विकिपीडिया:बदलाव करने के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
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विकिपीडिया पर कौन लेख लिख सकता है?[संपादित करें]

यहाँ पर कोई भी लेख लिख सकता है और किसी भी लेख को सही कर सकता है। लेख बदलने के लिए सदस्य बननॆ की जरूरत भी नही है, मगर सदस्य बनने के काफी फायदे है। आप सदस्य बनें और लेख लिखना शुरू करें। विकि पन्नों को बदलना बहुत आसान है । किसी भी पन्ने को बदलने के लिये इस पन्ने को बदलें कड़ी को क्लिक करके । यह आपको एक नये पन्ने पर ले जायेगा जहां आप एक टेक्स्ट बॉक्स में उस विकी पेज के लेख को बदल सकेंगे । उसमें टाइप कर के बदलाव करिये, एडिट बाक्स के नीचे सारांश (summary) में अपने बदलाव का छोटे में सार लिखिये और बदलाव सुरक्षित करें (save) बटन को दबाइये । आप बदलाव सुरक्षित करने के पहले अपने परिवर्तनों की झलक देखने के लिये 'झलक दिखा' (preview) बटन का उपयोग भी कर सके हैं ।

क्या इसके अलावा कुछ और करना चाहिये?[संपादित करें]

हां - यह भी समझ लें कि वहां फॉरमैटिंग कैसे की जाती है। हिन्दी वीकिपीडिया में इसके बारे में अच्छी सूचना नहीं है पर अंग्रेजी वीकिपीडिया में है जो कि यहां है इसे भी देखें। यदि समझ में न आये तो कोई बात नहीं है। हिन्दी वीकिपीडिया के उस लेख को देखें जिसकी फॉरमैटिंग अच्छी हो उसके 'बदलें' वाला बटन दबायें और देखें कि क्या टाईप है उस तरह की फॉरमैटिंग करने के लिये वही टाईप कर दें।

किस तरह के लेख डालें?[संपादित करें]

ब्लौगिंग की शुरूवात इन्टरनेट पर व्यक्तिगत डायरी लिखने की तरह से शुरू हुआ। अंग्रेजी चिट्ठों में काफी विविधिता, विभिन्नता , और परिपक्वता आ गयी है पर हिन्दी चिट्ठों में अभी समय लगेगा। यहां पर अधिकतर चिट्ठे व्यक्तिगत हैं। वीकिपीडिया, ज्ञान कोश है, इसमें व्यक्तिगत लेख नहीं होने चाहिये। इसमें उस तरह के लेख होने चाहिये जैसे कि एक ज्ञानकोश (encyclopedia) में होते हैं।

लिखने का तरीका कैसा होना चाहिये?[संपादित करें]

ज्ञान कोश के लिये लेख तृतीय पुरुष (third person) में होने चाहिये। प्रथम पुरुष (first person) के लेख उसे व्यक्तिगत बना देते हैं पर बहुत से लोग हमेशा प्रथम पुरुष में लिखते हैं। इसका कारण यह है कि प्रथम पुरुष में लिखे लेख को समझना ज़्यादा आसान होता है। पर यह ज्ञान कोश के लिये ठीक नहीं है। पर इसकी चिन्ता छोड़ दें। यह बात दूसरा व्यक्ति अच्छी तरह से पकड़ सकता है और वह ठीक कर देगा।

लिखने में क्या मुश्किलें आती हैं?[संपादित करें]

हिन्दी में दूसरी भाषा के शब्द प्रयोग किये जांय या नहीं - यह विवाद अपनी जगह अलग है। पर अक्सर दूसरी भाषा के शब्द प्रयोग करने पड़ते हैं। मुश्किल यह आती है कि दूसरी भाषा के शब्दों को कैसे लिखें। उनकी कोई मानक वर्तनी नहीं है। अब software को ही लें इसके लिये हिन्दी में नया शब्द निकालना बेकार है इस अंग्रेजी शब्द को ही हिन्दी में ले लिया जाना चाहिये पर इसे लिखा कैसे जाय। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप इसका उच्चारण कैसे करते हैं। इसे हिन्दी (देवनागरी) में सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर, सॉफटवेर, सॉफ़टवेर, सौफ्टवेर, सौफटवेर, सौफ़टवेर साफ्टवेर, साफटवेर, साफ़टवेर की तरह लिखते देखा गया है। इन शब्दों का कोई मानक हिज्जे होना चाहिये पर इस बारे में यह शब्दकोश सहायक है।

स्त्रोत[संपादित करें]