विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 52

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
पुरालेख 51 पुरालेख 52 पुरालेख 53


व्यिंचन

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 13:17, 27 जनवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

नाएप्यीडॉ ‎

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 13:18, 27 जनवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

सन्त किट्स और नेविस

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 11:08, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

   पूर्ण हुआ।--आशीष भटनागरवार्ता 03:55, 19 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

सन्त विन्सेण्ट और ग्रेनाडाइन्स

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 11:09, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

सन्त लूसिया

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 11:10, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]


मेरे विचार से तीनों के ही मामले में एक निर्णय लेकर नीतिगत कर देना चाहिये। तो वह कार्य यहीं हो तो बेहतर होगा, वर्ना एक ही बात की पुनरावृत्ति करना अनुचित होगा।

यह किसी सन्त का नाम नहीं है जिसे हम जातिवाचक संज्ञा मानकर अनुवाद करें व सन्त बना दें। यह स्थान का नाम है अतः व्यक्तिवाचक संज्ञा है। तो इसे जैसे का तैसा लिप्यान्तरण कर सेण्ट लूसिया, आदि कर देना चाहिये। शेष सर्व सम्मति।--आशीष भटनागरवार्ता 12:32, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
जी आशीष जी, तीनों मामले एक ही जैसे हैं। इसलिये निर्णय एक साथ ही होना चाहिये।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 14:22, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
@संजीव कुमार, अनिरुद्ध कुमार, SM7, अजीत कुमार तिवारी, और हिंदुस्थान वासी: तीनों मामलों पर जल्द निर्णय लिया जाय।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 11:55, 8 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
जब हमें पता ही है कि ये व्यक्तिवाचक संज्ञा(प्रॉपर नाउन) है तो राष्ट्रों व द्वीपों, आदि स्थानों के नाम में सेण्ट ही लिखा जाये, न कि सन्त या कुछ और अनुवाद। हां आईलैण्ड को द्वीप, आईलैण्ड्स को द्वीपसमूह अवश्य किया जाए। ये मेरी राय है। इस पर अन्य टिप्पणियां एक सप्ताह के भीतर जैसी व जितनी मिलें, उस पर निर्णय लिया जाएगा। अतः १५ मार्च तक अपने विचार, राय व टिप्पणियाँ यहां दे दें:आशीष भटनागरवार्ता 12:14, 8 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
समर्थन

 समर्थन आशीष जी मैं आपके विचारों से सहमत हूँ। हम अधिक से अधिक आइलैंड को द्वीप तथा आइलैंड्स को द्वीपसमूह कर सकते हैं।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 09:13, 10 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

विरोध या अन्य
टिप्पणियाँ

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नागोरे दरगाह

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 18:14, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

महात्मा गाँधी पर आलेख में सुधार के संबंध में

महात्मा गाँधी पर लिखे आलेख में पैतृक संपत्ति अनुच्छेद के अंतर्गत यह कहा गया है कि "नेल्सन मंडेला, साऊथ अफ्रीका के नेता जो कि जातीय मतभेद और पार्थक्य के उन्मूलन में संघर्षरत रहे हैं, इस पुरूस्कार (गाँधी शान्ति पुरस्कार) के लिए एक प्रवासी भारतीय के रूप में प्रबल दावेदार हैं।" यह वक्तव्य अद्यतन नहीं है तथा गलत है। नेल्सन मंडेला को किसी भी प्रकार से भारतीय मूल से संबंधित नहीं किया जा सकता। १९९० में उन्हें भारत रत्न की उपाधि सें संम्मानित किया गया था, जो उन्हें एक विदेशी नागरिक के रूप में दिया गया। सन २००० में उन्हें गाँधी शान्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। सन १९१३ में उनकी मृत्यु हो चुकी है।--Prabhasranjan (वार्ता) 20:16, 9 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

@Prabhasranjan: ये वाक्य और अनुच्छेद मशीनी अनुवाद प्रतीत होते हैं। आप इसको सही और सटीक जानकारी से बदल सकते हैं।-हिंदुस्थान वासी वार्ता 06:34, 10 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

-हिंदुस्थान वासी ' वार्ता यह एक संरक्षित पृष्ट है। मुझे इनमे परिवर्तन की अर्हता प्राप्त नहीं है।--Prabhasranjan (वार्ता)

@Prabhasranjan: मैंने वो वाक्य सुधार दिया है। बाकी अब आप भी इस लेख को सम्पादित कर सकते हैं।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 17:24, 12 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

ध्यान दें

--आर्यावर्त (वार्ता) 04:06, 10 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

इजराइल-सीरिया तनाब 2018

- सायबॉर्ग (वार्ता) 12:26, 10 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

गन्ना का रस

- सायबॉर्ग (वार्ता) 14:16, 10 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

YesY पूर्ण हुआ --गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 06:31, 11 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

फ़तेह चन्द बुधवार

- सायबॉर्ग (वार्ता) 16:30, 10 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

नमस्कार, कृपया उपरोक्त मुखपृष्ठ सुझाव का अवलोकन करें व कोई बदलाव, सुझाव या कमी बतायें, जिसे सुधारा जा सके। यह मुखपृष्ठ व्यक्तित्त्वस्तंभ हेतु किया गया है। यदि सही रहे व अनुमोदन मिले तो इसे शीघ्र लागू किया जा सकेगा। इसमें अनामदास जी की भी सहमैत है, किन्तु फिर भी आगे भी उनसे सुझाव अपेक्षित हैं।--आशीष भटनागरवार्ता 06:41, 12 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

विकि लव्ज़ द ओलंपिक्स २०१८

9 फरवरी 2018 को 00:01 बजे से 25 मार्च 2018 को 23:59 बजे (यूटीसी) तक शीतकालीन ओलंपिक खेलों के बारे में एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कृपया इसमें भाग लें और हिंदी भाषा में खिलाडियों पर बने लेखों में वृद्धि करें अधिक जानकारी के लिए देखें। --Shypoetess (वार्ता) 09:16, 12 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

हिंदी-संस्कृत अन्तरविकि कार्यशाला

२२-२३ फरवरी २०१८ को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, भोपाल में हिंदी-संस्कृत अन्तरविकि कार्यशाला आयोजत की जा रही है। अधिक जानकारी हेतु यहाँ देखे।:- स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 13:47, 13 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

इस कार्यशाला में पूर्ण आयोजन सुयशजी और स्वप्नीलजी ने किया। अतः मैं उनके प्रति कृतज्ञ हूँ। ॐNehalDaveND 16:19, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

आमेर दुर्ग: निर्वाचन

नमस्कार,

आमेर दुर्ग लेख मेरी ओर से पूर्ण हुआ। इसकी समीक्षा पूर्ण कड़ाई व निर्दयता से अपेक्षित एवं आमन्त्रित है। इसके लिये विकिपीडिया:निर्वाचित लेख उम्मीदवार#आमेर दुर्ग निर्वाचन पर जायें। वैसे वार्ता:आमेर दुर्ग पर भी टिप्पणियां दे सकते हैं। धन्यवाद: आशीष भटनागरवार्ता 17:25, 14 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

मुखपृष्ठ का स्वागत सन्देश

हिंदी विकिपीडिया के मुखपृष्ठ के स्वागत सन्देश में कुछ सुधार की आवश्यकता है:

  1. हिंदी विकिपीडिया के मुखपृष्ठ पर स्वागत सन्देश में "हिंदी विकिपीडिया में आपका सवागत है" लिखा आता है, जोकि अटपटा सा है, मेरी तथा कई अन्य विकिसादस्यों की राय में वहाँ हिंदी विकिपीडिया के बजाय केवल विकिपीडिया लिखा होना चाहिए: "विकिपीडिया पर आपका स्वागत है!" यदि देवनागरी में विकिपीडिया लिखा है, तो उतना काफी है पाठकों को जालस्थल के परिचय हेतु, बार बार "हिंदी विकिपीडिया" अटपटा सा लगता है हम बोल-चाल के लिए हिंदी विकिपीडिया लिखें, परंतु मुखपृष्ठ पर आधिकारिक नाम: विकिपीडिया ही रहने दें, बाकि प्रत्येक भाषा के विकी पर केवल उस भाषा की लिपि में "विकिपीडिया" लिखा होता है, केवल भारतीय विकियों पर किसी कारणवश "हिंदी विकिपीडिया", "मराठी विकिपीडिया", "नेपाली विकिपीडिया", "বাংলা উকিপিডিয়ায়"("बाङ्ला विकिपीडिया"), इत्यादि लिखा रहता है, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है। अतः मेरा यह प्रस्ताव है कि मुखपृष्ठ पर स्वागत सन्देश को "हिंदी विकिपीडिया पर आपका स्वागत है" से परिवर्तित कर "विकिपीडिया पर आपका स्वागत है!" किया जाए। कृपया इस प्रस्ताव पर सभी महानुभाव अपना समर्थन, विरोध तथा अपनी बहुमूल्य राय व टिप्पणियाँ दें।
  2. जिस प्रकार मोबाइल दृश्य के स्वागत सन्देश में अञ्जलि मुद्रा(नमस्कार मुद्रा) को किसी न किसी रूप में लगाने का प्रस्ताव है, उसी प्रकार डेस्कटॉप दृश्य में भी अञ्जलि मुद्रा को लगाया जाए।

धन्यवाद!🙏  Innocentbunny ;)    वार्ता  12:46, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

समर्थन

  1.  समर्थन -- प्रस्तावक के तौरपर।  Innocentbunny ;)    वार्ता  12:46, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  2.  समर्थन अंग्रेजी विकिपीडिया में भी विकीपीडिया लिखा है ना कि इंग्लिश विकिपीडिया। प्रकल्प का नाम विकिपीडिया है न कि हिन्दी विकिपीडिया। ये विकिपीडिया है और इसकी पहचान विकिपीडिया के नाम से ही हो ये अच्छा है, वरना अंग्रेजी विकि विकिपीडिया है और ये हिन्दी विकिपीडिया है! जेब की दोनों ही विकिपीडिया है।--आर्यावर्त (वार्ता) 13:19, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  3.  समर्थन -- Shypoetess (वार्ता) 16:56, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  4.  समर्थन -- ये चित्र भी उचित दिख रहा है। ॐNehalDaveND 05:00, 17 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  5.  समर्थन --गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 10:06, 17 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  6.  समर्थन -- नितिन मिश्र (वार्ता) 09:08, 18 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
  7.  समर्थन -- Sushma_Sharma (वार्ता)


विरोध

चर्चा/टिप्पणी/राय

@हिंदुस्थान वासी: जी, कृपया यहाँ देखें। हालाँकि दूसरी बिंदु पर अभी कुछ नहीं किया जा सकता, मगर पहली बिंदु पर तो अमल किया जा सकता है।  निरपराधवत् मृदुरोमकः    वार्ता  23:50, 10 अप्रैल 2018 (UTC)[उत्तर दें]

मुखपृष्ठ-बंधू प्रकल्प एवं अन्य भाषाओं में खण्ड में छोटा सा सुधर

मुखपृष्ठ पर बंधू प्रकल्प एवं अन्य भाषाओं में वाले खण्ड के अन्य भारतीय भाषाओं में वाले भाग में उर्दू विकिपीडिया की कड़ी नहीं है। जहाँ तक मैं जानता हूँ, उर्दू भी एक भारतीय भाषा है, अतः, कृपया वहाँ पर उर्दू को भी जोड़ दिया जाए।🙏  Innocentbunny ;)    वार्ता  15:00, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

समर्थन

विरोध

टिप्पणी

प्राकृत भाषा को भी जोड़ना चाहिये। ॐNehalDaveND 05:05, 17 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

इसपर भी मेरा  समर्थन है, मगर क्या प्राकृत विकिपीडिया है?  Innocentbunny    वार्ता  21:35, 20 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

मुनस्‍यारी

- सायबॉर्ग (वार्ता) 15:17, 15 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

वेद

ऋग्वेद व अन्य वेदों की सम्पूर्ण जानकारी।साजन त्यागी (वार्ता) 16:13, 16 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

विलय अनुरोध

-- सायबॉर्ग (वार्ता) 07:52, 18 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

११वे विश्व हिन्दी सम्मेलन हेतु सर्वेक्षण टिप्पणी

११वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में हिन्दी विकिपीडिया के भाग लेने हेतु इस सर्वेक्षण प्रपत्र को भरें। -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 13:32, 18 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

इस कार्यक्रम हेतु मेटा के इस संवाद पृष्ठ पर चर्चा में भाग लेवें -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 06:25, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

भोवाली

- सायबॉर्ग (वार्ता) 07:27, 19 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

   पूर्ण हुआ। --आशीष भटनागरवार्ता 18:21, 19 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

अष्टामुडी झील

--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 11:36, 19 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

   सम्पन्न हुआ।--आशीष भटनागरवार्ता 18:21, 19 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

विकीडाटा भारत एडिट-ए-थॉन

विकिमीडिया फाउंडेशन का एक महत्वपूर्ण प्रकल्प विकिडाटा ( www.wikidata.org ) 21 फरवरी 2018 - अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (International Mother Language Day) से 3 मार्च 2018 - मुक्त डाटा दिवस (Open Data Day) तक ‘विकीडाटा भारत एडिट-ए-थॉन’ आयोजित कर रहा है जिसमें भारत से संबंधित सामग्री पर विकिडाटा संपादन किया जाएगा।इस कार्यक्रम की अधिक जानकारी हेतु यहाँ जाएं -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 17:25, 19 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

International Mother Langage Day and Open Data Day Wikidata Edit-a-thon

Please translate the message to your language, if applicable

Hello,
We are happy to inform you that a national level Wikidata editing campaign "IMLD-ODD 2018 Wikidata India Edit-a-thon" on content related to India is being organized from from 21 February 2018 to 3 March 2018. This edit-a-thon marks International Mother Language Day and Open Data Day.

Please learn more about this event: here.
Please consider participating in the event, by joining here.
You may get a list of suggested items to work on here.

Please let us know if you have question. -- Titodutta using MediaWiki message delivery (वार्ता) 07:12, 21 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

चौपाल शीर्ष

कृपया नीचे दिये चौपाल शीर्ष सन्दूक के बारे में विचार व राय दें। यदि सही लगाता है तो लागू किया जा सकता है।:

विकिपीडिया चौपाल पर आपका स्वागत है
नये आगंतुकों का स्वागत है। विकिपीडिया एक ऐसा माध्यम है जो सभी सदस्यों के ज्ञान को एक जगह एकत्रित करता है। विकिपीडिया के द्वारा हम संस्कृति, विज्ञान, कला व दर्शन की जानकारी दुनिया भर में हिन्दी पढ़ने-लिखने वालों तक पहुँचा सकते हैं। अतः सही हिन्दी जानने वालों से अनुरोध है कि आप के पास यदि समय हो तो अपनी जानकारी को हिन्दी में विकिपीडिया पर सहेजें। यहाँ पर विकिपीडिया के सदस्य विकिपीडिया से जुड़े प्रश्न पूछ सकते हैं। तकनीकी मामलों पर भी यहाँ प्रश्न पूछे जा सकते है। नया मत लिखने के लिए सम्पादन टैब पर क्लिक करें। परंतु पहले स्क्रॉल कर पढ़ लें:
  • तथ्यपरक और अन्य प्रकार के प्रश्नों हेतु खोज संदूक या रिफरेन्स डेस्क का प्रयोग करें।
  • अपनी सुरक्षा हेतु कृपया अपना ई-मेल या संपर्क ब्यौरा यहाँ न दें। आपके उत्तर इस पृष्ठ पर ही मिलेंगे। हम ई-मेल से उत्तर नहीं देते हैं।
  • खोजें या पढ़ें प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

    आशीष भटनागरवार्ता 04:23, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    सुझाव अच्छा है ! क्या हम कोई दूसरा चित्र रख सकतें है ? अथवा क्या इस नमस्कार की मुद्रा वाले चित्रों को हम प्रति साप्ताह अथवा मास में बदल सकते है ? यह मेरा एक सुझाव है --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 06:29, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    दूसरे चित्र बदलने हेतु हमारे पास केवल तीन चित्र हैं, जिनमें से एक ये है, दूसरा वह वार्ता सम्पादन वाला, और एक और है, बस। यदि आप सुन्दर एवं आकर्षक १२-१५ नमस्कार मुद्रा के चित्र अपलोड कर पायें तो ये सुझाव सोने पर सुहागा बन जायेगा।--आशीष भटनागरवार्ता 07:06, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    आकर्षक है परन्तु क्या "चौपाल पुरालेख में खोजें" विकल्प हटाना सही रहेगा?--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 07:46, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    कुछ हटाया नहीं है, केवल चित्र जोड़ा है। ये तो मात्र उसका सन्दूक यहां चित्र की स्थिति दिखाने हेतु पेस्ट किया है, जिसमें से औरालेख वाला विकल्प पेस्ट होने से रह गया है।आशीष भटनागरवार्ता 05:03, 25 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    इस चित्र के स्थान पर कोई "चर्चा" करने वाला चित्र हो तो अधिक उपयुक्त रहेगा, क्योंकि ये तो चर्चा करने का ही स्थान है और सदस्यों का स्वागत तो उनके वार्ता पृष्ठ वाले साँचे से इसी तरह के चित्र द्वारा किया जा रहा है। -- (वार्ता) 08:55, 25 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    हिन्दी विकिपीडिया के मोबाइल दृश्य के लिए नया डिज़ाइन

    विकिमीडिया फाउंडेशन की डिज़ाइन टीम के द्वारा हिन्दी विकिपीडिया के मोबाइल दृश्य के लिए नया डिज़ाइन तैयार किया गया है। इसमें हिन्दी समुदाय के द्वारा दिए गए सुझावों को जहाँ तक हो सका, शामिल किया गया है। सामग्री से संबंधित बदलाव नहीं किए जा सके। डिज़ाइन टीम को ऐसे परिवर्तन करने का ज्ञान नहीं है। इस लिए मुखपृष्ठ पर इस समय निर्वाचित लेख और समाचार अनुभाग ही रहेंगे। मैं यह भी बताना चाहूँगा कि अंग्रेजी विकिपीडिया पर भी यही दो अनुभाग हैं। नीचे मैं मौजूदा मुखपृष्ठ और नए मुखपृष्ठ के लिंक दे रहा हूँ:

    • मौजूदा डिज़ाइन
    • नया डिज़ाइन (कृपया स्वाईप करके वह डिज़ाइन देखें जिसमें लिखा है "विकिपीडिया पर आपका स्वागत है। अपनी विकियात्रा आरम्भ करें।")

    मेरे अनुसार मौजूदा डिज़ाइन से यह डिज़ाइन बहुत बेहतर है और हमें इसे अपना लेना चाहिए। रही बात सामग्री को बदलने की उसके बारे में पता करना पड़ेगा कि वह कैसे होगा परन्तु अभी हमें इस डिज़ाइन को लागू करना चाहिए और यह कार्य हिन्दी जागरूकता विडिओ के लॉन्च होने से पहले होना महत्त्वपूर्ण है। और उसके लिए हमारे पास बहुत समय नहीं है। आशा है कि आप सब इस नए डिज़ाइन का समर्थन करेंगे ताकि हम इसे जल्दी से जल्दी लागू कर सकें। --SGill (WMF) (वार्ता) 14:04, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    समर्थन

    1.  समर्थन हालाँकि कुछ सदस्य समाचार वाला भाग होने से सन्तुष्ट नहीं है, साथ ही अन्य सदस्यों की भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है परन्तु हमारे पास शायद यही अन्तिम विकल्प है इसलिये समर्थन।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 16:00, 24 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    2.  समर्थन --जयप्रकाश >>> वार्ता 04:07, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    3.  समर्थन--राजू जांगिड़ (वार्ता) 13:50, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    4. समर्थन वर्तमान डिजाइन से बेहतर होने के कारण। --SM7--बातचीत-- 18:54, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    5. समर्थन -- अजीत कुमार तिवारी वार्ता 02:09, 2 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    6.  समर्थन -- RaoSahil88 (वार्ता) 07:00, 2 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    7.  समर्थन -- Shypoetess (वार्ता) 07:01, 2 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    8.  समर्थन -- Sushma_Sharma (वार्ता) 08:10, 5 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    9.  समर्थन -जे. अंसारी वार्ता 03:36, 14 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    विरोध

    1. समुदाय द्वारा सुझाये गए बदलावों के अनुसार न होने के कारण असमर्थन। टीम को समुदाय का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है और फिर भी मत समुदाय से लिये जा रहे हैं, जो समुदाय कहे ये नहीं होता और टीम चाहती है वहीं होता है। ऐसी स्थिति में समुदाय टीम वैसे भी जो उनकी ठीक लगे वहीं कर रही है। अभी समर्थन दे दिया तो बाद में परिष्कार नहीं होगा।--आर्यावर्त (वार्ता) 14:40, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
      • @आर्यावर्त: जी, आप बात को गलत समझ रहे हैं। जो डिज़ाइन टीम को आता है वह सब कर दिया गया है। ऊपर दिए गए सुझावों में "हिन्दी विकिपीडिया" की जगह "विकिपीडिया" कर दिया है, यात्रा की जगह विकियात्रा कर दिया है और नमस्कार इमोजी हटा दिया गया है। डिज़ाइन टीम केवल दृश्य (विजुअल) पर काम करती है, उन्हें सामग्री को बदलने का ज्ञान नहीं है। फिर भी मैंने लिखा है कि आप और मैं मिलकर इसके बारे में जानेंगे। परन्तु अभी के लिए इस डिज़ाइन का विरोध करके पुराने डिज़ाइन को रहने देने से हिन्दी विकिपीडिया पर आने वाले नए पाठकों का ही नुकसान होगा। आप यह देखें कि पुराने डिज़ाइन से यह कितना बेहतर है।--SGill (WMF) (वार्ता) 16:43, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    टिप्पणियाँ

    फिल्मोग्राफी के लिए विकिडाटा का प्रयोग

    मेरा यह सुझाव है कि फिल्मोग्राफी सेक्शन्स अथवा पृष्ठों मैं विकिडाटा का प्रयोग करा जाए ताकि वे अपडेटेड रह सके। यदि इस विशेय पर किसी को कोई आपत्ति न हो तो एक साँचे का निर्माण करने में मैं सहायता कर सकता हूँ। धन्यवाद। उदहारण Capankajsmilyo (वार्ता) 03:50, 25 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    मै भी आपसे सहमत हूँ क्योकि कई लोग फिल्मो से सम्बंधित जानकारी खोजते हुए विकी पर आते है, ताजा जानकारी विकी को विश्वसनीय बनाएँगी --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 06:35, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    कई सारे फिल्मों के लेख हिन्दी विकि में जल्दी नहीं बनते हैं, तो उसका नाम कैसे दिखेगा? यदि पिछले बार की तरह अंग्रेजी में ही रहा तो बिल्कुल सही नहीं है। -- (वार्ता) 18:08, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]


    एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख

    यह चर्चा [1] के सन्दर्भ में है और उसे विधिवत आगे बढाने के लिए है। कृपया सदस्यगण अपने विचार रखें कि एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख उपयोगी हैं या नहीं? क्या एक उल्लेखनीय विषय पर बना लेख हटा दिया जाना चाहिये? एक वाक्य के लेख के लिए क्या सन्दर्भ आवश्यक है? क्या सन्दर्भ सभी कथनों (वाक्यों) के लिए होता है या केवल ऐसी बात के लिए जो दूसरों को आपत्तिजनक/असत्य/न पचने लायक/सन्देहास्पद लगती हो? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:28, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    कोई भी टिप्पणी लिखने से पूर्व मैं ये कहना चाहूंगा कि मुज़म्मिल जी एवं अनुनाद जी, दोनों ही मेरे प्रिय हैं व टिप्पणी मात्र मुद्दे पर है, इनमें से किसी व्यक्तिविशेष पर नहीं। मेरे विचार से किसी लेख को गलत पाठ, दोहराव (द्विरावृत्ति), फालतू पाठ जो विषय से सम्बन्धित न हो, आदि किसी कारण से हटाया जाए तो सही, अन्यथा मात्र इन दो कारणों से हटाया जाए कि
    • कारण १: एक वाक्य
    • कारण २: सन्दर्भहीन
    कारण १ -- एक वाक्य लेख बुरे से बुरा क्या हानि कर सकता है, कुछ या कई वर्षों के बाद भी किसी ने उस पर सुधार या वृद्धि नहीं की और लोग यह कहेंगे कि यहां तो ऐसे ही लेख बने हुए हैं। यदि मूल सम्पादक ने उसे कुछ बड़ा ही बना दिया होता तो शायद ये बात न होती। अब सोचिये कि यदि सम्पादक ने उस विषय पर लेख बनाय़ा ही न होता, और कुछ या कई वर्षों के बाद लोग देखेंगे कि अमुक विषय पर यहां कोई लेख है ही नहीं। क्या ये है ही नहीं वाली स्थिति अधिक श्रेयस्कर होगी? वह उपयोक्ता कहेगा कि कम से कम १-२ वाक्य तो लिख दिये होते इस विषय पर--- वही तो लिखे हैं इन एक वाक्य लेखों में। और बाद में यदि किसी को वह लेख मिलता है, जो उसमें कुछ वृद्धि कर सकता है - तो हार्दिक स्वागत है। वह कर ही देगा। जैसे मैंने आमेर दुर्ग को निर्वाचन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया है। (कृपया लगे हाथों उसकी समीक्षा भी कर दें)
    कारण २ -- सन्दर्भहीन लेख यदि बना हुआ है और किसी की दृष्टि पड़ती है तो बजाय उस पर ये टैग लगाए, एकाध सन्दर्भ ही न लगा दे। वर्ना टैग लगे लेखों को कभी किसी दिन कोई भी अच्छा सम्पादक, उठा कर १०-१२ या २०-२५ लेखों में सन्दर्भ ही लगा दें व टैग हटा दें। इस पर कार्यशाला भी रखी जा सकती है, और ये योजना भी है कि कार्यशाला करेंगे।
    अब इसके अलावा छोटे लेख बनाने के कुछ अन्य कारणों का विस्तार मैंने प्रबन्धक हेतु निवेदन पृष्ठ पर भी दिये हैं। इन सबके प्रकाश में एवं जिमी वेल्स के कथनानुसार एक वाक्य लेख भी उतने बुरे नहीं हैं जितने बताये जाते हैं। अब ये मेरी निजी राय है जिससे कुछ अन्य प्रबन्धक भी इत्तेफ़ाक़ रखते हैं, किन्तु ये नियम नहीं है। शेष सर्वसम्मति।आशीष भटनागरवार्ता 13:51, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    आशीष जी, आपका धन्यवाद कि आपने एक प्रकार से निष्पक्ष रूप से अपने विचार रखे। असल मुद्दा जैसा मैंने समझा है, यह है कि एक अनुभवी योगदानकर्ता के रूप में आपका योगदान कैसा होना चाहिए? मेरे विचार से यदि आपको छोटे लेख लिखना ही है, तो उसमें कुछ वाक्य अवश्य होना चाहिए। यदि एक वाक्य तक ही सीमित कोई लेख हो तो कम से कम स्रोत-सन्दर्भ अवश्य होना चाहिए - यह बात केवल अनुभवी, विशेषाधिकार-प्राप्त लोगों के बारे में है कि वे गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं या नहीं। रहा यह प्रश्न कि क्या यदि कोई अन्य सदस्य एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख लिखे तो क्या उन्हें हम स्वीकार करेंगे - हम सब स्वयंसेवक हैं - किसी को किसी चीज़ पर बाध्य नहीं किया जा सकता - सामग्री की प्रबंधकगण जाँच कर सकते हैं और यदि कोई स्थान/व्यक्ति/ विषय को वास्तविक अथवा ज्ञानकोशीय वे पाते हैं तो रहने दें - अन्यथा हटा दें। परन्तु ये सब मेरे विचार हैं। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 17:22, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुज़म्मिलुद्दीन जी, इतनी विनती करने के बाद अपने सबसे चहेते विषय पर आपने लिखा किन्तु आप क्या कहना चाहते हैं, सब घालमेल हो गया। आपके इस सन्देश से तो 'एक वाक्य वाले सन्दर्भहीन लेखों' की तुच्छता कहीं सामने नहीं आ रही, जबकि इसे लेकर ही आप किसी की कबर खोदने में लगे हुए थे।---अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:47, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुज़म्मिलुद्दीन जी, सन्दर्भ नीकालने के सन्दर्भ में आप क्या कहते हैं? तब सन्दर्भ की अनिवार्यता का तर्क कहाँ चला जाता है? क्यों सन्दर्भ नीकालने पर भी सब मौन हो जाते हैं? केवल इस लिये कि करने वाला अपने अनुकूल है, अन्ततः समर्थन तो उन्हीं से मिलने वाला है, तो मौन रहो और किसी की कोई छोटी सी क्षति/मतभेद हो जाए और अपने अनुकूल नहीं, तो विरोध करो या उसे दुर्गुण घोषित कर ढंढेरा पीटो? ॐNehalDaveND 17:32, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुझे जहाँ तक याद पड़ता है, जिस सदस्या से इस लेख-सामग्री पर चर्चा हो रही थी, उसने विकि ही पर मुझे उनके पक्ष में आवाज़ उठाने के लिए कहा था। परन्तु असहमत होने के कारण मैंने नहीं किया। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 17:41, 26 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    यही तो बात है महोदय, कितना निष्पक्ष हो कर आपने यह प्रत्युत्तर और वहाँ आचरण किया। ऐसे समय सत्य को सत्य और असत्य को असत्य कहने की शक्ति कहाँ जाती है? परन्तु जैसे ऊपर आप सन्दर्भ की अनिवार्यता पर अटल/आक्रामक हैं, वैसे क्यों वहाँ प्रतीत नहीं हो रहे? अब ये प्रश्न चिह्न ही नहीं, वास्तविकता का चिह्न है। ॐNehalDaveND 04:37, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
     टिप्पणी यह चर्चा अनुनाद सिंह जी ने एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेखों के बारे में प्रारंभ की है, किसी व्यक्ति विशेष पर केन्द्रित नहीं की थी। हिन्दी विकिपीडिया पर किसी महाप्रबंधक / Superhero का कोई प्रावधान नहीं जो हर मामले में हस्तक्षेप करे। अगर इस प्रकार के लोग होते अवश्य "ढंढेरा पीटो" जैसी भाषा पर टोका जाता या कम से कम स्थिति स्पष्ट की जाती कि यदि अनिरुद्ध जी आज प्रबंधक बने भी हैं तो केवल इसलिए कि एक सदस्य जो उनके कुछ सम्पादनों से असंतुष्ट था, उनके विरुद्ध अपने मत का प्रयोग नहीं किया। इस पूरे मामले को अन्देखा करके तुच्छता और "सत्य और असत्य" जैसी बातें करके असल मुद्दे से हटकर यहाँ राजनीति से प्रेरित बातें रखी जा रही जो व्यर्थ में समुदाय का समय नष्ट करने का प्रयास है और पूर्ण रूप से अप्रसांगिक है। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 17:44, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुज़म्मिलुद्दीन जी, मेरा मानना है कि विकि के बारे में दो बातें जो नहीं जानता है उसे किसी विकि का प्रबन्धक होने पर शर्म आनी चाहिये। उसमें से पहली बात आधार लेखों का महत्व और दूसरी बात 'साधारण लोगों के कोलैबोरेशन से असाधारण काम का होना' है। आपने बड़े जोर से 'एक वाक्य वाले स्रोतरहित लेखों' के मुद्दे का उपयोग करना शुरू किया था किन्तु अभी तक उनके महत्वहीनता (तुच्छता) पर एक वाक्य भी नहीं लिख पाये। चार वाक्य तो बड़े दूर की कौड़ी है। उसके बजाय तरह-तरह के बहाने बनाये जा रहे हैं। कहीं 'तुच्छता' का उपयोग आपको खलने लग रहा है, कहीं अलग से चर्चा करने का निवेदन। श्रीमान जी, मैं बहुत पहले इस समूह को बता चुका हूँ कि हिन्दी विकि पर आपका अवतरण ही उस समय हुआ था जब यहाँ राजनीति ही नहीं बल्कि डिक्टेटरशिप चल रहा थी। मैं उसे फिर से दोहराऊँ, शायद इसकी आवश्यकता नहीं है। लोगों की स्मृति इतनी कमजोर भी नहीं होती।-अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:41, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मेरे विचार से ऐसे लेखों को हटा देना चाहिए। यदि एक भी संदर्भ नही है तो उस वाक्य की कोई प्रमाणिकता नही है। विकि एक encyclopaedia है जिसके लिए प्रमाणिकता एक अहम जरूरत है। इसके अतिरिक्त यदि किसी को वह पृष्ठ रखना हो तो वह संदर्भ के साथ कभी भी पुनर्निर्माण कर सकता है। Capankajsmilyo (वार्ता) 01:45, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    क्या कहीं लिखा है कि 'गाय के चार पैर होते हैं' तो इसके लिए आप सन्दर्भ मांगेंगे? कहीं १० x २ = २० लिखा है तो आपको सन्दर्भ चाहिए? कोई लिख दे कि 'आलू जमीन में पैदा होता है' तो वहाँ भी आपको सन्दर्भ चाहिए? क्या आपको पता है कि 'आधार लेख' या 'बीज लेख' का क्या अर्थ है? बीज जमीन में सालों पड़ा रहता है और जब उचित परिस्थितियाँ पैदा होतीं हैं तो उसमें से अंकुर निकलता है जो वटवृक्ष भी हो सकता है। एक वाक्य का लेख बना दिया और उसे अन्य भाषाओं के लेखों से जोड़ दिया तो ही बहुत बड़ा काम हो गया। उदाहरण के लिए किसी रोग पर आपने लेख बना दिया तो आपने कुछ खोज करके या अपनी जानकारी के आधार पर उस रोग का हिन्दी नाम दे दिया है- यह बहुत बड़ा काम है। हो सकता है कोई इसीलिए लेख नहीं शुरू कर पा रहा हो कि उसे हिन्दी शब्द पता नहीं है जबकि वह उस रोग के बारे में लिखने में सक्षम है। कोई हिन्दी वाला उस रोग का नाम जानता हो, वह खोजते-खोजते उसके संगत अंग्रेजी लेख तक पहुँच सकता है (हो सकता है वह उस रोग का अंग्रेजी नाम न जानता हो)। वह अंग्रेजी वाले लेख से पढ़कर कुछ वाक्य हिन्दी में लिख सकता है। इसके अलावा यह बात पहले ही कही जा चुकी है कि सन्दर्भ न होने के कारण उस लेख को हटाने का परिश्रम करने के बजाय सन्दर्भ खोजकर उसमें जोड़ने का परिश्रम क्यों न किया जाय? एक वाक्य से दो वाक्य बनाने का परिश्रम क्यों न हो? क्या हमारे हिन्दी वाले इतना अयोग्य हैं कि एक वाक्य वाले लेख में एक सन्दर्भ नहीं लगा सकते, एक चित्र नहीं जोड़ सकते, एक-दो वाक्य बढ़ा नहीं सकते, कोई बाहरी कड़ी नहीं लगा सकते?--अनुनाद सिंह (वार्ता) 10:50, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुज़म्मिलुद्दीन जी, जो दोनों बातें सन्दर्भ की हो वें कैसे अप्रासङ्गिक हो सकती हैं? राजनीति सर्वदा किसने प्रारम्भ की है और कौन करता है, यह किसी से छिपा नहीं है। जब तर्क न दे पाएँ, तो सदस्य की भाषा पर प्रश्नार्थ करके सदस्य पर ही दोषारोपण कर दिया जाता है। परन्तु वास्तविकता ये है कि कुछ लोग पक्षपाती कार्य करने के लिये ही हिन्दी विकिपीडिया की नीतिओं की आड लेते हैं। उसके अतिरिक्त नीतिओं और व्यवस्था की बात व्यर्थ चर्चा बन जाती है। अतः किसी भी राजनीति के भय के विना मैं पक्षपाती सदस्य के विरोध में खड़ा रहता था और रहूँगा। यहाँ "तुच्छता" शब्द अनावश्यकता के सन्दर्भ में प्रयुक्त हुआ है, परन्तु आप "ढंढेरा पीट कर" उसे मार्गान्तरण दे रहे हैं। ये प्रमाण है आपके पक्षपात का और सार्थक चर्चा को व्यर्थ बनाने के प्रयास का। प्रबन्धक मौन हैं, चहिते लोग सीधे सीधे उत्तर नहीं मिलेगा बोलकर नीकल जाते है, कुछ लोग "उखड़ जाओ" कह कर अपनी तानाशाही का परिचय दे रहे हैं, परन्तु व्यर्थ चर्चा और अप्रासङ्गिक बात कर समुदाय का समय मैं व्यर्थ कर रहा हूँ? ॐNehalDaveND 05:49, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    इस चर्चा को सार्थक बनाने के लिए मैंने अंग्रेजी विकिपीडिया से विकिपीडिया:एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख का निर्माण किया है| सभी सदस्यों को इसके संपादन में आमंत्रित करना चाहूंगा| Capankajsmilyo (वार्ता) 10:59, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    Capankajsmilyo, कुछ लिखने के पहले ही आपने सारांश लिख दिया है। मेरा विचार है कि यह जो चर्चा हो रही है उसी को वहाँ सारांश रूप में लिखना चाहिए। पहले तो आप यह स्पष्ट करें कि 'जिनका विस्तार सम्भव नहीं है' का क्या अर्थ है? कौन निर्धारित करेगा कि किसी लेख का विस्तार सम्भव है या नहीं? क्या विस्तार होने की आशा रखना (अशावादी होना) मूर्खता है? आप ऐसे लेखों को बनाए रखने (न हटाने) से होने वाली केवल एक हानि भी गिना सकते हैं? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:25, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    अनुनाद जी अपने प्रश्नो के उत्तर के लिए कृपया en:wikipedia:One sentence does not an article make देखें| Capankajsmilyo (वार्ता) 11:37, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    Capankajsmilyo, बन्धु , अंग्रेजी विकि और हिन्दी विकि की स्थिति में बहुत बड़ा अन्तर है। इतना अन्तर है कि कह सकते हैं कि कुछ बातों में दोनों एक दूसरे के उल्टे हैं। हिन्दी विकि पर लेख बनाने और बढ़ाने वालों के लाले हैं। अंग्रेजी विकि पर वे लेख न हटाये और किसी भी ऐरू-गैरू के सम्पादन को बनाये रखें तो वहाँ अराजकता फैल जायेगी। इसलिए वे जो तर्क कर रहे हैं अपनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर रहे हैं। हम अपनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए चर्चा करें और निर्णय लें, दूसरे की अंधी नकल करके नहीं। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:49, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    Capankajsmilyo, इसके अलावा बड़े साफ शब्दों में लिखा है कि वह (लेख/राय) कोई अंग्रेजी विकि की नीति नहीं है बल्कि एक या कुछ लोगों की निजी राय है। अतः आप उसको पढ़ने का क्या लाभ है, स्वयं समझ सकते हैं। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:55, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    आपका कथन से मैं कुछ हद तक सहमत हूँ | इसीलिए मैंने केवल शीर्षक अवतरण करके सूचना दी है और यहाँ के समुदाय को अपनी निति स्वयं तय करने के लिए आमंत्रित भी किया है | इस पृष्ठ को निर्मित करने का मेरा मुख कारन है इस चर्चा का सार्थक परिणाम निकलना है | पुराणी बहुत से चर्चाओं में कोई नतीजे का निर्णय नहीं किया गया और बहुत सी चर्चाओं में तो भाग भी नई लिया गया | इससे उत्पन्न होने वाले निरंतर विवादों को काम करने के लिए मैंने इस प्रकार के पृष्ठ के निर्माण की पहल की है | Capankajsmilyo (वार्ता) 12:01, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    Capankajsmilyo, बन्धु, आपकी खुली सोच के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैंने बाद में देखा कि उक्त लेख के वार्ता पृष्ट में लोगों ने बड़ी सफाई से उस विचार का प्रतिकार किया है। वार्ता में लोगों ने कमोबेश वही बातें लिखीं है जो मैं ऊपर हिन्दी में लिख चुका हूँ। अन्त में किसी ने उस लेख को ही हटाने का प्रस्ताव कर दिया है। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:09, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    विकिपीडिया:एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख

    इस लेख को प्रथम-दृष्टा तैयार कर दिया गया है| सभी सदस्यों से अनुरोध है की इसमें यदि बदलाव की आवश्यकता हो तो प्रस्तावित करे अन्यथा इसके समर्थन या विरोध में अपने विचार प्रकट करे | Capankajsmilyo (वार्ता) 13:15, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    समर्थन

    विरोध

    टिप्पणी

    @Capankajsmilyo: जी, आप से अनुरोध है कि ये कार्य हिन्दी विकिपीडिया के सक्रिय एवं वरिष्ठ सदस्यों पर छोड़ दें। विरिष्ठ सदस्यों के बदलाव पूर्ववत न करें।--आर्यावर्त (वार्ता) 02:24, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    आपकी अपमानजनक टिप्पणी के लिए धन्येवाद। Capankajsmilyo (वार्ता) 03:38, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    हिंदी विकि पर आकर मैंने एक नई चीज देखी है जो अन्य विकि पर नही है। जिस प्रकार माननीय सदस्य ने विषय की बजाय मुझपर चर्चा करने में अधिक रुचि दिखाई इसी प्रकार यहाँ की अधिकतर चर्चाये हिंदी विकि की बजाय एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप में अधिक रूप लेती है। यदि कम से कम इस चर्चा को विषय पर केंद्रित रखा जाए तो मेहरबानी होगी। Capankajsmilyo (वार्ता) 03:58, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    कुछ विकिनीतियों की और सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा - विकिपीडिया:शिष्टाचार विकिपीडिया:अच्छी नीयत माने विकिपीडिया:निजी टिप्पणियाँ एवं आक्षेप विकिपीडिया:नए उपयोगकर्ताओ से अच्छा व्यवहार Capankajsmilyo (वार्ता) 04:10, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    @Capankajsmilyo: जी, अगर एक वाक्य के सन्दर्भरहित सारे लेख हटा दिये जायेंगे तो भारत के जिलों का तो एक भी लेख नहीं बचेगा। केवल वे लेख जो उल्लेखनीय नहीं हैं वही हटाये जाने चाहिये। धन्यवाद!--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 15:07, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    Godric ki Kothri जी, मैं आपकी बात से सहमत हूँ। इसलिए मैंने जो प्रस्ताव रखा है वह कुछ इस प्रकार है Capankajsmilyo (वार्ता) 15:31, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    एक वाक्य वाले सन्दर्भरहित लेख यदि उल्लेखनीय न हो तो उन्हें पृष्ठ हटाने की नीति के अनुसार हटाया जाए। पृष्ठ को बनाये रखने के तर्क देते समय कृपया सत्यापनीयता तथा विशेष रूप से वि:बोझ का ध्यान रखें।
    यदि कोई लेख उल्लेखनीय नहीं हो तो पहले भी हटाया जाता रहा है। इसमें नया क्या है? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 16:51, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    पृथ्वीराज चौहान

    ॐNehalDaveND 04:37, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    महादेवी वर्मा के लेख में सुधार संबंधी

    मैं इस लेख को सुधारना चाहती हूँ। अभी यह सुरक्षित है, यदि संभव हो तो इसे सात दिनों के लिए संपादन हेतु खोल दें। नीलम (वार्ता) 09:44, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    नीलम जी, कृपया प्रतीक्षा करें। @संजीव कुमार, अनिरुद्ध कुमार, SM7, अजीत कुमार तिवारी, और हिंदुस्थान वासी: गण से कोई न कोई इस निवेदन पर यथाशीघ्र कुछ कार्यवाही करेंगे। धन्यवाद। ॐNehalDaveND 09:50, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @नीलम: जी, महादेवी वर्मा लेख को कोई भी स्वतः स्थापित सदस्य संपादित कर सकता हैं अतः आप भी अवश्य संपादित कर सकते हैं। आपको क्या समस्या आ रही है?--आर्यावर्त (वार्ता) 10:07, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    मानचित्रों में लुआ त्रुटि

    मैं हिन्दी विकिपीडिया पर हाल में बनाये गये सभी मानचित्र सम्बन्धी लेखों में लुआ त्रुटि की समस्या देख रहा हूँ। यदि संभव हो तो कृपया इसका एक स्थायी समाधान किया जाय। अब हर लेख बनने के बाद किसी विशेषज्ञ को कष्ट तो नहीं दिया जा सकता है।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 10:34, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    क्या इस समस्या के कारण के बारे में किसी उत्साही सदस्य ने कुछ पता किया है? इसका समाधान न मिलना या न खोजना हमारी सामूहिक शिथिलता का शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:00, 27 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    वाकई एक समस्या है, हिंदी विकी पर मानचित्र में हमेशा त्रुटि आती है, मुझे लगता था कि संभवतः मैंने कोई भूल की है, मगर ये हर बार होता है, किसी अनुभवी सदस्य को इसपर ध्यान देना चाहिए, संभवतः हिविकी में मानचित्रों के साँचों के कोड में ही कुछ समस्या है, हो सकता है, हिंदी वाले कोड और अंग्रेजी वाले कोड के बीच प्रूफ़रीडिंग करने से समस्या सुलझ जाए। अन्यथा यह भी हो सकता है कि क्योंकि अधिकांश बार मैं ज्ञानसंदूक को अंग्रेज़ी वाले लेख से कॉपी-पेस्ट कर लेता हूँ, और हो सकता है कि हिंदी और अंग्रेजी वाले साँचों के बीच सिण्टैक्स अंतर है, इसीलिए ऐसा हो रहा हो...  Innocentbunny    वार्ता  10:05, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    अंग्रेजी विकी पर पहले एक ही मानचित्र रहता था अब एक साथ दो मानचित्र (एक राज्य तथा दूसरा देश) रहते हैं साथ में तीसरा विकल्प Show all भी रहता है जबकि पहले ऐसा नहीं था। शायद इसी कारण कही प्रोग्रामिंग में समस्या आ रही है। हमे भी मौड्यूल व साँचे शायद उसी प्रकार से बदलने पड़े शायद तभी इसका स्थायी हल मिल सकता है।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 13:46, 28 फ़रवरी 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    जी की सहायता से समस्या को दूर कर दिया गया है। फिर भी कहीं समस्या दिखाई देती है तो सूचित करें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 05:06, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    धन्यवाद तथा संजीव कुमार जी, अब यह समस्या दूर हो गयी है।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 13:54, 1 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    Merging identical categories

    (My apologies for writing in English, and my apologies if I am posting in the wrong place.) I am working to merge items across different language wikis on Wikidata, and I have come to notice many category items with nearly identical names from this wiki. If it is appropriate to do so, within each pair of categories, one category should be deleted and its contents should be migrated to the other category. If it is not appropriate to do so, then feel free to add {{Not done}} next to said pair with some rationale for keeping both—and, if possible, find a Wikidata item with which the category without links to other wikis should be merged. (This list may be expanded as I find more identically named items.) Mahir256 (वार्ता) 07:05, 2 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    Some special cases:

    @Mahir256: Except for last one all are now merged in both Wikipedia and Wikidata. You can write on my talk page here or on Wikidata if you find more.--हिंदुस्थान वासी वार्ता 15:45, 2 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    Editing News #1—2018

    20:56, 2 मार्च 2018 (UTC)

    वर्तनी के कारण बने नकल पृष्ठ

    हिंदी विकिपीडिया पर अनेक पृष्ठ ऐसे है जो वर्तनी के मामूली अंतर के कारण बन गए है। मैंने ऐसे पृष्ठों मैं से कुछ को तो पुनरप्रेक्षित किया है पर ऐसे बहुत सारे है। क्या ऐसे सभी पृष्ठों की कोई सूची मिल सकती है? Jayprakash12345 आपको हिंदी विकि की काफी तकनीकी जानकारी है। क्या आप इसमें कुछ सहायता कर सकते है? Capankajsmilyo (वार्ता) 08:19, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    पंकज जी, मेरा ज्ञान मे अभी तक ऐसा कोई टूल नहीं है जो वर्तनी के मामूली अंतर से बने पृष्ठ की सूची बनाता हो। और यह कार्य मुश्किल भी हैं। क्यूकी आनंद और आनंद फिल्म मे मामूली अंतर है लेकिन दोनों में तो जमीन आसमान का अंतर है। यह कार्य मैन्युअली करना होगा। इसके लिए विशेष:उपसर्ग अनुसार पृष्ठ मे जाकर सूची मिल सकती है। जैसे आ उपसर्ग के पृष्ठ निकालने पर हमे आनंद और आनंद (फिल्म) एक क्रम मे मिलेंगे।--जयप्रकाश >>> वार्ता 09:10, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    जी मेरा आशय ऑयन और आयन, पाँचाल और पाञ्चाल जैसे पृष्ठों से था जो केवल एक मात्रा या हलंत के कारण बन जाते है। आनंद और आनंद फ़िल्म में तो शब्द जुड़ गए है। Capankajsmilyo (वार्ता) 09:18, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    More examples - [5] [6]Capankajsmilyo (वार्ता) 02:27, 4 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    चित्र प्रेरक अधिकार सदस्य समूह हटाने हेतु अनुरोध

    चित्र प्रेरक अधिकार प्राप्त सदस्य चित्र नामस्थान के पृष्ठों को भी स्थानांतरित कर सकते हैं मतलब की वे किसी भी फ़ाइल का नाम बदल सकते हैं। इसमे कोई दो राय नहीं हैं कि यह सदस्य समूह वाकई मे अच्छा है। लेकिन क्या हिन्दी विकि को सच मे जरूरत हैं? चित्र प्रेरक अधिकार प्राप्त सदस्य को movefile (विशेष:सदस्य समूह अधिकार) अधिकार प्राप्त होता है। जो प्रबन्धको समूह में भी हैं। हाल के परिवर्तन देखने से लगता हैं अगर हम चित्र अपलोड को देखे तो उसका औसत 2 चित्र प्रति दिन से भी कम है इनमे से भी ज़्यादातर सही नाम से अपलोड होती है। तो इस पर एक प्रश्न है कि क्या हमे वाकई मे इस सदस्य समूह की जरूरत है? सदस्यसूची मे देखने से पता चला कि वर्तमान में मुज़म्मिल जी इस समूह के सदस्य हैं। और स्थानान्तरण लॉग से पता चला कि सदस्य मुज़म्मिल जी ने 28 जून 2012 से आज तक केवल 1 स्थानान्तरण किया हैं।

    08:22, 3 सितंबर 2017 Hindustanilanguage (चर्चा | योगदान) ने चित्र वार्ता:Shubh-story 647 042517045349.jpg पृष्ठ चित्र वार्ता:Shubh Mangal Savdhan Poster.jpg पर स्थानांतरित किया (नाम) (पुराने अवतरण पर ले जाएं)
    08:22, 3 सितंबर 2017 Hindustanilanguage (चर्चा | योगदान) ने चित्र:Shubh-story 647 042517045349.jpg पृष्ठ चित्र:Shubh Mangal Savdhan Poster.jpg पर स्थानांतरित किया (नाम) (पुराने अवतरण पर ले जाएं)
    

    सदस्य मुज़म्मिल जी चित्रो के मामले में काफी अनुभवी है। इसमे भी कोई दो राय नहीं हैं। लेकिन जब इस अधिकार की हिन्दी विकि पर कोई जरूरत ही नहीं है तो वह भी कौन से चित्रो का स्थानान्तरण करे। इस पर मैं मुज़म्मिल जी से टिप्पणी चाहूँगा क्यूकी शायद जो मुझे दिख रहा हो परिस्थिति उसके विपरीत हो। वाकई मे हिन्दी को इस अधिकार की जरूरत हो। परंतु अभी मैं अपनी समझ के अनुसार इसे हिन्दी विकि से हटाने का प्रस्ताव देता हूँ

    सदस्यो के भाव
    1. समूह हटाये- ऊपर के तर्क के अनुसार--जयप्रकाश >>> वार्ता 16:03, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    2. कोई काम का नहीं है, और इसके साथ "वरिष्ठ संपादक" वाले सदस्य समूह को भी हटा देना चाहिए। उसका आज तक उपयोग ही नहीं हुआ है और वर्तमान में किसी के पास ये अधिकार भी नहीं है। -- (वार्ता) 16:55, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    3. जी ,दोनों समूह अच्छे होते हुए भी किसी काम के नहीं है या कहे की अभी हिंदी विकी के लिए आवश्यक नहीं और किसी सदस्य के पास इसके अधिकार भी नहीं है ,विलोपित करना अथवा हटाया जाना उचित।:स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 13:47, 7 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    टिप्पणियाँ
    • विशेष रूप से इस अधिकार का मैंने कितनी बार प्रयोग किया है, ये तो स्वयं मुझे भी याद नहीं। आपने आकलन करके बताया है, तो सम्भव है कि ठीक ही हो। मेरी व्यक्तिगत राय ये है कि 1111.jpg या AAAA.jpg जैसे नाम जो चित्र का कोई सही विवरण नहीं देते या फिर कोई आपत्तिजनक नाम जैसेकि fool-laughing.jpg जिसे सम्भवतः laughing-boy.jpg या हँसता-बच्चा.jpg हो तो निरापत्तिजनक हो सकता है - ऐसी विशेष स्थितियों में बदला जा सकता है। पर अगर अन्य सदस्य इस अधिकार को समाप्त करना चाहते हैं तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं क्योंकि प्रश्न इन स्थितियों के आने और अधिकार के प्रयोग का है। इस मामले में प्रबंधकगण उचित राय दे सकते हैं। --मुज़म्मिल (वार्ता) 17:00, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    नया विकिपीडिया

    नमस्कार, हरियाणवी विकिपीडिया का प्रस्ताव रखा गया है। इछुक सदस्यो को संपादन का निमंत्रण है। धन्यवाद Capankajsmilyo (वार्ता) 16:52, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    पंकज जी, सच में ऐसा नहीं हैं। meta:Requests_for_new_languages#Wikipedia देखें।--जयप्रकाश >>> वार्ता 16:57, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    Jayprakash12345 वहाँ भी अनुरोध जोड़ दिया गया है। Capankajsmilyo (वार्ता) 17:26, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    जी अच्छा किया। लेकिन आपने जो incubator पर पेज बनाया है उसे भाषा समिति के सदस्य बनाते है। जब परियोजना को eligible कर दिया जाता हैं। हरियाणवी भाषा के लिए विकिपीडिया थोड़ा मुश्किल है। क्यूकी हरियाणवी भाषा के लिए कोड ISO 639-3 हैं। जबकि ISO 639-2 कोड वाली भाषाओ को भी भाषा समिति बहुत मुश्किल से मंजूर करती हैं।--जयप्रकाश >>> वार्ता 17:42, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    पंकज जी, मैथिली को इंकोब्यूटर से निकालने के अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि आपका ५-१० सक्रिय सदस्यों की आवश्यकता होगी जो कम से कम ६ महीने तक परियोजना में योगदान दें। फिर प्रश्न लेखों की संख्या, सिस्टम मेसेजेज़ और भाषाविदों से प्रमाण लेना कि लेख सामग्री की वही भाषा है जो परियोजना की होना चाहिए - देखी जाएगी। धन्यवाद। --मुज़म्मिल (वार्ता) 17:58, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    कड़िया

    जगसीर सिंह

    --मुज़म्मिल (वार्ता) 19:51, 3 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    दुसाद

    --मुज़म्मिल (वार्ता) 07:58, 4 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    विश्व हिन्दी सम्मेलन

    विश्व हिन्दी सम्मेलन में हिन्दी विकिपीडिया की सहभागिता हेतु कल एक हैंगआउट चर्चा हुई जिसमे अनुदान प्रस्ताव व बजट को अंतिम रूप दिया गया। इस विषय में विस्तार से जानने के लिये यहाँ देखें।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 12:54, 5 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    उपरोक्त लेख को निर्वाचन परख में गये एक माह होने को है। निवेदन है कि उसकी समीक्षा शीघ्रातिशीघ्र की जाये, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके। अधिक समय होने से सुधार कार्रवाई का कार्य कठिन हो जाता है, क्योंकि लेख मुख्य स्मृति से उतर जाता है। अतः पुनर्निवेदन है कि उसकी समीक्षा शीघ्र कर निर्णय की ओर अग्रसर किया जाए, जिससे कि हमें एक नया निर्वाचित लेख मिले तथा एक और लेख को इस श्रेणी की ओर तैयार करने का कार्य आरम्भ किया जा सके। साभार:--आशीष भटनागरवार्ता 00:03, 8 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    नागालैंड लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

    --गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 10:35, 10 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    Galicia 15 - 15 Challenge

    Wikipedia:Galicia 15 - 15 Challenge is a public writing competition which will improve improve and translate this list of 15 really important articles into as many languages as possible. Everybody can help in any language to collaborate on writing and/or translating articles related to Galicia. To participate you just need to sign up here. Thank you very much.--Breogan2008 (वार्ता) 14:07, 12 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    अत्यावश्यक लेख

    नमस्कार, अभी अभी विकिपीडिया:अत्यावश्यक लेख/स्तर/१ का गठन किया गया है। किंतु मैं यह नही जानता कि हिंदी विकिएडिया के १० अत्यावश्यक लेख कोनसे है। तो कृपया सूची सही करने के लिए मार्गदर्शन करें। धनयवाद। Capankajsmilyo (वार्ता) 04:34, 13 मार्च 2018 (UTC) सादर अभिवादन विकिपीडिया:अत्यावश्यक लेख/स्तर/१ के बावजूद हम जैसे नए लेखकों को हतोत्साहित करने से उम्दा है कि उनको जोड़े रखने के लिए प्रयास हों। अर्थ हीन पन्नों का बनाया जाना बेहद दुखद स्थिति है। इसमें मैं माला चौबे के [[[[7]]]] को देखिये Girishbilloreoneगिरीशबिल्लोरे 21:36, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    हिन्दी विकिपीडिया की अक्षमता

    दोस्तों, यह कहते हुये खेद होता है कि अभी तक हिन्दी विकिपीडिया के आलेखों में नाम मात्र की वृद्धि हुयी है। क्या हमारे पास जीव विज्ञानी या वनस्पति शास्त्रियों की कमी है कि हम इन सब में लेख नहीं लिख सकते हैं? कृपया अच्छे लेखक खोजे जायें और उनसे अनुरोध किया जाये कि वो हिन्दी विकिपीडिया में योगदान दें। धन्यवाद Mastmastkalandar (वार्ता) 16:10, 14 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    @Mastmastkalandar: जी आपने बहुत अच्छा विषय उठाया कृपया अपने स्तर पर जीव विज्ञानी या वनस्पति शास्त्रियों की खोज जारी रखे एवं उन्हें विकी पर योगदान देने हेतु प्रेरित करें ,समुदाय आपके साथ है।आपकी सक्षमता ही विकी की सक्षमता है। -स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 13:44, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    भारत के राजनीतिक दलों की सूची

    - सायबॉर्ग (वार्ता) 16:23, 14 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    प्रबन्धकों के कार्य का विभाजन

    सामान्यतः विकिपीडिया पर प्रबन्धक कुछ काम बांट लेते हैं तो कार्य आसान हो जाता है। हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ वर्षों में प्रबन्धकों की भारी कमी थी अतः यह कार्य नहीं हो पाया लेकिन वर्तमान में प्रबन्धकों की कुल संख्या 9 (+1 बॉट-प्रबन्धक) है। अतः मुझे लगता है प्रबन्धकों को कार्य का विभाजन कर लेना चाहिये। जिसमें ५ प्रबन्धकों को अलग-अलग कार्य दे दिया जाये बाकी हर जगह प्रबन्धक एक दूसरे की सर्वसम्मति रख सकें। मैंने पिछले ४-५ दिन में एक साथी प्रबन्धक (सदस्य नाम: आर्यावर्त) जी का सन्देश पढ़ा है कि वो मुखपृष्ठ समाचार के लिए प्रबन्धक नहीं बने। मैं चाहता हूँ कि समुदाय यह स्पष्ट कर दे कि उन्हें प्रबन्धक कौनसे कार्य के लिए बनाया है, जिससे उन्हें पिंग (ping) करने के काम में आसानी रहे।

    ऐसा करने से नये प्रबन्धक बनाने की राह भी आसान होगी और कार्य की प्रगति भी होगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 09:28, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    @Suyash.dwivedi, आशीष भटनागर, अनुनाद सिंह, Godric ki Kothri, Jayprakash12345, और Swapnil.Karambelkar: कृपया स्पष्ट करें कि आपने प्रबन्धक चुनाव को किस उद्देश्य से समझा है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 09:35, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार: अगर कार्य विभाजन की बात करें तो मैं विशेष कार्य केवल नये प्रबंधकों को ही देने का पक्षधर हूँ। अजीत जी ने शीघ्र हटाने योग्य लेखों को हटाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। अगर वे चाहे तो उन्हें स्थायी प्रबंधक बनाने का मैं पक्षधर हूँ। छोटी मोटी खामियों को छोड़ दें तो आर्यावर्त जी को पुनरीक्षण कार्य का अनुभव है अतः उन्हें यह कार्य दिया जा सकता है। अनिरुद्ध जी के अधिक योगदान मुझे पता नहीं हैं अतः मैं उनके बारें में कुछ कह नहीं सकता। बाकी आप, आशीष जी, हिन्दुस्तान वासी जी और अनामदास जी एक अनुभवी प्रबंधक हैं। आपके कार्यों से किसी को कोई समस्या नहीं होगी।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 10:37, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @Godric ki Kothri: आपसे सहमत हूँ, लेकिन क्या अजीत जी और आर्यावर्त जी भी सहमत हैं? कुछ प्रबन्धकों को सर्वव्यापी भी रहना पड़ेगा क्योंकि यदि काम का अतिव्यापन (overlapping) नहीं हुआ तो फिर पहले वाली स्थिति ही रहेगी। अनिरुद्ध जी को प्रबन्धक कुछ विशिष्ट कारणों से बनाया गया है। वो हिन्दी विकि के कुछ ऐसे विकारों को ठीक कर सकते हैं जो हम लोग (जो अपने आप को सर्वज्ञानी एवं सम्पूर्ण समझते हैं) नहीं कर सकते। चूँकि अनिरुद्ध जी व्यवसाय से हिन्दी विषय में अच्छे पद पर हैं अतः यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। लेकिन पहले सभी प्रबन्धक अपनी रुचि के विषय बतायेंगे तो ही कार्य का विभाजन हो सकेगा। मैंने आप लोगों को पिंग इसलिए किया था क्योंकि आर्यावर्त जी के कथन (कि मैं इस कार्य के लिए प्रबन्धक नहीं बना) से मुझे समझ नहीं आ रहा कि वो प्रबन्धक क्यों बने हैं। वैसे ये जानना मेरा काम है भी नहीं लेकिन एक प्रबन्धक होने के नाते ऐसा जानने के बाद मैं उन्हें अनावश्यक स्थानों पर पिंग नहीं करूँगा और कुछ स्थानों पर उनके साथ मिलकर काम करना आसान हो जायेगा। अब वो तो इस प्रश्न का उत्तर दे नहीं रहे, अतः मैंने उन सभी लोगों से पूछना उचित समझा जिन्होंने मिलकर प्रबन्धक बनाया है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 11:43, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार: हालाँकि इस विषय का जवाब @आर्यावर्त: जी ही देते तो बेहतर होता लेकिन फिर भी आप विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#आर्यावर्त पर देख सकते हैं कि उन्होंने मुख्यतः बर्बरता से लड़ने व् पृष्ठ सुरक्षित करने के लिये यह अधिकार लिया है और मैंने भी उन्हें बर्बरता हटाने में उनके कार्य को देख कर ही समर्थन किया था। लेकिन मुझे यह अंदाजा नहीं था की वे बार बार यह कहेंगे कि मैंने मुखपृष्ठ समाचार अद्यतन के लिये यह पद नहीं लिया है।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 12:30, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार:जी , सदस्य @आर्यावर्त:जी ने उक्त कार्य के लिए प्रबंधक अधिकार मांगे थे - "बर्बरता आदि से लड़ने के लिए बाबा जैसे सदस्यों को प्रतिबंधित करना, अधिक बर्बरता वालें पृष्ठों को सुरक्षित करना या सुरक्षा हटाना, पृष्ठ हटाना आदि टूल मुझे इस कार्य में अधिक उपयोगी हो सकते हैं और इसकी मदद से मेरे कार्यों में वृद्धि होगी।",जिसपर मेरी टिपण्णी ये थी "मेरे विचार से उपरोक्त कार्य हेतु इन्हे टूल्स की पहुंच सुलभ करवाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।" .प्रथम दृष्टया आर्यावर्त जी का ये कहना कि "मैं इस कार्य (मुखपृष्ठ समाचार) के लिए प्रबन्धक नहीं बना" की बजाय ये कहते की "मैं इस कार्य (बर्बरता आदि से लड़ने) के लिए प्रबन्धक बना हु " तो ये ग़लतफ़हमी नहीं रहती।दूसरा, प्रबंधक भी सामान्य सदस्य ही होता है और विकी आनंद के लिए ही कार्य करता है अतः जिसकी जो रूचि हो ,वही कार्य ही अच्छे से और मन लगा कर करे। हां यदि कोई सदस्य /प्रबंधक अपनी रूचि के ना होते हुए भी कोई कार्य करने हेतु आगे आता है तो उनका स्वागत,अभिनन्दन और धन्यवाद। अतः समुदाय ही प्रबंधको की स्वरुचि को ध्यान में रखते हुए कार्य विभाजन/आग्रह करे तो अच्छा (मैं पुनः कहूंगा की ये सदस्य/प्रबंधक की स्वरुचि एवं विशेषज्ञता पर आधारित होना चाहिए ,थोपा नहीं जाना चाहिए ):स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 13:34, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    नमस्कार! मैं ज़रा दिल्ली से बाहर भ्रमण पर गया था, अतएव अनुपस्थिति के कारण कुछ विलम्ब हुआ- क्षमाप्रार्थी हूँ। (और इसी बीच ये विवाद खड़ा हो गया) वैसे तो स्वपनिल जी ने उद्धरण करके सारगर्भित उत्तर दिया है, और मैं भी उसे बढ़ाते हुए यह और कहना चाहूंगा कि:
    • प्रबन्धक नामांकन करते हुए चाहे किसी विशेष या कई कार्य विशेष का उल्लेख किया गया हो, किन्तु अभी तक किसी नामांकन सफ़ल होने को सशर्त नहीं बनाया गया है कि अमुक व्यक्ति अमुक कार्यविशेष हेतु चुना गया है। ये तो अपनी रुचि अनुसार अभ्यास बन जाता है और फिर अनलिखा, अनकहा दायित्व बन जाता है। किन्तु फिर भी अन्य दायित्वों से मुख नहीं मोड़ सकते हैं।
    • आर्य*जी द्वारा कथित वाक्यांश अक्षरशः न देखकर उसके मूल को समझ लेना चाहिये (हालांकि ये बात उनके वाक्यांश के समर्थन में नहीं है, किन्तु कई अन्य सन्देहों का लाभ (benefit of doubt) देते हुए अनदेखा किया जा सकता है बशर्ते कि ये भी ध्यान रखें कि इसकी पुनरावृत्ति न करें व दायित्वों के अतिव्यापन को भी समझें। ये भी भली-भांति समझें कि सभि दायित्व मोटे तौर पर सभी प्रबन्धकों के हैं। वो तो अपनी अपनी सुविधानुसार हमने बांट लिये हैं, किन्तु यदि कोई गलती होती है तो आरोप सभी पर समान रूप से पहुंचता है। मूल दायित्व अवश्य उसी का है जिसने ले रखा है, किन्तु ये सुविधामात्र है, इसे लिखा या बोला नहीं जाना चाहिये- बस समझा जाता है कि अमुक कार्य अमुक प्रबन्धक देखता है। उदाहरण के लिये यदि प्रमुख चित्र संबंधी कार्य में कुछ समस्या है तो मुझे बतायें, किन्तु यदि कोई गलती हो तो अन्य सदस्य
      • किसी भी प्रबन्धक को कह सकते हैं,
      • कोई भी प्रबन्धक उसे सुधार सकता है।
      • किसी भी प्रबन्धक का अन्य सदस्य को ये कहना उचित नहीं होगा कि ये मेरा कार्य नहीं है, अथवा मैं प्रमुख चित्र, आदि के लिये नहीं बना हुं। (वैसे दायित्व मेरा ही है, गलती का दोषी भी मैं ही होऊंगा)
    इसी प्रकार आर्य जी के मूल कार्य जिनका उल्लेख स्वपनिल जी ने किया है, उनमें कहीं कोई कमी नहीं मिली है, बस अपनी लेखनी को थोड़ा बुद्धिदान व धैर्य दान दें कि वो उन्हें इस प्रकार के विवादों से बचा सके। आशा है कि मैंने कुछ ऐसा नहीं लिखा है कि इनके बाद मैं भी किसी ऐसे विवाद में स्वयं को खड़ा पाऊं। शेष सर्वसम्मति एवं स्वविवेक: सादर --आशीष भटनागरवार्ता 23:17, 15 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    ┌──────────────────────────┘
    आशीष जी, स्वप्निल जी और गॉड्रिक की कोठरी जी, आप लोगों के कथनों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि जयप्रकाश जी द्वारा नामांकित लेखों को हटाकर उन्होंने अपनी इच्छा का कार्य नहीं किया। मैं स्वयं भी अतिव्यापन का पक्षधर हूँ लेकिन अतिव्यापन बहुत अधिक मात्रा में नहीं होना चाहिए। फिर भी मोटे तौर पर कार्य का विभाजन आवश्यक है। मेरा सभी प्रबन्धकों से निवेदन है कि अपनी रूचि के अनुरूप अपने कार्यों के बारे में लिखें। मैं मेरे अनुसार एक छोटा सा विभाजन कर रहा हूँ, यदि किसी को समस्या हो तो लिखें :

    • अजीत जी: अस्थायी प्रबन्धक हैं, अतः उनके प्रबन्धन कार्य को विस्तार की आवश्यकता है। नियमावली के 2, 5 और 7 पर काम करेंगे।
    • आर्यावर्त जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। नियमावली के नियम 1 और 3 पर काम करेंगे।
    • आशीष जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। नियम 2, 4 और मुखपृष्ठ से सम्बंधित बदलाव, जैसे मुखपृष्ठ चित्र, निर्वाचित लेख आदि।
    • हिंदुस्थान वासी जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। नियम 1, 3, 5, 7 पर काम करेंगे।
    • अनिरुद्ध जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। नियम: इन्ण्टरफेस सुधार से सम्बंधित सुधार, सामान्यतः वो सुधार जो हम अन्य प्रबन्धक नहीं कर सकते।
    • अनामदास जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। नियम 4, 5 और मुखपृष्ठ से सम्बंधित बदलाव, जिनमें समाचार, क्या आप जानते हैं आदि हैं।
    • संजीव कुमार (मैं स्वयं): स्थायी प्रबन्धक। नियम 2, 3, 5 पर सीधे काम करता हूँ। नियम 6 पर कुछ साथियों की मदद से काम कर सकता हूँ जिनमें SM7 जी, स जी और जयप्रकाश जी शामिल हैं। चूँकि SM7 जी ने प्रबन्धन दायित्वों से सेवानिवृत्ति ली है अतः यदि वो कभी भी वापसी चाहें तो उन्हें नियम 6 पर काम करने के लिए दिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि स जी को भी इस कार्य हेतु लगाया जाना चाहिए।
    • माला जी: स्थायी प्रबन्धक हैं लेकिन सक्रियता नगण्य होने के कारण कुछ विशेष कार्य नहीं दिया जा सकता और उन्हें सभी कार्यों पर अतिव्यापित रखा जाये।
    • चक्रपाणी जी: स्थायी प्रबन्धक हैं। मुझे इनका भी नहीं पता कि प्रबन्धक क्यों बने लेकिन जहाँ तक ज्ञात है, मुखपृष्ठ को चलायमान बनाने के लिए प्रबन्धक बने थे तो उन्हें भी निर्वाचित लेख बनाना और अन्य मुखपृष्ठ से सम्बंधित कार्य दे दिये जाने चाहियें।
    • Sanjeev bot (मतलब मेरा बॉट खाता): स्थायी बॉट-प्रबन्धन खाता। कोई भी प्रबन्धन कार्य जो बॉट से करना आसान हो। उदाहरण के लिए बड़ी मात्रा में लेखों को हटाना। बड़ी मात्रा में लेखों को सुरक्षित करना आदि।

    मैंने ये अन्तिम विभाजन नहीं है केवल मेरे अनुमान हैं। यदि किसी को इससे ऐतराज हो तो वो भी नीचे लिखें। इसके अतिरिक्त कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में थोड़ा इधर-उधर भी काम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कोई भी काम करने में अन्य प्रबन्धकों से राय ली जा सकती है। कुछ अन्य कार्यों से भी (समय के साथ) दक्षता प्राप्त करने के बाद हाथ बंटाया जा सकता है। यदि उपरोक्त कार्य किसी परिणाम तक पहुँचता है तो सम्बंधित सूची भी अद्यतन कर दी जायेगी। इसके अतिरिक्त यदि कोई नियम नियमावली में शामिल नहीं है और प्रबन्धकों को लगता है कि शामिल होना चाहिए तो उसे भी नियमावली में शामिल कर लिया जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 03:57, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    • मुझे इस तरह के वक्तव्य और विभाजन दोनों पर आपत्ति है। हमारे सर्वप्रिय प्रबंधक अनामदास जी कई बार चर्चाओं में (कम से कम एक बार विकिपीडिया पर और कई बार बाहर) कह चुके हैं कि वे मुखपृष्ठ के लिए प्रबंधक हैं। मुझे आज तक इसका मतलब समझ में नहीं आया। "मुखपृष्ठ को चलायमान बनाने के लिए प्रबन्धक" जैसा कुछ पहले भी कहा गया था और मैंने तब भी पूछा था कि प्रबंधक कम होने से इसमें किस प्रकार बाधा पड़ती है, या ख़ास इसी के लिए प्रबंधक बना दिए जाएँ तो कैसे यह चलायमान रहेगा? अनामदास जी से चाहूँगा कि वे भी यह उक्ति थोड़ा स्पष्ट करें। आर्यावर्त जी से भी अनुरोध है कि वे थोड़ा प्रकाश डालें कि उनके वक्तव्य का क्या आशय है कि वे मुखपृष्ठ के लिए प्रबंधक नहीं बने। इसके बाद ही ऊपर के प्रस्ताव पर राय दे पाऊँगा, क्योंकि इस तरह के वक्तव्यों को थोड़ा और समझना चाहता हूँ।--SM7--बातचीत-- 04:14, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    • चूँकि, ऊपर मेरे प्रश्न का उत्तर दोनों प्रबंधकों ने नहीं दिया है, जितना मुझे इस चर्चा का उद्देश्य समझ में आया मैं अपनी आपत्ति आगे रखता हूँ। इस विभाजन पर मुझे पहली आपत्ति तो यही है कि यह प्रबंधक दायित्व को सीमित करने का एक ऐसा विकल्प चुना जा रहा जिसे लागू कैसे करवाया जाएगा यह स्पष्ट नहीं है। उदाहरणार्थ, यदि कोई व्यक्ति तकनीकी कार्य हेतु प्रबंधक बनाया जाता है और वह बाद में किसी सदस्य को प्रतिबंधित कर देता है, अथवा किसी अवरोधित सदस्य पर से, अवरोध लगाने वाले प्रबंधक से बिना चर्चा किये अवरोध हटा देता है, तो क्या इसे प्रबंधक दायित्व का दुरुपयोग माना जाएगा? क्योंकि एक बार प्रबंधक बनने पर सभी उपकरण उसे स्वतः ही उपलब्ध होंगे। दूसरे, यदि कोई प्रबंधक एक या दो कार्य चुनता है, छह महीने तक वह कार्य कुशलता पूर्वक करता है, उसके बाद कोई और कार्य भी करने का इच्छुक होता है - तो क्या ऐसी दशा में उसे नए दायित्व हेतु पुनः नामांकन करना होगा? तीसरे जैसा कि इस चर्चा में कुछ लोगों ने इंगित किया है, प्रबंधक यहाँ पद के रूप में देखा जाता है, कई जगह नामांकनों पर चर्चा, स्वतः परीक्षित और पुनरीक्षक अधिकारों को प्रदान करने, हहेच में भाग लेने इत्यादि में प्रबंधक की राय को कुछ अधिक महत्व देने की परंपरा भी है। या तो यह परंपरा उचित/अनुचित है इस पर चर्चा कर लें और प्रबंधक को इन दशाओं में आम सदस्य जैसा ही मानें, या फिर यह तय करना पड़ेगा कि ऊपर के कार्य विभाजन के बाद किस कार्य करने वाले प्रबंधक की राय किस चीज में अधिक महत्व वाली मानी जायेगी। अगर इन चीजों को विभाजन में ही स्पष्ट नहीं किया जाता तो यह विभाजन बाद में और विवादों को जन्म देगा। वर्तमान रूप में मैं ऐसे विभाजन से असहमत हूँ। --SM7--बातचीत-- 10:31, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @SM7: आपने जो विचार व्यक्त किये हैं, वैसे विचारों से ही हिन्दी विकिपीडिया का विकास अटका पड़ा है। वास्तव में यहाँ उद्देश ये है कि सब लोग मिल कर कार्य करे। पर ऐसे विचारो से तो कभी एकता होने ही नहीं वाली। यहाँ आप दायित्व सीमित करने का तर्क दे रहे हैं। क्योंकि आपको लचिलापन चाहिये। परन्तु जब मैं शब्दों के प्रयोग, अंको के प्रयोग में लचिलापन चाहता हूँ, तो आप अनिवार्यता (अपने मतानुसार) ला देते हैं। अर्थात् जहाँ आपको लगे वहाँ सब लचिले नियम बनाए और अन्यत्र अनिवार्य? अंग्रेजी और अन्य विकिपीडिया में भी ऐसे कार्य होते हैं। कुछ लोग केवल चौपाल, नये पृष्ठ, बर्बरता, सहायता, प्रौद्योगिक सहायता इत्यादि में अपना कार्यक्षेत्र बना कर मिल कर कार्य करते हैं। अतः उनको बार्नस्टार भी वैसे ही देने की प्रथा है। जिस क्षेत्र में कार्य किया उसके लिये बार्नस्टार। इसका अर्थ ये नहीं कि चौपाल वाला बर्बरता दूर नहीं कर सकता। इसका अर्थ ये है कि, पहले आप अपना देखो और यदि समय है और लेख नहीं बना रहे हैं, तो अन्यत्र भी देखो। या आप बर्बरता में है और आपके दृष्टिपथ में सहायता के लिये कुछ आवेदन दिखे, तो वो न करने की बात नहीं है। विवाद तब होता है, जब आप अपने को ही उचित और सामने वाले को अनुचित घोषित करते हैं। जब दोनों उचित (दो शब्द, दो अंक, दो प्रबन्धक) हों, तो मात्र विचारों का भेद मानकर आगे बढ़ जाना चाहिये और एक दूसरे के विचारों पर आक्रमण नहीं करना चाहिये। अतः प्रस्तावक ने रुचि और क्षमता के अनुसार कार्यविभाजन की बात की है। न की अनिवार्यता के आधार पर। यहाँ विधान किसी बात को स्वीकारने का है परन्तु किसी बात को अस्वीकारने का नहीं। अतः कृपया विकास होने देवें। तब ही नये सदस्य आयेंगे और अच्छे प्रबन्धक बनेंगे। ॐNehalDaveND 14:45, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    NehalDaveND अभी आपको क्या लगता है, लचीलेपन के कारण विकास रुकता है या लचीलापन समाप्त करने के प्रयासों से? अंकों शब्दों पर यहाँ चर्चा नहीं हो रही लेकिन आप बार बार वहीँ घूम रहे। वर्तमान व्यवस्था ज़्यादा लचीली है या मुहीम चला कर देवनागरी अंक स्थापित करवाने या नीयत बाँध कर हिंदी में से उर्दू दिखने वाले शब्द बाहर निकालने के प्रयास लचीलापन हैं? हर तीसरे महीने एक बार अंक का मुद्दा उठा के समय नष्ट करना, इसके लिए विकिपीडिया से बाहर समूहों में लामबंदी करना, पूरे हिंदी प्रदेश में जिस अंक का प्रचलन अधिक है उसे दरकिनार करके "हिंदी की लिपि देवनागरी लिपि है" का तर्क देकर बार-बार एक अंक स्थापित करवाने का प्रयास करना, विकिपीडिया पर वर्तमान चर्चा प्रणाली को किनारे करके वाट्सएप पर समर्थकों का झुंड इकठ्ठा करना; इनमें से क्या आपको अधिक लचीला लगता है? ख़ुद हिंदी के विकास से संबंधित कोई संकीर्ण सोच को असली विकास के रूप में बार-बार प्रोजेक्ट करना और कोई आपसे असहमत हो तो उसे हिंदी विकिपीडिया के लिए कमनसीबी मानना, कौन सा कार्य लचीलेपन वाला है आपकी नज़र में? हर चर्चा में, चाहे जिस विषय पर चर्चा हो, अंक और शब्द रुपी तथाकथित विकास ले के पहुँच जाना और कुछ लोगों द्वारा सारा विकास न होना इसी कारण मानना, कुछ न समझ में आये तो आप कठपुतली किसकी हो पूछने लगना, इनमें से किससे चर्चा में व्यवधान होता है? मुद्दे पर बात करने की बजाय अपनी या अपने सामान विचार वालों की कुछ चाहतों मात्र को "विकास" कहकर हर मुद्दे में घुसेड़ने से चर्चा में निर्णय पर पहुँचना आसान होता है या मुद्दे पर बात करने से? क्या लगता है आपको दोनों तरह के लचीलेपन फायदेमंद ही हैं?
    जहाँ तक उक्त प्रस्ताव से असहमत होने की बात है, मैं लचीलापन चाहता नहीं हूँ, यह है। वर्तमान प्रस्तावित विभाजन इसे कम करेगा, जिसकी शुरूआत ही इस कारण हुई है कि "मैं फलां काम के लिए प्रबंधक नहीं हूँ"। रूचि और क्षमता के आधार पर कार्य करने की स्वतंत्रता पहले से ही थी; "मैं अमुक काम के लिए प्रबंधक हूँ" और और "मैं अमुक काम के लिए प्रबंधक नहीं बना हूँ" जैसे वक्तव्यों का नतीजा यह कि अब हम घोषित विभाजन पर उतर आये हैं; आप खुद सोच लें कि क्या अधिक लचीला था। --SM7--बातचीत-- 16:48, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    User:SM7, "देवनागरी अंक स्थापित करवाने या नीयत बाँध कर हिंदी में से उर्दू दिखने वाले शब्द बाहर निकालने के प्रयास लचीलापन हैं? " यहाँ भी आपने दो मुह वाली बात कर दी है। अन्य स्थान पर आपने कहा था कि कोई देवनागरी अंक के प्रयोग पर किसी को रोकता नहीं है। परन्तु वास्तविरता ये है कि देखों में देवनागरी के अंको को परिवर्तित कर दिया जाता है। उर्दू शब्दों के विषय में भी आपने अत्यन्त असत्य बोला है। मैंने कुछ लेखों के शीर्षक परिवर्तिक किये थे, क्योंकि मेरा उद्देश मात्र दोनों शब्दों के उपयोग पर था। परन्तु आप उसे विपरीत मार्ग पर ले गये। ये देकर मैंने क्षमा याचना भी की और कहा कि वो आप जो उद्देश से शीर्षक परिवर्तन समझ रहे हैं, वैसा नहीं है। मेरा उद्देश मात्र शब्दों के समान उपयोग पर था। फिर भी आपने उसे बहुत महान् क्षति के रूप में प्रदर्शित कर अपने प्रबन्धक होने का लाभ उठाया। मैं किसी भाषा, शब्द, अंक का विरोधी नहीं हूँ, ये मेरे मत से ही स्पष्ट है। मैंने शीर्षक परिवर्तिक किये उस पर क्षमा याचना की और उसके पश्चात् कभी विवाद हो ऐसा नहीं किया। परन्तु पीयूषजी और आप दोनों बारंबार अपने मत को प्रस्थापिकत करने के लिये शब्दों और अंको की राजनीति कर रहे हैं। मैं किसी के लेख में जाकर अपने रुचिकर शब्दों या अंको से परिवर्तन नहीं करता हूँ। में दोनों चाहता हूँ। जिसे जो प्रयोग करना है, वो करे, मात्र अशुद्ध प्रयोग न हो ये मेरा आग्रह है। आप अपने स्वार्थ के लिये यहाँ के वास्तविक स्वयंसेवक (आप के जैसे अपने मत को स्थापित करने वाले नहीं) का समय व्यर्थ कर देते हैं। विपरीत रूप से आप मुझ पर किसी एक पक्ष के प्रचार का और स्थापित करने का आरोप लगा देते हैं। वास्तविकता ये है कि, मैं अपने रुचिकर (परन्तु शुद्ध) शब्दों का प्रयोग करता हूँ और अन्यों के उर्दू, फारसी, अंग्रेजी या किसी अन्य शब्दों और अंको को परिवर्तित करने के विषय में सोचता भी नहीं हूँ। अतः आपके आरोप वहीं है जो मैंने आप पर सिद्ध किये हैं और आपके पास उसका उत्तर नहीं अतः आप वो मुझ पर लगा रहे हैं। ॐNehalDaveND 05:11, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    • मैं इस चर्चा का हिस्सा नहीं हूँ और ना ही सहमत। जिसे जो रुचि हो वहीं कार्य करते हैं। किसी को न तो बाध्य कर सकते हैं और न ही किसी कार्य को न करने पर स्पष्टता देने के लिए बाध्य कर सकते हैं। यहाँ पर सभी स्वयंसेवक हैं। चर्चाओं के बदले मैं अपने कार्य में ध्यान देना चाहूंगा। मेरी और से चर्चा समाप्ति की घोषणा करता हूँ।--आर्यावर्त (वार्ता) 04:30, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    चर्चा आपके नहीं आपके वक्तव्य के ऊपर है। स्वयंसेवक होने का तात्पर्य यह नहीं कि आप कुछ बोलें और उसके बाद कह दें कि आप आगे व्यस्त हैं और अपना कार्य कर रहे, चर्चा समाप्त। कम से कम अपने वक्तव्य को स्पष्ट तो कर ही सकते हैं थोड़ा समय निकाल कर। --SM7--बातचीत-- 04:38, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @SM7:कैसे दूसरों से प्रत्युत्तर पाने के लिये इतने तड़प रहे हैं आप? यहाँ दूसरों को भी प्रत्युत्तर दे देते, तो अच्छा था। ये विकि किसी ने अतिक्रान्त अवश्य कर रक्खा हो। परन्तु कभी न कभी ये अपने विशाल स्वरूप को अवश्य धारण करेगा। आर्यावर्तजी से प्रत्युत्तर पाने से पूर्व आपको उस प्रश्न का प्रत्युत्तर देना चाहिये। ॐNehalDaveND 02:22, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    NehalDaveND जी इतना तड़प तो नहीं रहा जितना आपको प्रतीत हो रहा है, हाँ इस तरह के वक्तव्यों को समझने की कोशिस ज़रूर कर रहा। नीचे आपकी टिप्पणी भी कुछ ख़ास समझ में नहीं आई, न ही यह कि अचानक आप किस कारण इधर-उधर हर जगह मुझे लक्ष्य करके बयानबाजी कर रहे। एक निंदा प्रस्ताव यहीं चौपाल पर अलग से लिख डालें मेरे बारे में और एक साथ ही आप और आप के साथीगण जो मुझसे बहुत परेशान हों अपने सभी गिले-शिकवे लिख डालें। समुदाय एक साथ आम सहमति से तय कर ले कि मुझे अवरोधित करना चाहता है या मेरे कार्यों के किन्ही उदाहरणों के आधार पर नए बनने वाले प्रबंधकों को कोई विशेष छूट देना चाहता। बाक़ी अगर उक्त दोनों प्रबंधक उत्तर नहीं देते तो जितना उनका वक्तव्य समझ में आया फिर उसी आधार पर चर्चा में आगे बढूँगा, आपकी तरह प्रत्युत्तर पाने के लिए अटके रहने का कोई इरादा नहीं है।--SM7--बातचीत-- 02:49, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @SM7: प्रत्येक बार एक बात को इधर-उधर घुमाना कोई आप से सीखें। मैंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया था, न कर रहा हूँ, जो किसी को आहत करे। परन्तु बारंबार प्रश्न को टालने पर भी प्रत्युत्तर न मिले तो सामने वाले की मनसा पर प्रश्न उठता है। कैसे आप यहाँ "अपने वक्तव्य को स्पष्ट तो कर ही सकते हैं थोड़ा समय निकाल कर।" आर्यावर्तजी को कह रहे हैं। तब मैं भी आप से और संजीवजी से यही कह रहा था। परन्तु तब तो आप भिन्न बातें कर रहे थे। अब भिन्न बात कर रहे हैं। मुझे किसी के विरुद्ध निन्दा प्रस्ताव पारित करवाने की आवश्यकता नहीं है। वो तो सदस्य ही निश्चित करेंगे। मैं सही से सम्पादन कर रहा था, मेरी क्षति क्या थी? मैंने कौन सा नकारात्मक कार्य किया था? त्रुटि सब से होती है और उसे सुधारने का भी प्रयास किया था मैंने। परन्तु बारंबार प्रबन्धक के रूप में आप से सहायता मांगने पर भी आप और संजीवजी टालते रहे। अभी भी यही कर रहे हैं। ॐNehalDaveND 05:57, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    [[NehalDaveND जी, मैंने कोई वक्तव्य नहीं दिया था जिस पर आपने स्पष्टीकरण माँगा हो। आपके प्रश्नों का उत्तर क्यों कदापि नहीं दूँगा यह भी स्पष्ट रूप से लिखा था। आप अपने को सही साबित करने के लिए पुनरीक्षक पद छोड़ने का जो नाटक कर रहे थे हो सके तो उसे भी पुनः स्थापित कर लें जिस तरह आपने पुरानी चर्चा को पुरालेख से निकाला है, शायद समुदाय को बेहतर निर्णय तक पहुँचने में मदद हो जाए। मैं ऐसे दबावों के कारण आपके किसी सवाल का ज़वाब दूँ यह अब भी नहीं उचित समझता। नीचे की चर्चा में आप चाहें तो इसे उद्धृत कर लें और समुदाय से कार्रवाई करवा लें। और बेहतर होगा कि मुझे इधर-उधर न घुमाने का आदेश देने की बजाय खुद चिंतन करें कि आप इस चर्चा में इधर-उधर की बातें क्यों घुसेड़ रहे (आपने प्रबंधक नामांकन में अपने समर्थन में भी प्रस्तावक को पक्षपाती कहा है, कौन हर जगह एक ही मुद्दा ले के अटका हुआ है आप ही सोच लें)। यहाँ, इस अनुभाग में, इस चर्चा तक ही बातें करें। --SM7--बातचीत-- 10:01, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    ┌──────────────────────────┘
    :आदरणीय श्री @NehalDaveND: जी एवं @SM7: जी, कृपया इस चर्चा को कार्यविभाजन तक ही सीमित रहने दें तो बेहतर होगा। नेहल जी ने एकाधिक जगहों पर संपादन पूर्ववत किए जाने को लेकर अपनी चिंताएं और सवाल रखे हैंं। संबंधित सदस्यों को उनके जवाब जरूर देने चाहिए। साथ ही नेहल जी व्यक्तिगत आक्षेप की मुद्रा में जब तक बने रहेंगे तब तक स्वस्थ चर्चा संंभव नहीं है। पूर्वग्रह छोड़कर ही आपस में चर्चा की जानी चाहिए। मुझे संजीव जी का यह प्रस्ताव तब तक स्वीकार्य और सुविधाजनक लगता है जब तक कि किसी को अन्य कार्यों के लिए सीमित या अवरोधित न कर दिया जाय। मुझे किसी कार्य विशेष को करने में न तो अतिरिक्त रूचि है और न ही कार्यविशेष को लेकर कोई अनमयस्कता। जब जो भी कार्य आवश्यक लगेगा उसके लिए तत्पर रहूंगा। किसी भी सदस्य का यह कहना कि मैंने अमुक कार्य के लिए यह दायित्व नहीं लिया है एक चिंताजनक वक्तव्य है। आप भले ही उस कार्य में रुचि न रखते हों लेकिन आपका यह कहना आपके दायित्वबोध पर प्रश्नचिह्न लगाता है। तब जबकि आपने उक्त स्थल पर समीक्षा भी की हो। कार्यविभाजन यदि सुविधा और कार्यविशेष मेंं सदस्य की रुचि और दक्षता के आधार पर है तब तक स्वीकार्य है अन्यथा यथास्थिति रखी जाय और निर्णय सदस्य के विवेक पर छोड़ दिया जाय। धन्यवाद। (यहाँ के कुछ संपादन गलती से पूर्ववत हो गए थे उसके लिए क्षमा चाहूँगा।) -- अजीत कुमार तिवारी वार्ता 03:46, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    अजीत कुमार तिवारी जी, कृपया अपनी टिप्पणी से उस हिस्से को अलग से तारांकित (* ....) करके नीचे लिखे जिसमें आप ने मूल प्रस्ताव पर अपना मत दिया है। इससे स्पष्ट रहेगा कि आपने अपना मत कहाँ लिखा है और किसी अन्य व्यक्ति के मत पर टिप्पणी कहाँ लिखी। --SM7--बातचीत-- 04:39, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    • प्रबन्धक पद यहाँ कोई मन्त्री पद जैसा प्रतीत होता है। विपक्ष में आते ही मन्त्री किसी भी प्रकार अपने को उचित और सामने वाले को अनुचित घोषित करने के लिये प्रयत्नशील हो जाता है। उस समय उसे जनता (सामान्य सदस्यों, विकिनियमों) की सब से अधिक चिन्ता होने लगती है। स्वयं मन्त्री पद पर रह कर कितने सक्रिय होते हैं और कितने काम करते हैं, ये सब जानते हैं। उक्त प्रबन्धकों में अधिकांश ऐसे हैं, जो प्रबन्धक पद (लाल बत्ती) को धारण कर फिरते तो हैं, परन्तु इस लिये कि लाल बत्ती पर रुकना न पड़े। जब तक पद नहीं मिला, तब तक सक्रिय रहो, उसके पश्चात् निष्क्रिय हो जाओ। (कभी कभी आओ और नीकल लो) विकिपीडिया का नियम (संविधान) है, जितना हो सके उतना करो। ये नियम प्रबन्धक बनने के पश्चात् ही उपयोग में लिया जाता है अधिकांश द्वारा। कुछ लोग बोलते अधिक है, करते कुछ नहीं। नाम के प्रबन्धक। ऐसे में कार्य विभाजन करना अत्यन्त आवश्यक है। इसलिये नहीं कि एक कार्य अन्य नहीं कर सकता। अपि तु इस लिये कि लाल बत्ती वाले यान में बैठने के योग्यता है या नहीं। यहाँ कोई जनता तो है नहीं कि मत देकर अन्य को मन्त्री बना देगी। एक बार चयन हुआ तो वर्षो तक कार्य करो या न करो। सब कभी न कभी व्यस्त हो जी जाते हैं जीवन में, अतः अनिवार्य कुछ भी नहीं कर सकते हैं। परन्तु परस्पर सौहार्द से तो ये कार्य विभाजन करना ही चाहिये। इससे वास्तविक प्रबन्धक और नाम के प्रबन्धक का चित्र स्पष्ट हो जाएगा। वास्तव में अभी भी स्पष्ट ही है, परन्तु प्रमाण सहित बोल नहीं सकते। तो प्रमाण सहित विकिपीडिया के नियमानुसार बोलने का अवसर मिलेगा। चूंकि यहाँ मतदान कर पुनः चयन करने की व्यवस्था नहीं है, तो जनता (सामान्य सदस्य) को इतना अधिकार तो देना ही चाहिये। ये लोकतन्त्र नहीं, ये बहुत अच्छा है। परन्तु लोगों से चले ये आवश्यक है। कोई माने या न माने परन्तु यहाँ प्रबन्धक का अधिकार विशिष्टता का बोध तो करवाता ही है। अन्यथा कोई बिना कारण बताए, कुछ कर दे और बारंबार विरोध करने पर कुछ बोला न जाए किसी अन्य प्रबन्धक या सदस्य द्वारा, ये शक्य नहीं है। तो उस विशिष्ट दायित्व के लिये योग्यता तो अविरत सिद्ध करते ही रहना चाहिये। प्रबन्धक बनने से पूर्व यदि कोई संस्कृतीकरण और उदूकरण के विरोधी या समर्थक हो, परन्तु जब वो प्रबन्धक बनता है, तो वो समर्थकों के लिये नहीं अपि तु हिन्दी विकिपीडिया के लिये प्रबन्धक बनता है। और हिन्दी विकिपीडिया हिन्दी भाषा पर निर्भर है। हिन्दी भाषा किसी एक प्रान्त में नहीं बोली जाती। अतः सब की भिन्न भिन्न पद्धति है। ऐसे मैं एक ही पद्धति उचित है (जौ मैं जानता हूँ, मानता हूँ और समझता हूँ) ये सोचना "कूप मंडूक" नीति होगी। व्याकरण के अनुसार, भाषा दृष्टि से और प्रायोगिक रूप से उचित है, तो वो उचित ही होगा। वहाँ आप किसी बात के विरोधी हैं, उसका प्रभाव डालना न केवल प्रबन्धक पद के लिये, अपि तु हिन्दी विकिपीडिया के लिये (यदि वास्तव में अपने मत का विस्तार नहीं करने आये तो) हानि कारक होगा और हो रहा है। अस्तु। ॐNehalDaveND 05:45, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: लगता है आप यह समझ पाये कि यह चर्चा हो क्यों रही है। वैसे कोई बात नहीं मैं भी प्रारम्भ में नहीं समझ पाया था। पहले तो मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आर्यावर्त जी ने पिछले दो समाचारों के नामांकन में बार बार यह कहा कि वे मुखपृष्ठ अद्यतन के लिये प्रबंधक नहीं बनें। जब प्रबंधक से कोई गलत कार्य होता है तो जवाबदेही सभी प्रबंधकों की होती है। अगर उन्हें मुखपृष्ठ अद्यतन में रूचि नहीं है तो कम से कम वहाँ बिना नियमावली पढ़े अपनी निजी राय नहीं देनी चाहिये। मेरे बिप्लब कुमार देब, नेफियू रियो तथा कॉनराड संगमा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले समाचार अद्यतन के समय व्हाट्सएप्प सदस्य दल पर उन्होंने लेख में 3-4 लाल कड़ीयों का हवाला दिया और इसे मुखपृष्ठ पर लाने का विरोध किया और फिर कहा कि नियम मैं नहीं जानता मगर यह मेरी राय है।(आप स्वयं यहाँ नियम पढ़ सकते हैं) मैंने उन्हें सुझाव भी दिया कि अगर वे अपने राय को नियम में लाना चाहते हैं तो चौपाल पर प्रस्ताव रखें मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया।(हालाँकि समाचार में आने वाले लेख में अत्यधिक लाल कड़ीयों मैं भी विरोधी हूँ) फिर वहाँ यह भी कहने मैं मुखपृष्ठ अद्यतन के लिये प्रबंधक नहीं बना। एक बार फिर से स्टीफन हॉकिंग की खबर पर यही कहा और साथ में यह भी कहा मैं मुखपृष्ठ अद्यतन के लिये प्रबंधक नहीं बना। इसीलिये संजीव जी को कार्य विभाजन का मुद्दा उठाना पड़ रहा है। उम्मीद है आप समझ गये होंगे कि यह लाल बत्ती और विधायकों की चर्चा नहीं है। अब साथ में यह भी उम्मीद करता हूँ कि आर्यावर्त जी अपनी चूक को सुधारेंगे। हम सभी उनके शुभ चिन्तक ही हैं। सादर!--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 10:31, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @Godric ki Kothri: किसको, क्यों, कौनसा मुद्दा उठाना पड़ा ये मुझे पता है। अब आप किसकी कठपूतली हैं, ये कृपया बता देवें। या ये बता देवें आप क्यों अनावश्यक मुझे नासमझ सिद्ध करना चाहते हैं? यहाँ जो अंश लिखे हैं, उसमें स्पष्ट है कि कार्य विभाजन की चर्चा हो रही है और मैंने कार्य विभाजन पर ही बात की है, उसके साथ साथ मेरे मत का कारण भी लिखा है। अभी आप अच्छे शुभचिन्तक बने हैं। बने रहें, परन्तु कभी वास्तविक अन्याय होता है, तब भी शुभचिन्तक बनें, तो हिन्दी विकिपीडिया के शुभचिन्तक माने जाएँगे। यहाँ, यहां भी थोड़ा शुभचिन्तक बनें। @Hindustanilanguage: जी ने किसी अन्य प्रबन्धक के शब्दों को तोड़ मरोड़ कर मार्गान्तरण देने का प्रयास किया और वहीं मैंने उनका प्रयास निरस्त कर दिया। फिर भी वो कहते हैं कि विषयान्तर हो रहा है। उसके पश्चात् वो "अदर्शनं लोपः" हो गये। अब आप शुभचिन्तक जी मैं मुद्दा समझा नहीं करके मेरे विचारों पर ही प्रश्नार्थ लगा कर विषान्तर का (अप्रत्यक्ष) आरोप लगा रहे हैं। मैंने तो जो संजीवजी ने प्रस्ताव किया उस पर ही मत दिया, जिस में कुछ विषयान्तर नहीं है। अतः शुभचिन्तक महोदय आप किसी नवीन प्रबन्धक के कुछ कहने पर उन पर मित्र बनकर आक्रमण करने से बचें। आर्यावर्त जी की त्रुटि जो भी रही हो या उनको भी लपेटने का प्रयोस हो रहा हो, वो परिष्कार और प्रतिकार के लिये सक्षम हैं। आशा करता हूँ आप मेरे विचारों को इस बार अच्छे से समझ पाएंगे। अस्तु। ॐNehalDaveND 12:43, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: धन्यवाद आपके उत्तर का! वैसे जब आपका Hindustanilanguage जी के साथ यह विवाद हुआ था तब मैं विकिपीडिया पर सक्रीय नहीं था। अगर सक्रीय होता तो शत प्रतिशत इस मुद्दे पर आपको समर्थन देता। किसी प्रबंधक की कुछ कमी है तो इंगित करना सदस्यों का कर्तव्य है ताकी आगे जाकर यह बड़ा विवाद न बनें। अगर आप इसे कठपुतली व्यवहार कहेंगे तो कहिये। और हाँ, आर्यावर्त जी इसे सुधार लेंगें मेरा ऐसा विश्वास है। और आप किसे नया प्रबंधक कह रहें है संजीव जी तब से प्रबंधक हैं जबसे मैंने २०१३ में संपादन करना प्रारम्भ किया था। संजीव जी ने मुझसे इस चर्चा में उत्तर मांगा था क्योंकि मैंने स्वयं आर्यावर्त जी का प्रबंधक पद के लिये समर्थन किया था।--गॉड्रिक की कोठरी (वार्ता) 13:10, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार:जी पुरातन प्रबन्धक और सदस्य है, मैं उनकी बात नहीं कर रहा था। जैसे आर्यावर्तजी के लिये संजीवकुमारजी इतना कष्ट उठा रहे हैं, कदाचित् वो पीयूषजी के लिये भी उठा लेते, तो अच्छा था। स्मजी हो या अनामजी सब अन्यों के वर्तन में परिष्कार चाहते हैं, परन्तु अपने "कूप मंडूक" नीति के लिये मौन धारण कर लेते हैं। क्या उनको पता नहीं कि हिन्दी विकिपीडिया में विवाद क्यों हो रहा है? परन्तु ये सब तब ही सक्रिय हो जाते हैं, जब उनकी विचारधारा के विपरीत कोई कार्य हो रहा हो, चाहे वो हिन्दी विकि के अनुसार ही क्यों न हो रहा हो। निर्वाचित लेख के लिये कोई व्यक्ति बारंबार निवेदन करता है कि समीक्षा कर लेवें कृपया। तब नहीं आते, परन्तु जैसे ही उस लेख को निर्वाचित घोषित करो, ये जागृत हो जाते हैं। तब संजीवकुमारजी कहाँ थे? क्या अब सक्रिय हो कर ये आर्यावर्तजी को प्रबन्धक बनने का अप्रत्यक्ष पाठ पढा रहे हैं? तो पीयूषजी ने जब बिना कारण दिये सन्दर्भों, श्रेणीयों, शीर्षकों को हटाया तो वे कहाँ थे? क्या केवल एक प्रान्त के लोगों को हिन्दी लिखने का अधिकार है? जहाँ प्रबन्धक रहते हैं, क्या उसी प्रान्त के लोगों को विकिपीडिया में सक्रिय रहना चाहिये? बाकि सब क्या करे? इसे चाहे कोई विषयान्तर कहे परन्तु वास्तविकता ये है कि, नवीन प्रबन्धक की त्रुटि को व्यक्तिगत रूप से समझाने के स्थान पर उसे विस्तार दे कर ये सिद्ध किया जा रहा है कि वो इस पद के लिये योग्य नहीं है। अतः मेरा कहना कहीं से भी विषयान्तर नहीं है। यदि यहाँ बोल रहे हैं, तो वहाँ भी बोलना चाहिये था। इतना भी पक्षपात क्यों? ॐNehalDaveND 14:27, 16 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: आप शायद एक सकारात्मक चर्चा करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वर्तमान में यह मूल विषय से हटकर है। आपको हमला/आक्रमण पर अथवा आतंकी हमले और अन्य हमले पर चर्चा चाहिये तो नया अनुभाग निर्मित करें। आपको वहाँ उत्तर अवश्य मिलेग।☆★संजीव कुमार (✉✉) 05:56, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार:जी, आप से प्रत्युत्तर की आशा है। उसके साथ साथ कार्यवाही की भी आशा है। निम्न अनुभाग में चर्चा अविरत कर सकते हैं, क्योंकि वो चर्चा अपूर्ण थी और उसे पुरालेख में डाल दिया गया था, जो अनुचित ही था। अस्तु। ॐNehalDaveND 06:06, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    चर्चा भाग २

    उपरोक्त विषय पर सभी प्रबन्धकों (अन्तिम सम्पादन के क्रम में: आर्यावर्त जी, अजीत जी, पीयूष जी, आशीष जी, अनिरुद्ध जी, माला जी, अनाम जी और चक्रपाणी जी) से अनुरोध है कि अपना पक्ष रखें। ध्यान रहे, आपका कथन लघु और सारगर्भित हो तो लाभदायक होगा। यदि कोई प्रबन्धक इसमें अपना मत नहीं रखना चाहे तो कृपया उसका भी कारण दें जिससे स्थिति को स्पष्ट करने में आसानी रहे।☆★संजीव कुमार (✉✉) 05:56, 17 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    SM7 जी, आपके उपरोक्त अनुभाग के प्रश्नों के मैं उत्तर दे रहा हूँ:
    1. ये विभाजन किसी तरह की दृढ़ सीमा अंकित नहीं करता और इसके लिए उपर टिप्पणियों में लिखा हुआ भी है।
    2. उदाहरण का उत्तर: यदि कोई प्रबन्धक ऐसा करता है तो उनके पास इसका उचित कारण होगा। कई बार वैश्विक प्रबन्धक भी ऐसा काम करते हैं जबकि विशिष्ट विकि पर वो ऐसे नहीं करते। किसी भी सदस्य को प्रतिबन्धित करने का कारण होना आवश्यक है।
    3. यदि प्रबन्धक आपस में चर्चा के बिना एक दूसरे के फैसले को बदलेंगे तो अवश्य ही यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा लेकिन केवल ऐसे एक-दो फैसलों को दुरुपयोग की श्रेणी में रखना उचित नहीं है। बार-बार ऐसा करना प्रबन्धन अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
    4. प्रबन्धन अधिकारों में अपने कार्य क्षेत्र को बढ़ाने के लिए किसी तरह के नामांकन की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए बस अन्य प्रबन्धकों के साथ सलाह अथवा प्रबन्धक सूचनापट पर सन्देश छोड़ना पर्याप्त होगा।
    5. जो प्रबन्धक जिस क्षेत्र में काम करेगा, उसको उसके लिए विशिष्ट माना जाना चाहिये लेकिन इसकी भी कोई दृढ़ सीमा निर्धारित नहीं हो सकती।
    उपरोक्त में सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उपरोक्त विभाजन किसी प्रबन्धक को किसी काम तक सीमित रखने के लिए नहीं है बल्कि किसी विशेष स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रबन्धक से बात करना आसान रहे। अब जैसे शुभम जी के प्रबन्धनकाल में मैं बेहिचक हर विषय पर उनसे सलाह ले लेता था क्योंकि वो कभी भी किसी विषय पर ऐसा नहीं कहते थे कि वो इस कार्य के लिए प्रबन्धक नहीं बने। आपके प्रबन्धनकाल में भी मुझे आपसे कभी ऐसा सुनने में नहीं मिला (शायद)। लेकिन वर्तमान में यह बहुत सुनने में आ रहा है। अतः कार्य विभाजन के पश्चात् यह स्पष्ट हो जायेगा कि उक्त कार्य के लिए सबसे उपयुक्त प्रबन्धक कौन है और ऐसे में सभी प्रबन्धकों के मुह की तरफ नहीं देखना पड़ेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:10, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: आपके उपरोक्त चर्चा में तर्क चर्चा से मेल नहीं खाते। आप एक तरफ लचीलेपन की बात करते हो और अपने ही कार्य पर आप कुछ शब्दों के साथ बन्धे हुये हो। आपने पुरालेख की चर्चा को चौपाल पर सीधे डालकर किसी भी तरह की विद्वता का परिचय नहीं दिया। आप इसके स्थान पर उस चर्चा की कड़ी देकर नयी चर्चा आरम्भ करते तो अच्छा होता। इसके अतिरिक्त आप व्यक्तिगत टिप्पणियों (जिन्हें व्यक्तिगत हमले भी कहा जा सकता है) पर आ गये हो जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। कृपया ठण्डे दिमाग से सोचें और निर्णय लें। आप बार-बार कूप-मंडूक की बात कर रहे हो लेकिन हमने तो हिन्दी में आजतक कूप-मंडूक नहीं सुना। अब आप यदि इसे हिन्दी कहकर इसी चर्चा को बर्बाद करने पर आ गये हो तो फिर मैं क्या कह सकता हूँ!☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:20, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    संजीव जी के 10:40 बजे वाले उपरोक्त कथन में बिंदु 1 से 5 तक मैं पूर्णरूपेण सहमत हूँ व आभारी भी की मुझे अब कुछ विशेष लिखने की आवश्यकता नहीं रही।
    हाँ, एक विचार है कि यदि भोपाल सम्मेलन में एक ताजी मिट्टी खोदकर अखाड़े के भी प्रबन्ध कर पाते तो... खैर छोड़े। मूल बात इतनी है कि अभी भी प्र.गण कार्य बिनकहे आवंटन पर ही रुचिनुसार कर रहे हैं, और कोई पक्की सीमा निश्चित नहीं है। तो मोटा मोटा यदि तय ही किया जाए, तो क्या बुराई है। कम से कम किसी को समस्या हो यो सम्बन्धित प्रबन्धक को ही सूचित करें। दूसरे ऐसे वक्तव्य देने से बचें की अमुक कार्य हेतु हूँ या नहीं हूं।
    मेरे विचार से, यदि सब सहमत हो🤗 तो चर्चा को विराम दें। --आशीष भटनागरवार्ता 04:07, 19 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @आर्यावर्त: चर्चा का मूल कारण ही आप ही हैं जो जगह-जगह कह देते हो कि मैं इस कार्य के लिए प्रबन्धक नहीं बना। स्वयंसेवक होना एक अलग बात है लेकिन आपको यदि प्रबन्धकीय कार्यों में कोई रूचि नहीं है तो उन अधिकारों के बिना भी स्वयंसेवक बने रह सकते हो। प्रबन्धक के रूप में एक जवाबदेही बनती है और आपको कोई भी काम करने से पहले उसके बारे में अच्छी निर्णय शक्ति का प्रदर्शन करना होता है। चूँकि प्रबन्धकों द्वारा किये गये कार्य नियम-स्थापना जैसे होते हैं अतः उनमें एक छोटी सी गलती समुदाय के लिए घातक होती है। अतः ऐसे लिखने का कोई तात्पर्य नहीं है कि आप इस चर्चा के भाग नहीं हो। हाँ, इसके आगे आपका मौन, आपकी स्वीकृति माना जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 03:29, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    आश्चर्य है संजीवजी कि आप किसी को बोलने के लिये इतना विवश कर रहे हैं। जब मैंने आपको कहा था कि कृपया इसका स्पष्ट समाधान करें, तो आप तो मौन रहे थे। आपका मत भी था कि ऐसा नहीं करना चाहिये, फिर भी तब आप बहुत दूर होने की बात करके मौन रहे थे। तब स्वयंसेवक (व्यस्त) के रूप में आप कुछ न बोले और आज कोई स्वयंसेवक चर्चा नहीं करना चाहता या "व्यस्त" है, तो उसे विवश कर रहे हैं? आपने कहा कि, "आपके उपरोक्त चर्चा में तर्क चर्चा से मेल नहीं खाते। आप एक तरफ लचीलेपन की बात करते हो और अपने ही कार्य पर आप कुछ शब्दों के साथ बन्धे हुये हो। " बान्ध तो आप मुझे रहे हैं। मैं तो दोनों शब्दों के उपयोग में मानता हूँ। (प्रमाण) आप ही हैं, जो कह रहे हैं। नहीं एक जो प्रचलित शब्द है या आपको पता है वैसे शब्दों का प्रयोग करो। मैंने कही ऐसा नहीं कहा कि अमुक शब्द का ही प्रयोग करो। आपने कहा कि "आप बार-बार कूप-मंडूक की बात कर रहे हो लेकिन हमने तो हिन्दी में आजतक कूप-मंडूक नहीं सुना। अब आप यदि इसे हिन्दी कहकर इसी चर्चा को बर्बाद करने पर आ गये हो तो फिर मैं क्या कह सकता हूँ!" चर्चा आप अनिर्णित कर रहे हैं। आप वो ही चर्चा करना चाहिये हैं, जहाँ आपको लगता है कि आप लोगों के मन की बता होगी। अतः में चर्चा को व्यर्थ नहीं कर रहा। आप सर्वदा एक बात समझते हैं कि आप जो आपने नहीं सुना या नहीं किया वो दूसरा भी न करे। परन्तु आप भूल जाते हैं कि आप हिन्दी के सर्वज्ञ नहीं है। आपने कूप मंडूक नहीं सूना इसका अर्थ ये नहीं कि वो हिन्दी का भाग नहीं है। अनेको उदाहरण हैं यहाँ यहाँ और अनेके हैं। कुछ अच्छा न लगे तो कृपया इस बच्ची से तो सीख ही लेवें। अब ये न कहना कि विडियो में जो बोलो जाता है, वो प्रमाण नहीं होता है। अभ्यासक्रम बहुत होते हैं और उस बच्ची के हिन्दी के अभ्यासक्रम में ही कूप मंडूक की कविता है। वो हिन्दी ही बोल रही है। और आपने कहा कि "आपने पुरालेख की चर्चा को चौपाल पर सीधे डालकर किसी भी तरह की विद्वता का परिचय नहीं दिया। आप इसके स्थान पर उस चर्चा की कड़ी देकर नयी चर्चा आरम्भ करते तो अच्छा होता।" आप को जितना ज्ञान है उस पर आप सब सदस्यों के शब्द और अंक प्रयोग निर्धारित कर रहे हैं, विद्वत्ता तो आप दिखा रहे हैं। मेरा कार्य तो मात्र अनुभवहीनता का प्रतीक है। आप ये मानना छोडे की आपको जो ज्ञात नहीं, वो भी हिन्दी में हो सकता है, तब आप भी विद्वत्ता प्रदर्शित कर पाएंगे। ॐNehalDaveND 05:36, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: क्योंकि वहाँ पर चर्चा का कारण मैं नहीं था अतः मैं इस कारण चुप था क्योंकि मैं ऐसे विषयों कि अधिक जानकारी नहीं रखता तथा उसमें अन्य विकिपीडिया प्रकल्पों पर देखें तो "आतंकी" के किसी भी पर्याय को काम में नहीं लिया। इसके यदि आपको इस बारे में चर्चा चाहिये तो आप नीचे नया अनुभाग आरम्भ करें। यहाँ मैं आर्यावर्त जी को बार-बार चर्चा में लाने का प्रयास इसलिये कर रहा हूँ क्योंकि उन्ही के कथनों के कारण मुझे यह चर्चा आरम्भ करनी पड़ी अतः उनका विचार रखा जाना आवश्यक है और उसपर तार्किक बहस भी जरुरी है अन्यथा इसपर बनी नियमावली उनके विरोध में हो सकती है। वहाँ आपकी चर्चा में आपको हिन्दी के विशेषज्ञों से सहायता लेनी थी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:24, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार: "अन्यथा इसपर बनी नियमावली उनके विरोध में हो सकती है।" ये धमकी देकर आप क्या सिद्ध करना चाहते हैं? जैसे अङ्कों का विषय समुदाय के आम-सहमति से अभी तक अनिर्णित है, वैसे ही इसके भी अनिर्णित रहने से क्या हानि है? जैसी शीघ्रता आप इस विषय पर बता रहे हैं, जब कि यहाँ भी आम-सहमति नहीं बनती दिख रही, तो क्यों आप नियमावली की धमकी दे रहे हैं? क्या आपने आरम्भ की है चर्चा तो सदस्यों को अनिवार्य रूप से चर्चा करना अनिवार्य हो जाता है? और दूसरों की चर्चा का कोई महत्त्व नहीं है? ॐNehalDaveND 11:36, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @NehalDaveND: आप समझने का प्रयास किये बिना ही विवाद पैदा करने की इच्छा रखो तो उसका कोई मूल्य नहीं है। चर्चा किसने आरम्भ की, इसका महत्त्व नहीं होता। चर्चा तार्किक ढ़ंग से चल रही है या नहीं। उस पर सर्वसम्मति बन रही है या नहीं? इस पर निर्भर करता है। यदि कोई सदस्य चर्चा में भाग नहीं लेता है तो उसके लिए नियमावली बनने से नहीं रुकेगी लेकिन यदि अंको की चर्चा पर सदस्य अपना मत रख रहे हैं और उन सभी में भिन्नता है तो उसका महत्त्व है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:55, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    @संजीव कुमार: जी, "यदि कोई सदस्य चर्चा में भाग नहीं लेता है तो उसके लिए नियमावली बनने से नहीं रुकेगी" आपने प्रबन्धक पद का जो दुरुपयोग किया है, बॉट को अनेकों बार अपने मत के विस्तार के लिये चालाकर सम्पूर्णतः विकिपीडिया को अपने (सीमित ज्ञान के) अनुकूल बना दिया है। उसके सन्दर्भ में नियमावली तो अब बनने से रही। क्योंकि मुझे यहाँ से धकेलने के लिये सम्पूर्ण समुदाय सज्ज है,(अतः मौन है) परन्तु आपको तो सब इतना प्रेम करते हैं कि आपकी त्रुटि को ईङ्गित करना तो छोड़ो, कुछ चर्चा के लिये भी नहीं आ रहे। अब आपने सहमति दे दी है कि अधिकार हटाया जाए और सब मौन रहे तो क्या मैं नियमावली बना दूं कि आप पद त्याग कर त्रुटिपूर्ण सम्पादनों के लिये सज्ज हैं और मौन समुदाय भी? ॐNehalDaveND 11:46, 25 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    मुझे लगता है उपरोक्त विभाजन पर किसी भी प्रबन्धक को कोई ऐतराज नहीं है। अतः चर्चा को जल्दी ही समाप्त करके प्रबंधक नियम और दायित्व पर अद्यतन कर दिया जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:15, 28 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    SM7 को प्रश्न

    यह चर्चा पुरालेख से यहाँ पर लायी गयी थी। लाने वाले सदस्य ने कोई कारण नहीं दिया था। इस अनुभाग को लाने के लिये किया गया सम्पादन इस कड़ी से देखा जा सकता है। सदस्य ने यह चर्चा 06:03, 17 मार्च 2018 (UTC) को स्थापित की लेकिन स्वयं ने अब तक (अर्थात् चर्चा स्थापित करने के १० दिन बाद तक) इसका कोई कारण नहीं बताया अतः चर्चा को मूल पुरालेख में अपने पुराने स्वरूप में पुनः स्थापित किया गया है। पुरालेख में चर्चा की कड़ी पुरालेख ५० पर देखी जा सकती है। चर्चा स्थापित करने वाले सदस्य का सदस्य नाम NehalDaveND है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 03:59, 27 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    आपकी कार्यवाही से सहमत। त्रुटि स्वीकारता हूँ कि केवल कड़ी देनी थी। परन्तु आशा है आप जो प्रत्युत्र देने वाले थे, वो अब यहाँ इस अनुभाग में देंगे। ॐNehalDaveND 04:05, 27 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    कर्नूल जिला

    --हिंदुस्थान वासी वार्ता 17:39, 18 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला

    तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशालाओं की कड़ी में (जयपुर कार्यशाला २०१७ के बाद) भोपाल ,मध्य प्रदेश द्वितीय कार्यशाला प्रस्तावित है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें,प्रतिभागिता एवं प्रशिक्षण देने हेतु यहाँ देखे .मेटा पर प्रस्ताव हेतु यहाँ देखे।-स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 14:54, 20 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    चित्र:पेंच_नदी1.jpeg पृष्ठ को शीघ्र हटाने का नामांकन के विषय मे जानकारी वा कारण प्रदान करे l

    महोदय जी मैने " पेंच नदी " हिन्दी विकिपीडिया पृस्ठ के नाम से एक फोटो पेंच नदी उपलोड़ की थी जिसमे आप की ओर से आपत्ति आई है कृपया कारण बताए मैने फोटो के लिए Licence का use किया था फिर फोटो क्यों हटाई गयीl— इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक हैं -Prakash Satnami (वार्तायोगदान) 14:11, 21 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    हटाने का कारण लाइसेंस न होना ही दिया गया है। बाकी हटाने वाले प्रबंधक @आर्यावर्त: आपको और जानकारी दे पाएंगे।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 15:52, 21 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @Prakash Satnami: जी, नमस्ते। 14 दिन से अधिक समय के बाद भी लायसन्स की जानकारी न होने के कारण इसे नामांकन के बाद हटा दिया गया था। आपने लिखा है कि आपने लायसन्स की जानकारी जोड़ी थी परंतु चित्र में किसी भी लायसन्स की जानकारी नहीं थी, हो सकता है कि सही तरह से लायसन्स की जानकारी कैसे जोड़नी होती है ये आपको ज्ञात न हो। क्रिएटिव कॉमन्स लायसन्स के तहत उचित साँचे के साथ Creative Commans 3.0, 4.0 या किसी भी लायसन्स की जानकारी जोड़नी होती है। यदि कृति आपकी नहीं है तो उचित उपयोग औचित्य जोड़ना होता है। इस विषय में आपको अधिक जानकारी चाहिए या कुछ भी पूछना हो तो आप किसी भी प्रकार की सहायता हेतु मेरे वार्तापृष्ठ अथवा यहाँ संपर्क कर सकते हैं। धन्यवाद।--आर्यावर्त (वार्ता) 02:57, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    रोमन बनाम देवनागरी अंक विवाद

    सभी को नमस्कार!

    ये विवाद बहुत बार उठ चुका है और अन्तिम बार इसे गत फ़रवरी माह में अन्तिम रूप देने व नीतिगत करने हेतु एक बहुमत निर्णय लेकर विकिपीडिया:अंकों की लिपि को बनाया गया था। अब इस विषय में पुनः कोई संशय नहीं रहना चाहिये, किसी को भी और कभी भी कि यथा संभव देवनागरी अंक ही प्रयोग किये जायेंगे, एवं सांचों में जहाम गणना हेतु रोमन अंकों की बाध्यता है, केवल वहां ही रोमन अंकों का प्रयोग किया जायेगा। इस बारे में कोई संशय नहीं रहना चाहिये और विशेषकर मुखपृष्ठ पर तो रोमन अंकों को वर्जित ही किया जाना चाहिये क्योंकि ये तो हिन्दी विकिपीडिया की पहचान है। किन्तु वर्तमान मुखपृष्ठ निर्वाचित लेख एवं समाचारों में रोमन अंकों का धड़ल्ले से प्रयोग हुआ है। इन अंकों को देवनागरी में बदलने पर पूर्ववत कर दिया गया और कारण एकतरफ़ा निर्णय बताया गया है।

    मुझे इसका आशय समझ नहीं आया और न ही तरीका। क्या बार बार और हर बार ये नीति प्रत्येक के कान में फ़ूंकनी होगी? इस बारे में गंभीर एवं अन्तिमतम निर्णय लिया जाये। वैसे तो निर्णय पहले ही लित्या जा चुका है किन्तु उक्त प्रबन्धक शायद इस नीति से अनभिज्ञ हैं। अब संभव है कि उनके बारे में (बिना नाम के) यहां सन्दर्भ हुआ हो तो एक अन्य पूर्व प्रबन्धक पुनः उठ खड़े हों, इस आपत्ति के साथ कि मैंने ये सन्देश उक्त प्रबन्धक के निजी वार्ता पर क्यों नहीं डाला। जबकि इस बात का उत्तर भी पिछली बार दे चुका हूं, और इस बार सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे को उठाना मेरा आशय था, जिससे कि यह नीति स्पष्ट रूप से सभी ध्यान में रख लें और आगे कोई संशय की संभावना न रहे। अन्यथा दोगली नीति के साथ कार्यकलाप मुश्किल होंगे।

    कुछ उर्दु के हिन्दुस्तानि बोली में प्रयुक्त शब्दों के बारे में हम ढील बरत सकते हैं, किन्तु देवनागरी अंकों के स्थान पर रोमन अंक का प्रयोग तो एकदम ही त्याज्य होना चाहिये। इसका कारण उर्दु हिन्दी की सहोदरी भाषा होना एवं हिन्दुस्तानी बोली में आम बोलचाल में बहुप्रयौक्त होना है। किन्तु रोमन का प्रयोग देवनागरी की हत्या के समान होगा। ऐसा मेरा मानना है। शेष सर्वसम्मति। अतः निवेदन है कि अधिकतम प्रबन्धकगण इस बारे में मंशा व्यक्त कर एकसमय निर्णय पर मुहर लगा दें जिससे आगे किसी प्रकार की कोई सन्देह की संभावना न रहे। आशीष भटनागरवार्ता 07:01, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    हिंदुस्थान वासी जी, इस oldid=3685851 के बारे में आपका क्या ख्याल हैं। क्या यह एक तरफ था? आपसे अनुरोध हैं कि उत्तर हाँ या ना में मिलेगा तो स्पष्ट रहेगा।-जयप्रकाश >>> वार्ता 07:11, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @Jayprakash12345: वहाँ सारांश में सबकुछ लिखा हुआ है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:18, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुझे नहीं लगता कि अंक-विवाद जैसा कोई विवाद हमारे यहाँ है। ये वैसा ही है जैसे कुछ राजनीतिक दल विपक्ष में होने पर सता पक्ष के लिये और सता पक्ष में होने पर विपक्ष के लिए मुद्दों को गलत तरिके से प्रस्तुत करते रहते हैं जिससे आम जनता का ध्यान भटका रहे और वो अपने मूलभूत अधिकारों को भी भूलते रहें। यहाँ पर अंक समस्या का समाधान बहुत पहले ही हो चुका है और प्रदर्शन में दोनों तरह के अंक प्रदर्शितकिये जाते हैं। विकिपीडिया के मुखपृष्ठ पर ०-९ वाली कड़ी को छोड़कर सभी स्थानों पर अरबी अंक प्रदर्शित होंगे। यदि किसी लेख में सम्पादकों को महसूस होता है कि वहाँ पर नागरी अंक प्रदर्शित किये जा सकते हैं और ऐसा ही हाल रोमन अंकों का है। मुझे नहीं लगता कि रोमन अंक हिन्दी विकिपीडिया पर प्रदर्शित करने की कभी परम्परा रही है अतः रोमन अंकों को बीच में लाने पर अपभ्रष्टता और अधिक फैलने लगेगी और उन्हें सामान्य रूप में पढ़ने में भी समस्या रहेगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:26, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    संजीव कुमार जी, उत्तर स्पष्ट नहीं नहीं। क्या एकरूपकता लाने के लिए मैं भी अंक बदल सकता हूँ। अगर यह सच है तो बहुत अच्छी बात हैं।--जयप्रकाश >>> वार्ता 10:36, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    इसमे मेरा मत यह है कि ज्ञानसन्दूक, साँचो तथा उन सभी जगहों छोड़कर जहाँ गणितीय गणनाये होती हैं, यथासम्भव नागरी अंक ही इस्तेमाल करने चाहिये। हाँ अगर किसी को यह लगता है कि नागरी अंक पढ़ने में पाठकों को समस्या आयेगी तो उसके लिये हम अंक परिवर्तक का विकल्प बड़े आकर में दर्शा सकते हैं, या वहाँ पर बड़ा बड़ा अंक परिवर्तन हेतु यहाँ क्लिक करें जैसा कुछ विकल्प डाल सकते हैं।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 10:38, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]

    हिंदी विकिपीडिया में लिखे जाने वाले लेखो की लिपि यदि देवनागरी है तो अक्षर/शब्द और अंक दोनों में वही लिपि प्रयुक्त होनी चाहिए। "प्रचलन" का तर्क देकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जाता रहा है। गणना के भागो को छोड़कर अन्य सभी जगह नागरी अंक प्रयुक्त किये जाने चाहिए और उन्हें किसी भी सूरत में रोमन में बदलने का प्रयास तो होना ही नहीं चाहिए।और गणना वाले भाग के लिए भी सम्मिलित रूप से फैब्रीकेटर पर आवेदन दिया जाना चाहिए।बाकी जिन्हे नागरी अंक पढ़ने अथवा लिखने में परेशानी होती है उनके लिए अंक परिवर्तक की सुविधा है ही।हमारा सम्मिलित प्रयास होना चाहिए की रोमन अंको को नागरी में परिवर्तित करे ,यदि किसी कारण ऐसा ना भी हो पा रहा हो तो कम से कम नागरी के अंको को रोमन में करने का प्रयास तो कतई नहीं होना चाहिए।इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न ना बनाया जाये ऐसी आशा। :स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 11:13, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @Jayprakash12345: एकरूपता की बात केवल मुखपृष्ठ (अरबी अंक) और निर्वाचित लेखों (लेख लिखने वाले सदस्यों की इच्छा अथवा कुछ विशेष कारणों के अनुसार निर्धारण) पर होती है। अन्य लेखों में भी यह एकरूपता हो कि उस लेख में सभी अंक एक जैसे हों। यहाँ तक मुझे नहीं लगता किसी को भी समस्या होगी लेकिन सर्वत्र समानता करना मुश्किल है। इसको और अधिक स्पष्ट करने के लिए मैं कुछ और उदाहरण दे देता हूँ: हम iPad को तो आइपैड अथवा ऐसे ही नागरी अक्षरों में लिख लेंगे लेकिन यदि मिथेन के राशायनिक सूत्र को देवनागरी लिपि में कैसे लिखोगे? हमने तो सदैव CH4 ही पढ़ा है। अब आप इसका उच्चारण जरूर दे सकते हैं कि मिथेन एक कार्बनिक योगिक है जिसका राशायनिक सूत्र CH4 है जिसे सीऍचफोर पढ़ते हैं लेकिन राशायनिक सूत्र को सीऍचफोर नहीं लिख सकते। जब हम केवल हिन्दी वर्णमाला से ही सभी काम नहीं कर सकते तो अंको पर बहस करने से पहले कृपया इन राशायनिक सूत्रों की पहेली को हल करें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 12:18, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    वैसे सीएच अथवा कओ को भी विकल्प के रूप में देखने में बुराई नहीं है। लेकिन ऐसा करने से पहले कार्बनिक रसायनों की आईयूपीएसी नामपद्धति के बारे में जान लेना अच्छा रहेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 12:21, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    @संजीव कुमार: जी, कार्बनिक रसायनों की आईयूपीएसी नामपद्धति का इससे कोई सम्बन्ध नहीं है कि आप सीएच लिखते हैं अथवा सीएच4 अथवा CH4 । एक ही यौगिक का अंग्रेजी, फ्रेञ्च और जर्मन में नाम अलग-अलग होते हैं और फिर भी IUPAC के नियमों के अनुरूप होते हैं। यह देखें - Lost in Nomenclature Translation । --अनुनाद सिंह (वार्ता) 16:43, 23 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    संजीव जी क्षमा चाहूंगा परन्तु यहाँ विषय का भटकाव हो रहा है ,सभी सदस्य जानते है की मूल अंग्रेजी शब्द जैसे मीथेन,फैब्रीकेटर,विकिपीडिया,सर्वर आदि अथवा रासायनिक सूत्र जैसे CH4 का देवनागरीकरण नहीं होगा ,न कोई करेगा।मुद्दा मात्र अंको का है। "केवल हिन्दी वर्णमाला प्रयुक्त हो " ऐसा भी किसी का हठ नहीं है,इतना लचीलापन हिंदी में सदैव से है। कोई भी "मात्र देवनागरी प्रयुक्त हो " ऐसा नहीं कह रहा है,अपवाद उसमे भी है। परन्तु जो मूल रूप से नागरी में है उसे बदल कर रोमन हो ये भी ठीक नहीं।वैसे आपका प्रश्न जय जी को था ,जिसपर मैंने अपने विचार रखे अतः क्षमा चाहूंगा । स्वप्निल करंबेलकर | Swapnil Karambelkar (वार्ता) 12:51, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    मुखपृष्ठ पर अंको में एकरूपता लानी ही हो तो इसे बदलकर देवनागरी में रखना चाहिए न कि इसे अरबी अंको में बदल दिया जाए। मुखपृष्ठ हिन्दी विकि का मुख है, मुख से ही पहचान होती है। जब तक हिन्दी देवनागरी में लिखी जाती है तब तक अंक भी लिखे जाते हैं। जिसको अंक समझ में नहीं आते उनके लिए अंक परिवर्तक का निर्माण किया गया है। जहाँ तक अंको की समस्या थी वो ये थी कि साँचे में गणना आदि में देवनागरी कार्य नहीं कर रहे थे और दूसरा कोई विकल्प न होने के कारण विवश होकर अरबी अंको का प्रयोग करना पड़ रहा था। किन्तु हिन्दी विकि में जिस देवनागरी लिपि में हिन्दी लिखी जाती है उसी के अंक को देवनागरी से अरबी में बदलने हेतु संपादन किया जाए वो भी एक प्रबंधक के द्वारा ऐसा कार्य हो तो निश्वित रूप से हिन्दी विकि के लिए खतरनाक है। विरिष्ठ प्रबंधक द्वारा कार्य को ठीक करने पर एक और प्रबंधक आकर इसे एक तरफा निर्णय लिखकर वरिष्ठ प्रबंधक (यहाँ सभी सामान ही है किन्तु अनुभव की दृष्टि से वरिष्ठ) का संपादन पूर्ववत कर दिया जाए ये और भी खतरनाक है। अरबी अंको का समर्थन हिन्दी विकि में करना खतरनाक है। प्रबंधक स्वयं यदि ऐसा करते हैं तो औरों को भी प्रेरणा मिलती है। ये हिन्दी विकिपीडिया के हित में नहीं है।--आर्यावर्त (वार्ता) 14:51, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    इस विवाद के समापन के लिए निर्मित पृष्ठ पर देवनागरी अंको के समर्थन में लिखे गए शब्दो को इस संपादन द्वारा हटा दिया गया है। कृपया पुरानी चर्चाओ मैं हुए निर्णय के आधार पर उचित भावार्थ वाली नीति को वहां जोड़ें। Capankajsmilyo (वार्ता) 17:09, 22 मार्च 2018 (UTC)[उत्तर दें]
    • बजाय इसे विवाद कहने अथवा दोगली नीति कहने के, भूतपूर्व प्रशासक महोदय कृपया इसे ऐसे मुद्दे के रूप में देखें जिस पर समुदाय में आम सहमति नहीं है। ऊपर जिस अंतिम नीति का हवाला दिया गया है वो भी किसी आम सहमति का निर्णय नहीं है, बहुमत से अथवा मतदान से विकिपीडिया पर यदि नीति नहीं लागू होती, आम सहमति से होती है, जो इस मुद्दे पर नहीं है; जिस नीति का हवाला दिया गया वह इसपर खरी नहीं उतरती। जिस तरह उसे स्थापित किया गया (और अभी संपादित किया जा रहा) दोनों उचित नहीं, जबतक ऐसी कोई आम सहमति नहीं ऐसे नीतियों के पन्ने रखना भी लोगों को भ्रमित कर सकता है।
    रोमन अंक और अरबी अंक में शायद महोदय को कुछ कन्फ्यूजन है। अंगरेजी, स्पेनी, फ्रांसीसी इत्यादि भाषाएँ रोमन लिपि और विस्तारित लातिनी लिपि इत्यादि का प्रयोग करते हुए लिखी जाती हैं पर अंक गैर-रोमन और गैर-लातीन प्रयोग में लाये जाते। कृपया रोमन को अलग रखें। जो इसे तर्क मानते हैं कि हिंदी कि लिपि देवनागरी है इसलिए इसके अंक भी देवनागरी होने चाहियें उन्हें यह बिंदु ध्यान में रखना चाहिए।
    रही बात कुछ सदस्यों द्वारा देवनागरी अंक चाहने की तो सदस्यों को लेख में इनके प्रयोग से कोई नहीं रोकता। सीधी सी बात है, जिस चीज पर आम सहमति नहीं है केवल उसे लागू करने के लिए, जबकि कोई अन्य विशेष कारण न हो, संपादन करना उचित नहीं। यदि अंक बदलने के लिए संपादन किया जाता है तो यह बिलकुल उचित नहीं, आप जो खुद लिख रहे उसमें चाहे जो इस्तेमाल करें, पुराने लिखे वाले में अंक बदलाव करना कहीं से उचित नहीं ठहरा सकते। श्रेणी साँचे इत्यादि में जहाँ एक स्पष्ट एकरूपता है और देवनागरी अथवा अरबी (उस तरह के कार्य के लिए जिस भी) अंक का प्रयोग हो रहा उससे अलग हटके नई श्रेणियाँ साँचे निर्मित करना भी उचित नहीं। जिस बारे में आम सहमति नहीं है, उसे अपनी चाहत अनुसार बदलना विकि के सामान्य आचार-व्यवहार के ख़िलाफ़ है; अगर यह हरेक के कान में फूँक के भी समझाना पड़े तो समझाया जाना चाहिए।
    जहाँ तक अंतिम निर्णय तक पहुँचने का सवाल है, कई बार चर्चा हो चुकी है, उक्त चर्चाओं में जो तर्क दिए गए थे, जो स्थितियाँ गिनाई गयी थीं यदि उनमें कोई नया इज़ाफा, कोई नया बदलाव हुआ है तो बताएँ। अन्यथा