"गुरुग्राम जिला" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
3,556 बैट्स् जोड़े गए ,  8 वर्ष पहले
कुछ अंश जोड़े गये है, इंग्लिश गुडगाँव को हिन्दू में अनुवाद करके
छो (Robot: Interwiki standardization; अंगराग परिवर्तन)
(कुछ अंश जोड़े गये है, इंग्लिश गुडगाँव को हिन्दू में अनुवाद करके)
}}
 
'''गुड़गांव''', भारतीय राज्य [[हरियाणा]] का छठा सबसे बड़ा शहर है। यह हरियाणा के ४ प्रमण्डलों में से भी एक है। गुडगाँव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है | गुडगाँव, भारत की राजधानी दिल्ली से ३० किलोमीटर, द्वारका से १० किलोमीटर, चंडीगढ़ से २६८ किलोमीटर दूर है | गुडगाँव दिल्ली के चार प्रमुख उपग्रह शहरो में से एक है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा है | गुडगाँव दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली मेट्रो के माध्यम से सीमा साँझा करता है |
 
गुडगाँव का भारत में प्रति व्यक्ति आय में चंडीगढ़ और मुंबई के बाद तीसरा स्थान है | गुडगाँव भारत का एकमात्र पहला एसा शहर है जिसके प्रतेक घर में बिजली की पूर्ति होती है | बिज़नस टुडे मैगज़ीन के द्वारा गुडगाँव को भारत में रहने के लिए ११ स्थान प्राप्त है | पिछले २५ सालो में गुडगाँव ने बहुत तेजी से प्रगति की है और अपने आप को दुनिया के नक़्शे पर स्थापित किआ है |
 
=== व्युत्पत्ति ===
गुडगाँव का नाम हिन्दू ग्रंथो में भी मिलता है | गुडगाँव गाँव, जो की शहर के एकदम मध्य मैं है, गुरु द्रोणाचार्य का गाँव है | यही पर गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवो और कोरवो को शिक्षा दी थी | पांडव और कोरव्, हिन्दू ग्रन्थ महाभारत के पात्र है | गुडगाँव का पुराणिक नाम गुरुग्राम है, अर्थात गुरु (द्रोणाचार्य) का ग्राम | गुरु द्रोणाचार्य को गुरुग्राम पांड्वो और कोरवो ने उपहार स्वरुप दिया था, जो की ऋषि भरद्वाज के पुत्र थे | महाभारत में दर्शाया गया कुआ, जिसमे पांडवो और कोरवो की गेंद चली गई थी, अभी भी गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज के अन्दर मोजूद है |
 
=== इतिहास ===
इतिहास में गुडगाँव पर हमेशा से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओ का ही अधिकार रहा है जेसे की राजपूत,यदुवंशी,मुग़ल, मराठा आदि |
 
 
२००१ की भारत की जनगणना के अनुसार गुड़गांव की जनसंख्या २,२८,८२० है। भारत की राजधानी [[दिल्ली]] से अपनी निकटता के कारण गुड़गांव ने पिछले दशक के दौरान बड़े पैमाने पर तरक्की की है। गुड़गांव के विकसित होने मे उसका एक प्रमुख आउटसोर्सिंग गंतव्य होना व उत्तरी भारत में अचल संपत्ति बाजार के रूप में उभरना भी एक मुख्य कारण है।
 
1

सम्पादन

दिक्चालन सूची