"अनुमान" के अवतरणों में अंतर

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(3) '''[[अन्वयव्यतिरेक]]'''- जब लिंग और साध्य का सहअस्तित्व और सहअभाव दोनों ही अनुभव में आते हों। आँग्ल तर्कशास्त्री [[जॉन स्टुअर्ट मिल]] ने अपने ग्रंथों में आगमन की पाँच प्रक्रियाओं का विशद वर्णन किया है। आजकल की वैज्ञानिक खोजों में उन सबका उपयोग होता है।
 
==इन्हें भी देखें==
पाश्चात्य तर्कशास्त्र में अनुमान (इनफरेन्स) का अर्थ भारतीय तर्कशास्त्र में प्रयुक्त अर्थ से कुछ भिन्न और विस्तृत हैं। वहाँ पर किसी एक वाक्य अथवा एक से अधिक वाक्यों की सत्यता को मानकर उसके आधार पर क्या-क्या वाक्य सत्य हो सकते हैं, इसको निश्चित करने की प्रक्रिया का नाम अनुमान है और विशेष परिस्थितियों के अनुभव के आधार पर सामान्य व्याप्तियों का निर्माण भी अनुमान ही है।
*[[न्याय दर्शन#अनुमान|न्यायदर्शन में अनुमान]]
*[[न्याय दर्शन]]
*[[अनुमान (कॉन्जेक्चर)|अटकल]]
 
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:भारतीय दर्शन]]

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