वासयोग्य क्षेत्र

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वासयोग्य क्षेत्र कहाँ है यह तारे पर निर्भर है (ऊपर-नीचे तारों का आकार है, दाएँ-बाएँ तारे से दूरी है)

खगोलशास्त्र में किसी तारे का वासयोग्य क्षेत्र (habitable zone) उस तारे से उतनी दूरी का क्षेत्र होता है जहाँ पृथ्वी जैसा ग्रह अपनी सतह पर द्रव (लिक्विड) अवस्था में पानी रख पाए और वहाँ पर जीव जी सकें।[1][2] अगर कोई ग्रह अपने तारे की परिक्रमा वासयोग्य क्षेत्र से ज़्यादा पास कर रहा है तो सम्भावना अधिक है के उसपर पानी उबल कर लगभग ख़त्म हो जाएगा और उस ग्रह के वातावरण का तापमान भी जीव-जंतुओं के लिए बहुत अधिक गरम होगा। अगर इसके विपरीत कोई ग्रह अपने तारे के वासयोग्य क्षेत्र से ज़्यादा दूरी पर होगा तो उस पर बहुत सर्दी होगी और अगर पानी मौजूद भी हुआ तो सख्त बर्फ़ में जमा हुआ होगा और तारे से मिलने वाला प्रकाश भी शायद इतना कमज़ोर होगा के उसकी उर्जा पौधे जैसे जीवों के लिया काफ़ी नहीं है।

किसी तारे का वासयोग्य क्षेत्र उस तारे से कितनी दूरी पर है यह बात उस तारे पर निर्भर करती है। अगर तारा अधिक तेज़ी से विकिरण (रेडीएशन) देता है और बड़ा है, तो उसका वासयोग्य क्षेत्र किसी छोटे या अधिक ठन्डे तारे से अधिक दूरी पर होगा।

गोल्डीलॉक्स क्षेत्र[संपादित करें]

"वासयोग्य क्षेत्र" को अंग्रेज़ी में "हैबिटेबल ज़ोन" (habitable zone) कहा जाता है। अंग्रेज़ी की मशहूर "गोल्डीलॉक्स" की कहानी से प्रेरित होकर इस क्षेत्र को कभी-कभी "गोल्डीलॉक्स ज़ोन" (Goldilocks zone) भी बुलाया जाता है।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Kopparapu, Ravi Kumar (2013). "A revised estimate of the occurrence rate of terrestrial planets in the habitable zones around kepler m-dwarfs". The Astrophysical Journal Letters. 767 (1): L8. arXiv:1303.2649. डीओआइ:10.1088/2041-8205/767/1/L8. बिबकोड:2013ApJ...767L...8K.
  2. Cruz, Maria; Coontz, Robert (2013). "Exoplanets - Introduction to Special Issue". Science. 340 (6132): 565. डीओआइ:10.1126/science.340.6132.565. अभिगमन तिथि 18 मई 2013.
  3. "The Goldilocks Zone" (Press release). NASA. October 2, 2003. Retrieved April 22, 2013.