"कडपा जिला": अवतरणों में अंतर

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'''कडापाकडप्पा जिला''', भारतीय राज्य [[आंध्र प्रदेश]] के [[रॉयलसीमारायलसीमा]] क्षेत्र का एक [[जिला]] है ।है। इसके पड़ोसी जिलों में दक्षिण में [[चित्तूर जिला |चित्तूर]], उत्तर में [[प्रकाशम जिला| प्रकाशम]] तथा [[कुर्नूल जिला| कुर्नूल]] पूर्व में नेल्लोर[[नेल्लौर जिला| नेल्लौर]] तथा पश्चिम में [[अनन्तपुर जिला |अनन्तपुर]] का नाम आता है ।है। इस जिले से होकर [[पेन्नार नदी]] बहती है ।
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'''कडापा ''' भारतीय राज्य [[आंध्र प्रदेश]] के [[रॉयलसीमा]] क्षेत्र का एक [[जिला]] है । इसके पड़ोसी जिलों में दक्षिण में चित्तूर, उत्तर में प्रकाशम तथा कुर्नूल पूर्व में नेल्लोर तथा पश्चिम में [[अनन्तपुर]] का नाम आता है । इस जिले से होकर [[पेन्नार नदी]] बहती है ।
 
क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.
== इतिहास और विरासत ==
 
इस जिले का ईसापूर्व इतिहास ज्ञात है जब यह [[मौर्य साम्राज्य]] के अन्तर्गत आता था । उसके बाद यह [[सातवाहन| सातवाहनों]] के साम्राज्य का अंग बना । कडापाकडप्पा का नाम ''गडापा'' से आया है जिसका [[तेलगू]] भाषा में अर्थ होता है - ''चरम'' या ''पारसीमा'' । कहा जाता है पूर्व में लोग [[तिरूपति]] मंदिर के दर्शन से पहले इस जिले के ''देवुनी कडापा'' मंदिर में जाते थे ।
 
यहां का एक प्रसिद्ध स्थल पेद्दा दरगाह या अमीन पीर दरगाह भी है जहाँ ''हज़रत ख़्वाज़ा सैय्यद शाह पीरूल्लाह मुहम्मद-उल-हुसैनी'' ने [[जीव समाधि]] ली थी । इसका ''दूसरा [[अजमेर]]'' भी कहते है । हाल में यह चर्चा में इसलिए आया था कि यहां पर [[जया बच्चन]], अभिषेक तथा [[ऐश्वर्या राय]] विशेष प्रार्थना करने आए थे । इसके अतिरिक्त संगीतकार [[ए आर रहमान]] भी इसके दर्शनार्थ यहां आया करते हैं ।
 
मस्ज़िद-ए-आज़म फ़ारसी कला में बनी एक सुन्दर मस्जिद है जिसे १६९१ में [[औरंगजेब]] ने बनवाया था । कडापाकडप्पा का सेंट मेरी का गिरिजाघर भी प्रसिद्ध है जहाँ माँ मेरी की प्रतिमा को [[रोम]] से लाकर स्थापित किया गया था ।
 
इस जिले को १८०८ में जिला बनाया गया था ।था।
 
 
इस जिले को १८०८ में जिला बनाया गया था ।
{{आंध्र प्रदेश के जिले}}
 

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