"उच्चारण" के अवतरणों में अंतर

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जिस प्रकार से कोई [[शब्द]] बोला जाता है; या कोई भाषा बोली जाती है; या कोई व्यक्ति किसी शब्द को बोलता है; उसे उसका '''उच्चारण''' (pronunciation)" कहते हैं। [[भाषाविज्ञान]] में उच्चारण के शास्त्रीय अध्ययन को [[ध्वनिविज्ञान]] की संज्ञा दी जाती है। भाषा के उच्चारण की ओर तभी ध्यान जाता है जब उसमें कोई असाधारणता होती है, जैसे (क) बच्चों का हकलाकर या अशुद्ध बोलना, (ख) विदेशी भाषा को ठीक न बोल सकना, (ग) अपनी मातृभाषा के प्रभाव के कारण साहित्यिक भाषा के बोलने की शैली का प्रभावित होना, आदि।
 
(क) बच्चों का हकलाकर या अशुद्ध बोलना,
 
(ख) विदेशी भाषा को ठीक न बोल सकना,
 
(ग) अपनी मातृभाषा के प्रभाव के कारण साहित्यिक भाषा के बोलने की शैली का प्रभावित होना, आदि।
 
विभिन्न लोग या विभिन्न समुदाय एक ही शब्द को अलग-अलग तरीके से बोलते हैं। किसी शब्द को बोलने का ढ़ंग कई कारकों पर निर्भर करता है। इन कारकों में प्रमुख हैं - किस क्षेत्र में व्यक्ति रहकर बड़ा हुआ है; व्यक्ति में कोई वाक्-विकार है या नहीं; व्यक्ति का सामाजिक वर्ग; व्यक्ति की [[शिक्षा]], आदि

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