विविक्त गणित
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विविक्त गणित गणित की वह शाखा है जो ऐसी गणितीय संरचनाओं का अध्ययन करती है जो मूलतः विविक्त होती हैं, न कि सतत। विविक्त गणित में पूर्णांकों, ग्राफों, तथा तार्किक कथनों का अध्ययन किया जाता है जिनका परिवर्तन असतत होता है न कि वास्तविक संख्याओं की भांति सतत। विविक्त गणित में प्रयुक्त संरचनाएँ सतत नहीं होतीं बल्कि परस्पर विलग मान ही धारण करतीं हैं। इस कारण विविक्त गणित में कैलकुलस तथा विश्लेषण आदि विषय नहीं आते और वे 'सतत गणित' के विषय हैं।
विविक्त गणित के टॉपिक
[संपादित करें]- सैद्धांतिक संगणक विज्ञान
- सूचना सिद्धान्त
- तर्कशास्त्र
- समुच्चय सिद्धांत
- क्रमचय-संचय
- ग्राफ सिद्धान्त
- प्रायिकता
- संख्या सिद्धान्त
- अमूर्त बीजगणित
- परमित अन्तरों का कैलकुलस, विविक्त कैलकुलस तथा विविक्त विश्लेषण
- विविक्त ज्यामिति तथा अभिकलनात्मक ज्यामिति
- संस्थिति
- संक्रिया विज्ञान
- खेल सिद्धान्त, निर्णय सिद्धान्त, उपयोगिता सिद्धान्त तथा सामाजिक चुनाव सिद्धान्त
- विविक्तीकरण
- सतत गणित के विविक्त रूप
- क्रिप्टोग्राफी
- सांख्यिकी
- कोडिंग सिद्धान्त
विविक्त गणित का महत्व
[संपादित करें]- विविक्त गणित, अभिकलन का गणित है।
- यह अत्यन्त 'वास्तविक संसार का गणित' है।
- यह गणितीय तर्क करना एवं 'उपपत्ति के तकनीक' सिखाता है।
- बहुतों के लिये विविक्त गणित एक 'विनोद' भी है।
- विविक्त गणित की संरचनाएँ सॉफ्टवेयर इंजीनियरी के आधार हैं। और आधुनिक तंत्र अपने डिजाइन व कार्य निष्पादन के लिये बहुत सीमा तक साफ्ट्वेयर पर निर्भर हैं।