विद्युतीय वाहन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
यूकेम में स्थित एक विद्युत बस

विद्युतीय वाहन या विद्युत वाहन एक प्रकार के विद्युत से चलने वाले वाहन होते हैं। यह वाहन अपने बैटरी द्वारा चलते हैं या कोई बाहरी स्रोत द्वारा विद्युत दिये जाने पर। इसमें विद्युत से चलने वाले रेल भी शामिल हैं। यह ऊपर दिये गए तार द्वारा उच्च विद्युत प्रवाह किए जाने पर चलते हैं। लेकिन कभी कभी इसमें गलती से इसके ऊपर चले जाते हैं और विद्युत प्रवाह के कारण उनकी मौत हो जाती है। लेकिन यह रेल कई प्रकार से उपयोगी है। इसके द्वारा पर्यावरण प्रदूषण में कमी आती है और इसमें बहुत से लोग अपनी यात्रा कर सकते हैं। जिससे लागत में कमी आती है।

इतिहास[संपादित करें]

एडीसन द्वारा बनाया हुआ 1914 में अमेरिकी राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा एक विद्युत वाहन।

1832 और 1839 के मध्य रोबर्ट एंडर्सन ने स्कॉटलैण्ड में पहली विद्युत से चलने वाली एक ही बार आवेशित होने वाली बैटरी का निर्माण किया था। इसके बाद 20वीं सदी तक कई सामान्य जगहों पर विद्युत से चलने वाले वाहन और रेल आदि के यातायात उपलब्ध होने लगे। समय के साथ इसमें लागत कम होने लगा और यह बाजार में अधिक बिकने लगा। धीरे धीरे इसके ट्रक आदि वाहन भी बनने लगे।

लिथियम-आयन बैटरी[संपादित करें]

50-वॉट-घंटा / किलोमीटर क्षमता का लिथियम पॉलीमर बैटरी की छवि।

बहुत से वाहन लिथियम-आयन बैटरी का उपयोग करते हैं। क्योंकि इसमें अधिक ऊर्जा क्षमता होती है और यह बहुत अधिक समय तक अपनी ऊर्जा बचा कर रख सकता है। यह सुरक्षा, लागत, और ऊष्मीयता आदि के मामलों में खरा उतरा इस कारण इसका उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग सुरक्षित तापमान और विद्युत के साथ करता चाहिए। इसमें इसकी समय सीमा कम करने पर इसकी लागत भी कम हो जाती है।[1][2]

परेशानी[संपादित करें]

आवेशन[संपादित करें]

कार में उपयोग होने वाली सीसे-अम्ल की बैटरी।

हर बैटरी जिसे पुनः आवेशित किया जा सकता है, उसे उपयोग होने के बाद पुनः आवेशित करने की आवश्यकता होती है। लेकिन हर बार आसपास उसे आवेशित करने का कोई माध्यम नहीं होता है। इस कारण यह एक बहुत बड़ी परेशानी है। इसके अलावा इस तरह के आवेशन करने पर भी यह बहुत दूर के सफर हेतु नहीं बना है अर्थात यदि किसी दूर वाले स्थल पर जाना हो तो इसके स्थान पर कोई और माध्यम तलाशना पड़ेगा।

विद्युत चुम्बकीय विकिरण[संपादित करें]

उच्च क्षमता वाले विद्युत वाहन में विद्युत चुंबकीय विकिरण का प्रभाव पड़ता है। लेकिन यह केवल तभी होता है, जब यदि उसमें किसी प्रकार का विस्फोट हो जाये या उसमें अधिक भरी वस्तु को डाल दिया जाये।[3]

बैटरी की अदला-बदली[संपादित करें]

कई बैटरी पुनः आवेशित नहीं होते हैं या कुछ में बहुत समय लग जाता है। इस कारण बैटरी की अदला-बदली की जाती है। एक प्रकार के स्थल पर इस तरह के वाहन की बैटरी उपलब्ध होती है। लेकिन यह सभी जगह पर उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी होती है।

चित्रदीर्घा[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Lu, L.; Han, X.; Li, J.; Hua, J.; Ouyang, M. (2013). "A review on the key issues for lithium-ion battery management in electric vehicles". Journal of Power Sources 226: 272. doi:10.1016/j.jpowsour.2012.10.060.
  2. Lu, L.; Han, X.; Li, J.; Hua, J.; Ouyang, M. (2013). "A review on the key issues for lithium-ion battery management in electric vehicles" Journal of Power Sources 226: 272. doi:10.1016/j.jpowsour.2012.10.060.
  3. "GreenFacts summary of the IARC Evaluation of Static and Extremely Low-Frequency (ELFs) Electric and Magnetic Fields" Greenfacts.org. 2010-12-19. Retrieved 2010-12-26.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]