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6 मार्च 2020

  • 13:5513:55, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास 0 महानोवा→‎सुपरनोवा का वर्गीकरण टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:5213:52, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,223 महानोवा→‎सुपेरणोव का वर्गीकरण टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:4413:44, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +2 विक्रम अंबालाल साराभाईNo edit summary टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:4313:43, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +536 विक्रम अंबालाल साराभाई→‎पुरस्कार: 1.भौतिक विज्ञान अनुभाग, भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष ([1962) 2.आई.ए.ई.ए., वेरिना के महा सम्मलेनाध्यक्ष (1970) 3.उपाध्यक्ष, ‘परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग’ पर चौथा संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (1971) टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:4113:41, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +177 विक्रम अंबालाल साराभाई→‎पुरस्कार: 1.शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार (1962) 2.पद्मभूषण (1966) 3.पद्मविभूषण, मरणोपरांत (1972) टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:2213:22, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,494 जेम्स क्लर्क मैक्सवेल→‎मृत्यु: जेम्स सी मैक्सवेल की कैंब्रिज, 5 नवम्बर, 1897 को, पेट के कैंसर से इंग्लैंड में मृत्यु हो गई थी। यह एक सुखद संयोग कहा जाएगा कि जिस वर्ष मैक्सवेल की मृत्यु हुई उसी वर्ष (1879) महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइन्स्टीन का जन्म हुआ । शायद प्रकृति को इस महान वैज्ञानिक का पद रिक्त रखना गवारा न हुआ.उनकी खोजों ने आधुनिक दुनिया के तकनीकी नवाचारों के लिए मार्ग प्रशस्त किया और अगली शताब्दी में भौतिकी को अच्छी तरह से प्रभावित करना जारी रखा, साथ ही अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे विचारकों ने उनके अपरिहार्य योगदा... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:1713:17, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +4,501 लुई पास्चर→‎बचपन तथा शिक्षा: लुई पास्चर ने अपने सूक्ष्मदर्शी यंत्र द्वारा मदिरा की परीक्षा करने में घण्टों बिता दिए। अंत में आपने पाया कि जीवाणु नामक अत्यन्त नन्हें जीव मदिरा को खट्टी कर देते हैं। अब आपने पता लगाया कि यदि मदिरा को 20-30 मिनट तक 60 सेंटीग्रेड पर गरम किया जाता है तो ये जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। ताप उबलने के ताप से नीचा है। इससे मदिरा के स्वाद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। बाद में आपने दूध को मीठा एवं शुद्ध बनाए रखने के लिए भी इसी सिद्धान्त का उपयोग किया। यही दूध ‘पास्चरित दूध’ कहलाता है।... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:1513:15, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास −8,215 लुई पास्चर→‎बचपन तथा शिक्षा: लुई पाश्चर (Louis Pasteur) का जन्म 27 दिसम्बर 1822 को फ्रांस के डोल नामक स्थान नैपोलियन बोनापार्ट के एक व्यवसायी सैनिक के यहां हुआ था। उनके पिता की इच्छा थी कि उनका पुत्र पढ़ लिखकर कोई महान आदमी बने। वे उसकी पढाई के लिए कर्ज का बोझ भी उठाना चाहते थे। पिता के साथ काम में हाथ बंटाते हुए लुई पाश्चर ने अपने पिता की इच्छा पुरी करने के लिए अरबोय की एक पाठशाला में प्रवेश लिया किन्तु वहा के अध्यापको द्वारा पढाई गयी विद्या उनकी समझ के बाहर थी। उन्हें मंदबुद्धि और बुद्धू कहकर चिढाय... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:1013:10, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,101 लुई पास्चरकर्म-क्षेत्र: रसायन शास्त्र, सूक्ष्म जीव शास्त्र शिक्षा: École Normale Supérieure विशेष खोज: रैबीज वैक्सिन कार्य : स्ट्रासबर्ग विश्वविद्यालय, लील्ले विज्ञान तथा तकनिकी विश्वविद्यालय ,École Normale Supérieure ,पास्चर इंस्टीट्युट पुरस्कार-उपाधि: लीवेनहोएक मेडल, मान्ट्यान पुरस्कार ,कापली मेडल ,रमफ़र्ड मेडल, अलबर्ट मेडल सम्मान: लुई पास्चर के सम्मान मे ही दूध को 60 डीग्री सेल्सीयस तक गर्म कर कीटाणु रहित करने की प्रक्रिया को ’पास्चराइजेशन’ कहते है। टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:0913:09, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +705 लुई पास्चर19वी शताब्दी के जिन महान वैज्ञानिकों ने निष्काम भाव से मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया ,उनमे से एक थे लुई पाश्चर (Louis Pasteur)। लुई पाश्चर (Louis Pasteur) ने अपनी महान वैज्ञानिकों खोजो के द्वारा बीमारी के दौरान घाव उत्पन्न होने की स्थिति में जो असहनीय पीड़ा होती है उससे मुक्ति दिलाकर एक बड़ी मानव सेवा ही की थी। टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:0413:04, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +757 वर्नर हाइजनबर्ग→‎सम्मान और पुरस्कार: आर्डर आफ़ मेरीअ ओफ़ बेवेरिआ(Order of Merit of Bavaria) रोमानो गार्डीनी पुरस्कार(Romano Guardini Prize) ग्रेंड क्रास फ़ार फ़ेडरल सर्वीस विथ स्टार(Grand Cross for Federal Service with Star) नाईट आफ़ आर्डर आफ़ मेरीट (नागरी श्रेणी) Knight of the Order of Merit (Civil Class) चयनीत रायल सोसायटी के सदस्य(Elected a Foreign Member of the Royal Society (ForMemRS) in 1955) 1932– भौतिकी नोबेल पुरस्कार 1933–मैक्स प्लैंक मेडल टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 13:0313:03, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +4,889 वर्नर हाइजनबर्ग→‎शोधकार्य: सन् 1922-23 के शीतकालीन अवकाश के दौरान हाइजेनबर्ग मैक्स बॉर्न, जेम्स फ्रेंक और डेविड हिलबर्ट के पास अपनी पीएचड़ी के लिये एक परियोजना पर कार्य करने के लिये गॉटिंगन गये। पी.एचडी. प्राप्त करने के बाद उन्हें गॉटिंगन विश्वविद्यालय में मैक्स बॉर्न के सहायक के रूप में कार्य करने का अवसर मिल गया। उन दिनों गॉटिंगन विश्वविद्यालय मैक्स बॉर्न के नैतृत्व में भौतिकी के बहुत बड़े केंद्र के रूप में विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता था। मैक्स बॉर्न को उनके क्वांटम यांत्रिकी की सांख्यिकीय व्याख्य... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:5912:59, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +7,669 वर्नर हाइजनबर्ग→‎प्रारम्भिक जीवन: वर्नर हाइजेनबर्ग का जन्म 5 दिसम्बर 1901 को वुर्ज़बर्ग (Würzburg) में हुआ था। वारेन ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत वुर्ज़बर्ग के स्कूल मेक्सीमिलियन जिम्नेशियम (Maximilians Gymnasium, Munich) से की। जब वे पैदा हुए थे तब उनके पिता आगस्ट हाइजेनबर्ग (August Heisenberg) क्लासिकल लेंग्वेज के शिक्षक थे, जो आगे चलकर सन् 1909 में वे म्युनिक विश्वविद्यालय में ग्रीक भाषा के प्रोफेसर बने। कुछ महिनों के बाद वर्नर भी परिवार के साथ वुर्ज़बर्ग से म्यूनिक आ गये। सन् 1914 में प्रथम विश्वयुद्ध छिड... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:5712:57, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +2,306 वर्नर हाइजनबर्ग→‎जीवन और वृत्ति: गणित में बेहद रूचि रखने वाले वर्नर हाइजेनबर्ग (Werner Heisenberg) भौतिकी की ओर अपने स्कूल के अंतिम दिनों में आकृष्ट हुए और फिर ऐसा कर गये जिसने प्रचलित भौतिकी की चूलें हिला दीं। वे कितने प्रतिभाशाली रहे होंगे और उनके कार्य का स्तर क्या रहा होगा, इसका अंदाज इस बात से लगता है कि जिस क्वांटम यांत्रिकी को उन्होंने मात्र 23 की उम्र में गढ़ा, उसके लिये उन्हें मात्र 31 वर्ष की उम्र में ही नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने मौलिक चिंतन से हाइजेनबर्ग ने ने अनिश्चितता का सिद... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:4912:49, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,814 विलियम हरशॅल→‎गहन अंतरिक्ष का सर्वेक्षण: एक अवलोकन के दौरान हरशॅल ने महसूस किया कि एक आकाशीय पिंड जिसे उन्होंने स्वयं अवलोकित किया, किसी भी तरह से तारा नहीं है बल्कि एक ग्रह है, और यह ग्रह था युरेनस । युरेनस की खोज ने हरशॅल और उसकी बहन व सहायक कैरोलीन को रातोंरात मशहूर कर दिया । हालांकि, हरशॅल नए ग्रह को अपने संरक्षक जॉर्ज-तृतीय के सम्मान में “जोर्जियम सीडस” नाम देना चाहते थे । लेकिन इसके पक्ष में खगोलीय समुदाय का साथ नहीं मिला । अंततः यह आकाश के पौराणिक देवता यूरेनस पर नामित किया गया । इस खोज के एवज म... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:4512:45, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,522 विलियम हरशॅल→‎जीवन परिचय: आगामी नौ वर्षों में हरशॅल ने तीव्रता से समूचे आकाश का सर्वेक्षण किया। उनका उद्देश्य दोहरे-तारों की जांच करना था । 1782, 1785 और 1821 में दोहरे-तारों की सूचीपत्र प्रकाशित की। उसमे कुल 848 तारें सूचीबद्ध किए गए । हरशॅल की दूरबीन शक्ति से पता चला कि मेसियर सूचीपत्र की नीहारिकाएं वास्तव में तारों के समूह थे । नीहारिकाओं के कैटलॉग 1802 (2,500 वस्तुओं) और 1820 (5,000 वस्तुओं) में प्रकाशित किए गए थे । यह बाद में बड़ी तादाद में न्यू जनरल कैटलॉग (एनजीसी) के रुप मे गठित हुआ जिसे 1888 मे... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:3912:39, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,757 विलियम हरशॅलविलियम हरशॅल (फ्रेडरिक) (1738-1822) का जन्म 15 नवम्बर 1738 को हनोवर, जर्मनी में हुआ । चौदह वर्ष की उम्र में वें एक स्थानीय रेजिमेंटल बैंड में शामिल हो गए। चार साल बाद उन्होंने अपने बैंड के साथ इंग्लैंड का दौरा किया । 1757 में इंग्लैंड आकर बस गए और एक संगीतकार के रूप में अपनी जीविका शुरु की । उन्होंने ओक्टागन चैपल, बाथ में सोलह वर्षों तक एक आर्गन वादक के रूप में कार्य किया । इस कार्यकाल के दौरान वें खगोल विज्ञान पर मोहित हो गए । 1772 में अपनी बहन कैरोलीन हरशॅल को इंग्लैंड ले आए । कैरोलीन ने खगोल टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:3212:32, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +838 विलियम हरशॅल1805 ई. में ब्रिटेन के खगोलज्ञ हर्शेल ने दूरबीन की सहायता से अंतरिक्ष का अध्ययन किया तो ज्ञात हुआ कि ब्रह्मांड मात्र सौरमण्डल तक ही सीमित नहीं है। सौरमण्डल आकाशगंगा का एक अंश मात्र है। 1816 में उन्हें नाइट की उपाधि प्रदान की गई । 1822 में उनकी मृत्यु हुई। उनके कार्य को उनके ही इकलौते पुत्र जॉन फ्रेडरिक विलियम हरशॅल ने कायम रखा । टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:2812:28, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +1,940 टेसी थॉमस→‎अग्निक्षेपणास्त्र: अग्नि प्रक्षेपास्त्र (संस्कृत: अग्नि), मध्यम से अंतरमहाद्विपीय दुरी तक मार करने में सक्षम प्रक्षेपास्त्रों का समूह है। जो भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रमद्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित की गईं हैं। भारत, 2008 तक इस प्रक्षेपास्त्र (मिसाइल) समूह के तीन संस्करण प्रक्षेपास्त्र तैनात कर चुका है। नाम प्रकार पहुंच (रेंज) अग्नि-1 मध्यम दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र 700 – 1,250 किलोमीटर (परिचालन) अग्नि-2 मध्यवर्ती दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र 2,000 – 3,000... टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:1612:16, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास +647 मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या→‎उपलब्धीया: चीफ़ इंजीनियर और दीवान के पद पर कार्य करते हुए विश्वेश्वरैया ने मैसूर राज्य को जिन संस्थाओं व योजनाओं का उपहार दिया, वे हैं- मैसूर बैंक (1913), मलनाद सुधार योजना (1914), इंजीनियरिंग कॉलेज, बंगलौर (1916), मैसूर विश्वविद्यालय और ऊर्जा बनाने के लिए पावर स्टेशन (1918) टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
  • 12:1112:11, 6 मार्च 2020 अन्तर इतिहास −22 मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या→‎कार्य: कार्य टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन