]] के नाम से जाना जाता है।
 
== आश्रम ==
[[हरियाणा]] में [[कैथल]] से उत्तरपूर्व की ओर २८ किलोमीटर की दूरी पर जाजनापुर गाँव स्थित है। यहां महर्षि जगदग्नि का आश्रम था। अब यहां एक सरोवर अवशेष रूप में हैं। यहां प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की दसवीं को मेला लगता है। महर्षि जगदग्नि की परम्परा में बाबा साधु राम ने जहां तपस्या की है और अपने शरीर का त्याग किया है। उस स्थान को बाबा साधु राम की समाधि के रूप में पूजा जाता है।इस सरोवर की आज भी विशेष बात यह मानी जाती है कि इसमें पानी भरने के बाद फूंकार-हंकार की आवाज आती है। पूर्ण लबालब भरा सरोवर भी पन्द्रह दिनों में सुख जाता है। सांपों की इस जगह अधिकता माना जाती है। लेकिन आज तक कोई नुकसान नहीं हुआ।<ref name="जाजनपुर">[http://amansandesh.blogspot.com/2009/06/blog-post_25.html जमदग्नि स्थल -जाजनपुर]।अमन संदेश।२५ जून, २००९</ref>
 
रेणुका तो जीवित हो गईं लेकिन परशुराम मां की हत्या के प्रयास के कारण आत्मग्लानि से भर उठे। यद्यपि मां जीवित हो उठीं थीं लेकिन मां पर परशु प्रहार करने के अपराधबोध से वे इतने ग्रस्त हो गए कि उन्होंने पिता से अपने पाप के प्रायश्चित का उपाय भी पूछा। पौराणिक प्रसंगों के अनुसार ऋषि जमदग्नि ने तब अपने पुत्र परशुराम को जिन जिन स्थानों पर जाकर पापविमोचन तप करने का निर्देश दिया उन स्थानों में परशुराम कुण्ड सर्वप्रमुख है।
 
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
 
== बाहरी सूत्र ==
 
 
 
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
74,334

सम्पादन

दिक्चालन सूची