विद्युत्-गतिक निलम्बन

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जब कुण्डली में प्रत्यावर्ती धारा प्रवाहित की जाती है तब इस चित्र में दिखाए गए वलयों (रिंग्स) पर विद्युतचुम्बकीय बल लगता है, जिससे वे ऊपर उठ जाते हैं। वे वहाँ स्थिर होंगे जहाँ विद्युतचुम्बकीय बल, उन पर लगने वाले गुरुत्वीय बल के बराबर होता है।
JR Central SCMaglev नामक रेलगाड़ी अतिचालक चुम्बक से उत्पन्न विद्युत्-गतिक निलम्बन पर आधारित है।

विद्युत्-गतिक निलम्बन (Electrodynamic suspension (EDS)) वह चुम्बकीय प्रोत्थापन है जो परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र के कारण चालकों पर लगने वाले प्रतिकर्षण बल पर आधारित है। परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र के कारण चालकों में भंवर धाराएँ उत्पन्न होतीं हैं जो प्रतिकर्षी बल उत्पन्न करता है।

जापान की एससीमैगलेव (SCMaglev) रेलगाड़ी की कार्यप्रणाली विद्युत्-गतिक निलम्बन पर ही आधारित है। विद्युत्-गतिक निलम्बन का उपयोग चुम्बक प्रोत्थापित कुछ बीयरिंग के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

विद्युतचुम्बकीय निलम्बन