विद्युतशक्ति का वितरण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
विद्युत संयंत्रट्रान्सफॉर्मरविद्युतशक्ति का प्रेषणट्रान्सफॉर्मर
जनन केन्द्रों से उपभोक्ताओं के सेवा लाइनों तक ए.सी. विद्युत-प्रदाय का सरलीकृत आरेख

विद्युत वितरण (इलेक्त्रिक पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन) विद्युत शक्ति प्रणाली का वह चरण है जो विद्युत को उसके उपभोग बिन्दु तक पहुँचाता है। अर्थात यह विद्युतशक्ति के प्रेषण प्रणाली से विद्युत लेकर इसे उपभोक्ताओं तक पहुँचाता है। वितरण उपकेन्द्र, प्रेषण प्रणाली से जुड़कर उच्च वोल्टता पर विद्युतशक्ति लेकर उसे परिणामित्र (ट्रान्सफॉर्मर) के द्वारा मध्यम वोल्टता (२ हजार वोल्ट से ३५ हजार वोल्ट लगभग) पर बदल देते हैं। इसके बाद प्राथमिक वितरण लाइनें विद्युतशक्ति को वितरण ट्रान्सफोर्मरों तक पहुँचातीं हैं जो उपभोक्ताओं के परिसरों (घरों/कारखानों) तक पहुँचातीं हैं। इसके बाद वितरण ट्रान्सफॉर्मर पुनः वोल्टता को कम करते हैं ताकि उसे घरेलू या औद्योगिक उपकरणों को दिया जा सके।

प्रायः एक ही ट्रांसफार्मर से, माध्यमिक वितरण लाइनों के माध्यम से , कई ग्राहकों को आपूर्ति की जाती है। वाणिज्यिक और आवासीय ग्राहक सेवा लाइनों के माध्यम से माध्यमिक वितरण लाइनों से जुड़े होते हैं। बहुत अधिक मात्रा में विद्युत का उपभोग करने वाले ग्राहक सीधे प्राथमिक वितरण स्तर या उप-प्रेषण स्तर से जुड़े हो सकते हैं।

विद्युत शक्ति के नेटवर्क की सामान्य संरचना; इसमें दिखाए गए वोल्टेज तथा लोड आदि का मान यूरोपीय विद्युत नेतवर्कों के अनुसार है।