विभूति नारायण राय

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विभूति नारायण राय
जन्म (1951-11-28) नवम्बर 28, 1951 (आयु 63 वर्ष)
आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
राष्ट्रीयता भारतीय
शिक्षा एम.ए.(अंग्रेजी), बी.ए.(ऑनर्स)
शैलियाँ उपन्यासकार, संपादक, प्रशासक, सामाजिक कार्यकर्ता

विभूति नारायण राय(अंग्रेजी: Vibhuti Narain Rai) (२८ नवम्बर १९५१) आज़मगढ़(उत्तर प्रदेश) में जन्मे| विभूति नारायण राय १९७५ बैच के यू.पी.कैडर के आई.पी.एस. अधिकारी हैं। विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुरुस्कार तथा पुलिस मैडल से सम्मानित श्री राय एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी के साथ-साथ एक उच्चकोटि के कथाकार के रूप में भी जाने जाते रहे हैं। प्रस्तुत उपन्यास "तबादला" पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान प्राप्त हुआ है। उनका उपन्यास "शहर में कर्फ्यू" हिंदी के अलावा अंग्रेजी, उर्दू, असमिया, पंजाबी, बांग्ला, मराठी आदि में भी अनूदित हो चुका है। उनके एक अन्य उपन्यास "किस्सा लोकतंत्र" के लिये उन्हें उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का भी सम्मान प्राप्त हुआ है। उपन्यासों के अलावा उनका व्यंग्य-संग्रह "एक छात्र-नेता का रोजनामचा" भी बहुत लोकप्रिय है।

रचना[संपादित करें]

उपन्यास

  • घर
  • शहर में कर्फ्यू
  • प्रेम की भूतकथा
  • किस्सा लोकतंत्र

व्यंग्य संग्रह

  • एक छात्र नेता का रोजनामचा

वैचारिकी

  • कथा साहित्य के सॉ बरस
  • रणभूमि में भाषा

संस्मरण

  • हाशिमपुरा : उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक काला अध्याय

संपादन[संपादित करें]

  • समकालीन हिंदी कहानियाँ
  • वर्तमान साहित्य (लगभग पंद्रह वर्षों तक)

अंग्रेजी ग्रंथ[संपादित करें]

,

  • Combating Communal Conflict
  • Communal Conflicts: Perception of Police Neutrality During Hindu-Muslim Riots in India, Renaissance Pub. House (1998)
  • Letter addressed to all IPS officers of the country during Gujrat riots of 2002


सम्मान[संपादित करें]

  • इंदु शर्मा अंतरराष्ट्रीय कथा सम्मान
  • उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का सम्मान
  • सफदर हाशमी सम्मान

सन्दर्भ[संपादित करें]