विग्रह पाल
| विग्रहपाल | |
|---|---|
| पाल राजा | |
| शासनावधि | 870–871 ई॰ |
| पूर्ववर्ती | गोपाल द्वितीय |
| उत्तरवर्ती | नारायण पाल |
| जीवनसंगी | चेदी लज्जादेवी[1] |
| संतान | नारायण पाल |
| राजवंश | पाल |
| पिता | यहपाल |
| धर्म | बौद्ध धर्म |
विग्रहपाल (शासनकाल 870–871)[2] भारतीय उपमहाद्वीप के बंगाल क्षेत्र में पाल वंश का एक शासक थे। वो छठे पाल राजा थे। संन्यास लेने से पहले उन्होंने कुछ समय तक शासन किया। वो धर्मपाल के छोटे भाई और वाकपाल के पौते एवं जयपाल के पुत्र थे। उनके बाद उनके पुत्र नारायणपाल ने पद सम्भाला।
तपस्वी बनने से पहले उन्होंने कुछ समय तक शासन किया। विग्रहपाल धर्मपाल के छोटे भाई वाकापाल के पोते और जयपाल के पुत्र थे। उनके बाद उनके बेटे नारायणपाल ने राजगद्दी संभाली।
वंशावली
[संपादित करें]पहले इतिहासकार मानते थे कि शूरपाल और विग्रहपाल एक ही व्यक्ति के दोनाम थे। हालांकि सन् 1970 में मिर्ज़ापुर जिले में एक ताम्रपत्र मिला जिसने स्थापित किया कि ये दोनों चचेरे भाई थे। उन्होंने या तो एक ही समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में शासन किया है या वो एक दूसरे (क्रम स्पष्ट नहीं) के उत्तराधिकारी हैं।[3] यदि वो उत्तराधिकारी थे तो यह सम्भावना अधिक है कि शूरपाल के उत्तराधिकारी विग्रहपाल थे क्योंकि विग्रहपाल प्रथम और उनके वंशजों ने अखंड उत्तराधिकार में शासन किया। विग्रहपाल ने या तो शूरपाल को पदच्युत कर दिया या सिंहासन के किसी प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में शांतिपूर्वक इयह स्थान प्राप्त कर लिया।[4]
उनके और उनके पूर्वजों के बारे में जानकारी उनके पुत्र नारायणपाल के भागलपुर ताम्रपत्र शिलालेख में मिलती है।[5]
शासनकाल
[संपादित करें]विभिन्न अभिलेखों और ऐतिहासिक अभिलेखों की विभिन्न व्याख्याओं के आधार पर, विभिन्न इतिहासकारों ने विग्रहपाल के शासनकाल का अनुमान इस प्रकार लगाया है:[3]
| इतिहासकार | गोपाल शासन का अनुमानित समय |
|---|---|
| आरसी मजुमदार (1971) | 850–853 (शूरपाल प्रथम के साथ) |
| एएम चौधरी (1967) | 861–866 (शूरपाल प्रथम के साथ) |
| बीपी सिन्हा (1977) | 860–865 (शूरपाल प्रथम के साथ) |
| डीची सरकार (1975–76) | 858–860 |
विग्रहपाल शांतिपूर्ण स्वभाव के थे और उन्होंने अपने पुत्र नारायणपाल के लिए सिंहासन त्याग दिया।[6]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ मिश्रा, विजयकांता (1979). Cultural Heritage of Mithila. मिथिला प्रकाशन. p. 39.
- ↑ Laha, Gopal (2017). "Revised Genealogy, Chronology & Regnal Years of the Kings of the Pala Dynasty in the Light of the Latest Discoveries, Decipherment and Presentation (750-1200 A.d)". Proceedings of the Indian History Congress. 78: 257. आईएसएसएन 2249-1937.
- 1 2 Susan L. Huntington (1 जनवरी 1984). The "Påala-Sena" Schools of Sculpture. ब्रिल आर्काइव. ISBN 90-04-06856-2.
- ↑ Dilip Kumar Ganguly (1 January 1994). Ancient India, History and Archaeology. Abhinav Publications. p. 29. ISBN 978-81-7017-304-5.
- ↑ George E. Somers (1 जनवरी 1977). Dynastic History Of Magadha. अभिनव पब्लिकेशन्स. pp. 188–. ISBN 978-81-7017-059-4.
- ↑ The Cambridge Shorter History of India. CUP Archive. pp. 144–. GGKEY:2W0QHXZ7K40.
| पूर्वाधिकारी गोपाल द्वितीय |
पाल साम्राज्य 9वीं सदी |
उत्तराधिकारी नारायण पाल |